Fact Check: नेपाल बाढ़ आपदा में मलबे में दबी बच्ची को बचाया गया, लेकिन वायरल वीडियो एआई-निर्मित है
नेपाल में आई बाढ़ की त्रासदी के बाद बचाव अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने रसुवा जिले के टिमोरे में एक बच्ची को मलबे से निकाला है, लेकिन इस घटना से जोड़कर वायरल हो रहा वीडियो एआई-निर्मित है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Sep 1, 2026 at 06:40 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ की त्रासदी में जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। बचाव अभियान के तहत नेपाल के सुरक्षाकर्मी कई लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाल भी रहे हैं। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें सुरक्षाकर्मियों को एक बच्ची को मलबे से निकालते हुए और बाद में उसे सूप पिलाते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि नेपाल के रसुवा जिले के टिमोरे गांव में सुरक्षाकर्मियों ने आपदा के तीन दिन बाद कीचड़ में दबी एक बच्ची को बचाया।
विश्वास न्यूज ने वायरल दावे की जांच की तो पता चला कि नेपाल के सुरक्षाबलों ने रसुवा जिले के टिमोरे से मलबे में दबी बच्ची को बचाया है, लेकिन इस दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो एआई-निर्मित है।
क्या है वायरल पोस्ट?
एक्स यूजर ‘Ajit Singh Rathi’ ने 31 अगस्त 2026 को एक वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) किया है। इसके साथ में लिखा है, “नेपाल : यह देखना किसी चमत्कार से कम नहीं था, तीन दिन बाद मौत को पीछे हटना पड़ा और जिंदगी जीत गई। तीन दिन तक आपदा के कीचड़ में दबी छह साल की बच्ची को नेपाल के सुरक्षा बलों ने रेस्क्यू किया। घटना नेपाल के रसुवा जिले के टिमोरे गांव की है। बाढ़ और भूस्खलन के मलबे में दबी रहने के बाद छह साल की बच्ची मनीषा को जिंदा बाहर निकाला गया।”
पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को ध्यान से देखा। इसे दो क्लिप्स को मिलाकर बनाया गया है। इसमें पहली क्लिप में बच्ची को मलबे से निकालते हुए दिखाया गया है, जबकि दूसरी क्लिप में बच्ची को सूप पिलाते हुए दिखाया गया है। इसके कीफ्रेम को गूगल लेंस पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर एक्स यूजर ‘Tibetan Frontline’ के अकाउंट पर वीडियो का लंबा वर्जन (आर्काइव लिंक) मिला।
वीडियो में मलबे से बच्ची को निकालते समय उसके मुंह के कुछ हिस्सों में मिट्टी लगी हुई नहीं दिखी। इससे हमें वीडियो के एआई-निर्मित होने का संदेह हुआ।

हमने दोनों क्लिप्स को अलग-अलग करके उन्हें चेक किया।
पहली क्लिप
इसे हमने एआई डिटेक्शन टूल ‘हाइव मॉडरेशन’ से चेक किया। इसमें इसे 77 प्रतिशत एआई-संभावित बताया गया।

अधिक पुष्टि के लिए हमने वीडियो को अपने सहयोगी ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (DAU) के साथ शेयर किया, जो ‘ट्रस्टेड इन्फॉर्मेशन एलायंस’ (TIA) की एक पहल है। DAU की टीम ने इसके कीफ्रेम को ‘AIorNot’ से चेक किया। इसमें वीडियो को 95 प्रतिशत एआई-संभावित बताया गया।

‘वाजइटएआई’ ने इसके कीफ्रेम या उसके कुछ हिस्सों के एआई से बने होने की कुछ संभावना जताई।

दूसरी क्लिप
हमने दूसरी क्लिप को ‘बिट माइंड’ से चेक किया तो इसने वीडियो के एआई से बने होने की 75 प्रतिशत संभावना जताई।

हमने इस क्लिप के कीफ्रेम को ‘AIorNot’ से चेक किया तो इसके 61 फीसदी तक एआई टूल से बने होने की संभावना जताई गई।

DAU की टीम ने इसके कीफ्रेम को ‘वाजइटएआई’ से चेक किया। इसमें वीडियो के कीफ्रेम के एआई से बने होने की संभावना जताई गई।

डीएयू के एनालिसिस के अनुसार, वीडियो के एक कीफ्रेम में एक व्यक्ति के हाथ कीचड़ में मिले हुए दिखाई दे रहे हैं। असल में जब हाथ पर कीचड़ लगता है तो वह हाथ ऊपर से चिपका होता है, लेकिन यहां उंगलियां और हथेलियां कीचड़ में मिलकर एक हो गई हैं।

वहीं, दूसरी क्लिप में एक जगह बैकग्राउंड में मौजूद दो लोगों के चेहरे एक जैसे हो जाते हैं।

इससे पता चलता है कि वायरल वीडियो एआई टूल्स की मदद से बनाया गया है।
इसके बाद हमने इस बारे में गूगल पर कीवर्ड से सर्च किया। नेपाल के ‘आर्म्ड पुलिस फोर्स’ के फेसबुक पेज से 29 अगस्त 2026 को एक बच्ची के बचाव अभियान का वीडियो पोस्ट किया गया था। इसके अनुसार, “नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स की टिमोरे रसुवा टीम ने नेपाली सेना के साथ मिलकर चलाए गए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 28 अगस्त को बाढ़ और भूस्खलन में दबी मनीषा मगर को सुरक्षित बाहर निकाला और हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया।”

ओरिजिनल वीडियो और एआई-निर्मित वीडियो में अंतर साफ देखा जा सकता है।

क्या है संदर्भ?
नेपाल में आई बाढ़ से जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की 1 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ”नेपाल में पिछले हफ्ते आई भयानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 987 हो गई है, जबकि 3,916 लोग अभी भी लापता हैं। कम से कम 279 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 111 का अभी भी इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नेपाली सेना की मेडिकल टीमों ने 2,740 लोगों का इलाज किया है और 11,800 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है। बचाव और राहत कार्यों के लिए नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 21 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
इस बारे में पूरी रिपोर्ट को ईकांतिपुर की वेबसाइट पर भी पढ़ा जा सकता है।
नेपाल के पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 31 अगस्त 2026 की शाम 6.30 बजे तक भारत के 183 नागरिक लापता थे।

एआई-निर्मित वीडियो को शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने अंत में स्कैन किया। नवंबर 2016 में बने इस एक्स अकाउंट के 22 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: नेपाल में आई बाढ़ की त्रासदी के बाद बचाव अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने रसुवा जिले के टिमोरे में एक बच्ची को मलबे से निकाला है, लेकिन इस घटना से जोड़कर वायरल हो रहा वीडियो एआई-निर्मित है।
- Claim Review : नेपाल के रसुवा जिले में सुरक्षाकर्मियों ने आपदा के तीन दिन बाद कीचड़ में दबी एक बच्ची को बचाया।
- Claimed By : X User- Ajit Singh Rathi
- Fact Check : भ्रामक
- X Post of Tibetan Frontline, Dated 31 Aug 2026
- AI Detection Tool Hive Moderation
- AI Detection Tool AIorNot
- AI Detection Tool Was It AI
- AI Detection Tool Bit Mind
- FB Post of Armed Police Force Nepal, Dated 29 Aug 2026
- News Report of The Kathmandu Post, Dated 1 Sep 2026
- News Report of Ekantipur, Dated 26 Aug 2026
- Nepal Tourism Department
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