Fact Check: सेना और कश्मीर पर संजय दत्त ने नहीं दिया बयान, डीपफेक वीडियो पाकिस्तान से किया गया वायरल
विश्वास न्यूज की जांच में संजय दत्त का वायरल वीडियो फेक साबित हुआ। एआई की मदद से संजय दत्त के असली वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके क्लोन आवाज जोड़ी गई है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Oct 8, 2026 at 04:13 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त का एक कथित वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इसमें उन्हें कथित रूप से भारतीय मुसलमानों की स्थिति, सरकारी संस्थानों और सेना के भगवाकरण और कश्मीर पर बोलते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इस वीडियो की जांच की। यह डीपफेक साबित हुआ। वायरल वीडियो में संजय दत्त की फेक आवाज का इस्तेमाल किया गया है। वायरल वीडियो जैसा कोई बयान संजय दत्त ने नहीं दिया है। पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया यूजर्स संजय दत्त के फेक वीडियो को वायरल कर रहे हैं।
शेखर सुमन के शो ‘Shekhar Tonite’ में संजय दत्त ने जरूर कहा था, “भारत में अब शांति का अनुभव नहीं होता।” इसके बाद दत्त के इस बयान को लेकर उन्हें काफी ट्रोल किया गया। बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि शो में उन्होंने जो कहा वह पहले से स्क्रिप्टेड था। वह उनके व्यक्तिगत विचार नहीं थे।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Pakistancyberforce.2’ ने 5 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए अंग्रेजी में दावा किया, “Sanjay Dutt: “Won’t let Indian Muslims face the pain my mother suffered. Institutions and the army belong to the nation, not one color. Kashmir’s future must be decided by its people.”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले ‘Shekhar Tonite’ यूट्यूब चैनल को खंगाला। वहां हमें 2 अक्टूबर, 2026 को अपलोड किया हुआ पूरा वीडियो मिला। इस वीडियो को पूरा देखने से यह स्पष्ट हुआ कि संजय दत्त ने वायरल वीडियो वाली बात इस शो में नहीं कही थी।
इस एपिसोड को देखने से यह तो स्पष्ट हो गया कि संजय दत्त का वायरल वीडियो फेक है। जांच को आगे बढ़ाते हुए वायरल वीडियो को ध्यान से देखा गया। इसमें संजय दत्त के होंठ और आंखों के मूवमेंट सामान्य नहीं दिखे। इसी तरह पोडियम का माइक भी अजीब दिखाता है। इससे हमें वीडियो के एआई-निर्मित होने का शक हुआ।

इसी आधार पर विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करने का निर्णय किया। सबसे पहले वायरल वीडियो को ‘Nvidia’s synthetic video detector’ टूल की मदद से चेक किया गया। इसके एनालिसिस में वायरल वीडियो को 97.3% सिंथेटिक होने का स्कोर मिला। निष्कर्ष में बताया गया कि इसका सिंथेटिक स्कोर थ्रेशोल्ड (30% से) अधिक है। इसका मतलब है कि वीडियो के सिंथेटिक या AI-निर्मित होने की संभावना है।

अधिक पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने वीडियो को ‘Hive Deepfake Detection’ की मदद से चेक किया। इसकी एनालिसिस में वीडियो को डीपफेक बताया गया।

डीएयू ने वीडियो के ऑडियो को ‘हाइव एआई ऑडियो डिटेक्टर’ की मदद से चेक किया। इसकी एनालिसिस में पहले 10 सेकंड और 20 से 30 सेकंड वाले हिस्से को एआई-निर्मित बताया गया।
‘Aurigin AI’ से चेक करने पर वीडियो के ऑडियो का 0-5 सेकंड वाला हिस्सा 97% और 10 से 34 सेकंड वाला हिस्सा 87% एआई संभावित साबित हुआ।

संजय दत्त के वायरल वीडियो को ‘हिया’ से चेक करने पर इसके एनालिसिस ने ऑडियो को सिंथेटिक बताया।

क्या है संदर्भ?
संजय दत्त ने शेखर सुमन के टॉक शो ‘Shekhar Tonite’ के दौरान एक बयान दिया था, जिसके बाद काफी बवाल हुआ था। संजय दत्त ने इस एपिसोड में कहा था, “इस देश के लोग बहुत प्यारे हैं। यहां शांति होनी चाहिए। मुझे अब अपने देश में वैसी शांति महसूस नहीं होती। हम भारतीय बड़े दिलवाले और मेहमाननवाज लोग हैं… मैं शिवजी से प्रार्थना करता हूं कि वे दिन जल्द वापस आएं।” ‘नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर 4 अक्टूबर 2026 को पब्लिश एक रिपोर्ट में इसके बारे में विस्तार से पढ़ा जा सकता है।
बाद में बवाल मचने पर संजय दत्त ने 4 अक्टूबर 2026 को अपने एक्स हैंडल पर सफाई दी। इसके बाद उनकी ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया।
न्यूज एजेंसी ‘आईएएनएस’ ने 5 अक्टूबर 2026 को संजय दत्त का सफाई देने वाला वीडियो पोस्ट किया था।
जांच के अंत में संजय दत्त का फर्जी वीडियो शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की जांच की गई। यूजर पाकिस्तान का रहने वाला साबित हुआ। यह अकाउंट अगस्त 2026 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में संजय दत्त का वायरल वीडियो फेक साबित हुआ। एआई की मदद से संजय दत्त के असली वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके क्लोन आवाज जोड़ी गई है। संजय दत्त ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि वायरल वीडियो में उन्हें बोलते हुए दिखाया गया है।
- Claim Review : संजय दत्त ने सेना के भगवाकरण और कश्मीर पर दिया विवादास्पद बयान।
- Claimed By : FB User Pakistancyberforce.2
- Fact Check : झूठ
- Video Posted by YT@ShekharTonite, Date 2 Oct 2026
- AI Detection Tool Nvidia’s synthetic video detector
- AI Detection Tool Hive Deepfake Detection
- AI Detection Tool Aurigin AI
- AI Detection Tool Hiya
- News Report by Navbharat Times, Date 4 Oct 2026
- Post by X@duttsanjay, Date 4 Oct 2026
- Post by X@ians_india, Date 5 Oct 2026
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