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Fact Check: यमुना नदी में नहीं दिखा कालिया नाग, एआई से बनाया गया वीडियो किया गया वायरल

विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल वीडियो फर्जी साबित हुआ। यमुना नदी में कालिया नाग के नाम वायरल वीडियो को एआई की मदद से बनाया गया है।

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया पर इनदिनों एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इसमें कई फन वाले विशाल नाग को एक नदी में देखा जा सकता है। वीडियो में कुछ लोगों को भी देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यमुना नदी में कालिया नाग दिखाई दिया है।

विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल वीडियो एआई निर्मित साबित हुआ। इस वीडियो में कोई सच्‍चाई नहीं है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर ‘The Factlife’ ने 16 जनवरी 2026 को एक पोस्‍ट करते हुए लिखा, “यमुना नदी में फिर दिखाई दिया कालिया नाग। क्या यह कलयुग के बढ़ते प्रभाव का संकेत है? हाल ही में यमुना नदी में कालिया नाग के दिखाई देने की खबर ने पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भय और जिज्ञासा का वातावरण बना दिया है। पुराणों के अनुसार कालिया नाग वही विषैला सर्प है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने अपने बाल रूप में यमुना से बाहर खदेड़ा था और उसके घमंड को चूर किया था। ऐसे में आज के समय में उसका पुनः दिखना लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि क्या यह केवल एक प्राकृतिक घटना है या फिर कलयुग के बढ़ते प्रभाव का कोई आध्यात्मिक संकेत। कई संतों और भक्तों का मानना है कि जब-जब धर्म कमजोर होता है, तब-तब प्रकृति भी असामान्य संकेत देने लगती है। यमुना नदी, जो कभी पवित्रता और जीवन की प्रतीक थी, आज प्रदूषण और उपेक्षा का शिकार है। शायद यह दृश्य हमें चेतावनी दे रहा है कि यदि हमने धर्म, प्रकृति और संस्कृति की रक्षा नहीं की, तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं। वहीं कुछ लोग इसे केवल अफवाह या सामान्य जीव-जंतु की उपस्थिति मानते हैं, लेकिन आस्था की दृष्टि से यह घटना लोगों को भक्ति, आत्मचिंतन और प्रकृति संरक्षण की ओर प्रेरित कर रही है। सच चाहे जो भी हो, यह दृश्य हमें रुककर सोचने का संदेश जरूर देता है।”

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों लिखा है। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल वीडियो को सबसे पहले ध्‍यान से देखा। पहली नजर में ही वीडियो में दिख रहा दृश्य काल्पनिक नजर आया। वीडियो की सत्‍यता जानने के लिए हमने इंटरनेट पर मौजूद कई एआई डिटेक्शन टूल की मदद ली। इन ऑनलाइन टूल्‍स की मदद से वीडियो को चेक किया गया।

सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को हाइव मॉडरेशन टूल की मदद से चेक किया । इस टूल ने अपने एनालिसिस वीडियो के एआई क्रिएटेड होने की पुष्टि की। हाइव मॉडरेशन ने अपने एनालिसिस में वायरल वीडियो को 96.6% एआई क्रिएटेड होने की संभावना जताई।

इसी तरह ट्रूथ स्कैन नाम के दूसरे डिटेक्शन टूल ने भी इस बात की संभावना जताई कि वायरल वीडियो फर्जी है। इसके एनालिसिस में 96 फीसदी संभावना इस बात की जताई गई कि वीडियो एआई क्रिएटेड है।

AIorNot नाम के टूल के जरिए जब इसे चेक किया, तो इसने भी अपने नतीजों में इसे एआई से बने होने की संभावना जताई।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल वीडियो को लेकर एआई एक्‍सपर्ट एसके साहिद से संपर्क किया। उन्होंने वायरल क्लिप को फेक बताते हुए कहा कि इसे एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

हमारी अब तक की जांच से यह तो स्‍पष्‍ट हो गया कि कालिया नाग के नाम पर वायरल वीडियो में सच्‍चाई नहीं है, बल्कि इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है।

जांच के अंत में फर्जी वीडियो वायरल करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि यह हैडल अगस्‍त 2021 को बनाया गया था। इसे 39 हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल वीडियो फर्जी साबित हुआ। यमुना नदी में कालिया नाग के नाम वायरल वीडियो को एआई की मदद से बनाया गया है। इसमें कोई सच्‍चाई नहीं है।

  • Claim Review : यमुना में दिखा काला नाग
  • Claimed By : IG User The Factlife
  • Fact Check : झूठ

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