Fact Check: तारों के जाल में हवा में लटकी कार का वायरल वीडियो फेक, AI की मदद से बनाया गया
एआई की मदद से वीडियो बनाकर यह झूठा दावा किया गया कि एक कार बिजली के तारों के जाल में फंस गई है। हमारी जांच में यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद साबित हुआ।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Oct 6, 2026 at 05:13 PM
- Updated: Oct 6, 2026 at 05:43 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इसमें एक फ्लाईओवर के नीचे एक कार को तारों के जाल में फंसकर हवा में लटके हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को सच मानकर कई न्यूज चैनलों और न्यूज वेबसाइटों ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर इसे पोस्ट किया है।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इस वीडियो की जांच की। यह फर्जी साबित हुआ। वायरल वीडियो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है। वायरल वीडियो जैसी कोई घटना नहीं हुई है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘पटना सिटी की आवाज’ ने 1 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया, “फ्लाईओवर के नीचे तारों के जाल में हवा में लटकी कार!”

इस वीडियो को जी न्यूज, दैनिक भास्कर हिंदी, पंजाब केसरी जैसे मीडिया प्लेटफॉर्म ने भी शेयर किया है।
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच की शुरुआत में सबसे पहले कीवर्ड सर्च किया। हमें किसी भी न्यूज वेबसाइट पर वायरल वीडियो से जुड़ी कोई खबर नहीं मिली।
इसके बाद हमने वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल्स से चेक किया। ‘हाइव मॉडरेशन‘ ने इसे 99.9 परसेंट से अधिक एआई-निर्मित बताया।

जांच को आगे बढ़ाते हुए वायरल वीडियो को हमने ‘मेटा एआई’ के डिटेक्टर टूल से चेक किया। इस टूल के नतीजों में बताया गया कि वायरल वीडियो में एआई सिग्नेचर हैं और इसे जेनरेटिव AI का इस्तेमाल करके बनाया गया है। 8 अगस्त, 2026 को एआई का यूज करके इस वीडियो को पहली बार बनाया गया था।

अधिक पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने वीडियो के कीफ्रेम को ‘imagewhisperer’ टूल पर चेक किया। इस टूल ने वीडियो के कीफ्रेम के एआई-निर्मित होने की संभावना जताई।

इसी तरह वीडियो के कीफ्रेम को ‘वॉज इट एआई’ से चेक किया गया, तो इस टूल ने भी इसे एआई-निर्मित बताया।

विश्वास न्यूज ने जांच के अगले चरण में वायरल वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें यही वीडियो 28 अगस्त 2026 की तारीख को एक इंस्टाग्राम हैंडल पर मिला। ‘bhau_mitra_mandal_parbhani’ नाम के इस हैंडल पर इस वीडियो को एआई-जेनरेटेड लिखकर पोस्ट किया गया था।

इस यूजर के इंस्टाग्राम अकाउंट को खंगालने पर हमें पता चला कि यह एआई न्यूज क्रिएटर है और एआई टूल्स से वीडियो बनाकर शेयर करता है। इसकी प्रोफाइल में इस बात की जानकारी दी गई है। इसके अलावा इस हैंडल पर मौजूद अधिकांश वीडियो एआई-निर्मित ही मिले। वायरल वीडियो जैसे कई वीडियो इस हैंडल से अपलोड किए गए हैं।

क्या है संदर्भ?
सोशल मीडिया पर अक्सर व्यूज के लिए एआई वीडियो वायरल किए जाते हैं। सामान्य तौर पर ऐसे वीडियो अकल्पनीय घटनाओं से जुड़े होते हैं। नेपाल की बाढ़ हो या फिर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन, अधिकतर मौकों पर एआई वीडियो वायरल किए गए। कई बार जानवरों के साथ अनोखी घटना के नाम पर एआई से बने काल्पनिक वीडियो वायरल किए गए। विश्वास न्यूज ने समय-समय पर ऐसे वीडियो की जांच करके पाठकों के सामने सही जानकारी रखी है। इन फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां क्लिक करके पढ़ा जा सकता है।
जांच के अंत में फर्जी वीडियो वायरल करने वाले यूजर की जांच की गई। यूजर के प्रोफाइल को स्कैन करने पर हमें पता चला कि इसे फेसबुक पर 12 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर पटना का रहने वाला है। यह अकाउंट फरवरी 2026 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। एआई की मदद से वीडियो बनाकर यह झूठा दावा किया गया कि एक कार बिजली के तारों के जाल में फंस गई है। हमारी जांच में यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद साबित हुआ।
- Claim Review : फ्लाईओवर के नीचे तारों के जाल में हवा में लटकी कार!
- Claimed By : FB User Patna City ki Awaz
- Fact Check : झूठ
- AI Detection Tool Hive Moderation
- AI Detection Tool Meta AI
- AI Detection Tool Image Whisperer
- AI Detection Tool Was It AI
- Post of IG@bhau_mitra_mandal_parbhani
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