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Fact Check: मेक्सिको के क्रेटर के अंदर नहीं बने हैं घर, AI निर्मित है वायरल तस्वीर

जांच में यह दावा फर्जी साबित हुआ कि मेक्सिको सिटी में मौजूद ज्वालामुखी के क्रेटर के अंदर लोगों ने घर बना लिए हैं। हालांकि, वहां खेती होती है और क्रेटर के बाहरी हिस्सों में आबादी रहती है। वायरल तस्वीर एआई की मदद से बनाई गई है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। मेक्सिको की राजधानी मेक्सिको सिटी के नाम पर एक तस्वीर तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि मेक्सिको शहर में आबादी इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि रहने की जगह की कमी के कारण लोगों ने निष्क्रिय ज्वालामुखी के क्रेटर में घर बना लिए हैं। वायरल तस्वीर में क्रेटर के अंदर बने हुए घरों को देखा जा सकता है। इस तस्वीर को सच मानकर सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने वायरल तस्वीर की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। जांच में पता चला कि इसे बनाने में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह पता चला कि मेक्सिको में क्रेटर के अंदर घर नहीं बने हैं, लेकिन वहां खेती की जाती है और बाहरी हिस्सों में आबादी रहती है।

क्या है वायरल?

फेसबुक पेज ‘The Great India’ ने 12 अगस्त 2026 को एक तस्वीर पोस्ट करते हुए दावा किया, “लगभग 2.5 करोड़ की विशाल आबादी वाले मेक्सिको सिटी में जमीन की भीषण कमी हो चुकी है. शहर के अप्रत्याशित विस्तार के कारण लोगों ने रिहाइश का अनोखा जरिया ढूंढ निकाला है—यहां एक शांत पड़े ज्वालामुखी के क्रेटर के भीतर ही बस्तियां, घर और खेल के मैदान तक बना लिए गए हैं. ऊंचे पठारी क्षेत्र में स्थित यह शहर चारों ओर से ज्वालामुखीय पहाड़ियों से घिरा है. जमीन की घटती उपलब्धता और तेजी से बढ़ती आबादी के बीच इंसानों ने ज्वालामुखी के ढलाणों और गड्ढों को रहने योग्य बना दिया है. प्रकृति की भयावहता और मानवीय जरूरतों का यह मेल वास्तव में हैरान कर देने वाला दृश्य प्रस्तुत करता है.”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसके आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है। इसे सच मानकर कई एक्स यूजर्स भी शेयर कर रहे हैं।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने सबसे पहले वायरल तस्वीर को गूगल लेंस टूल के जरिए स्कैन किया। हमें इससे मिलती-जुलती तस्वीरें कई वेबसाइट्स और सोशल मीडिया हैंडल्स पर मिलीं। इन सभी तस्वीरों को मेक्सिको के जिको ज्वालामुखी का क्रेटर बताया गया।

सर्च के दौरान हमें ‘शटरस्टॉक’ पर एक तस्वीर मिली। यहां भी इसे मेक्सिको के चाल्को स्थित जिको ज्वालामुखी का क्रेटर ही बताया गया है।

जांच के अगले चरण में हमने गूगल मैप्स का इस्तेमाल किया। यहां सर्च करने पर पता चला कि जिको क्रेटर मेक्सिको सिटी के दक्षिणी छोर पर स्थित है। यहां चेक करने पर हमें इसके अंदर की गई खेती जरूर दिखी, जबकि बाहर के इलाके में कुछ घर दिखे। इसे यहां क्लिक करके विस्तार से देखा जा सकता है।

मेक्सिको की वेबसाइट ‘mexicodesconocido’ के अनुसार, यह क्रेटर मेक्सिको के वैले डे चाल्को नगर पालिका में है। यहां 100 मीटर का गड्ढा है और इसका व्यास 1400 मीटर है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल फोटो को एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करना शुरू किया। सबसे पहले हमने ‘हाइव मॉडरेशन’ टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल की मदद से स्कैन करने पर 98% से ज्यादा संभावना इस बात की जताई गई कि वायरल तस्वीर एआई-जेनरेटेड है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने दूसरे टूल ‘साइटइंजन’ की मदद से फोटो को चेक किया । साइटइंजन के एनालिसिस में 99 फीसदी तक तस्वीर के एआई से बने होने के संकेत सामने आए।

इसके बाद हमने तीसरे एआई टूल ‘isitai’ का इस्तेमाल किया और इस टूल ने वायरल फोटो के एआई से बने होने की करीब 99 फीसदी संभावना जताई।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए मेक्सिको की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट वेरिफिकाडो की सह-संस्थापक और संपादकीय निदेशक लिलियाना एलोसेगुई से संपर्क किया। उन्होंने बताया, “मेक्सिको के ज्वालामुखी के नाम पर वायरल तस्वीर डिजिटली मैनिपुलेटेड है। निष्क्रिय क्रेटर के अंदर का हिस्सा पूरी तरह से खेती के लिए इस्तेमाल होता है, न कि घरों के निर्माण के लिए। हालांकि, क्रेटर के बाहरी हिस्से और ढलानों के आस-पास घनी शहरी आबादी है, लेकिन इसके अंदर घर नहीं बने हैं।”

क्या है संदर्भ?

मेक्सिको सिटी के पास स्थित ‘शिको क्रेटर’ (Xico Crater) एक प्राचीन शांत ज्वालामुखी का हिस्सा है। इसके क्रेटर में उपजाऊ मिट्टी होने के कारण यहां खेती होती है। वहीं दूसरी ओर, ‘एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका’ के अनुसार, मेक्सिको सिटी दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहरों में टॉप टेन में आता है। इसकी कुल आबादी 2.5 करोड़ से ज्यादा है।

जांच के अंत में फेक पोस्ट करने वाले फेसबुक पेज की जांच की गई। पता चला कि इस अकाउंट को 76 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट 2022 में बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा फर्जी साबित हुआ कि मेक्सिको सिटी में मौजूद ज्वालामुखी के क्रेटर के अंदर लोगों ने घर बना लिए हैं। हालांकि, वहां खेती होती है और क्रेटर के बाहरी हिस्सों में आबादी रहती है। वायरल तस्वीर एआई की मदद से बनाई गई है।

  • Claim Review : बढ़ती आबादी और जगह की कमी के कारण मेक्सिको में डेड ज्वालामुखी के क्रेटर में बनने लगे घर।
  • Claimed By : FB User The Great India
  • Fact Check : झूठ

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