Fact Check: फ्री लिमिट के बाद के ATM ट्रांजैक्शंस पर लगता है शुल्क, सभी पर नहीं, वायरल दावा भ्रामक
एटीएम से पैसा निकालने पर लगने वाले शुल्क को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। ग्राहकों को उनके अपने बैंक (जिसमें उनका बचत खाता है) के एटीएम से हर महीने पांच ट्रांजैक्शंस या लेनदेन पर किसी शुल्क का भुगतान नहीं करना होता है। महानगरीय ग्राहकों के लिए अन्य बैंकों से एटीएम से महीने में मुफ्त निकासी की संख्या तीन है, जबिक गैर महानगरीय शहरों में अन्य बैंकों के एटीएम से कोई ग्राहक महीने में पांच बार (वित्तीय और गैर वित्तीय) तक मुफ्त ट्रांजैक्शंस कर सकते हैं। इस सीमा के बाद होने वाले किसी भी ट्रांजैक्शन के लिए उन्हें प्रति ट्रांजैक्शन के लिए अधिकतम 21 रुपये का ही भुगतान करना होता था, जो अब एक मई से बढ़कर 23 रुपये हो जाएगा। बताते चले कि आरबीआई ने एटीएम पर न्यूनतम फ्री ट्रांजैक्शंस की संख्या 3 निर्धारित की है, लेकिन बैंक चाहे तो वे इस संख्या में वृद्धि कर सकते है।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Mar 28, 2025 at 04:48 PM
- Updated: Mar 29, 2025 at 08:43 AM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर वायरल एक इन्फोग्राफिक्स के जरिए यह दावा किया ज रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए नियमों के मुताबिक एटीएम से पैसा निकालने पर अब बैंक ग्राहकों को 19 रुपये और बैलेंस चेक करने पर सात रुपये का भुगतान करना होगा। पोस्ट को शेयर किए जाने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह नई व्यवस्था है और इसके तहत प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर 19 रुपये और बैलेंस चेक करने पर सात रुपये का भुगतान करना होगा।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। ग्राहकों को उनके अपने बैंक (जिसमें उनका बचत खाता है) के एटीएम से हर महीने पांच ट्रांजैक्शंस या लेनदेन पर किसी शुल्क का भुगतान नहीं करना होता है।
महानगरीय ग्राहकों के लिए अन्य बैंकों से एटीएम से महीने में मुफ्त निकासी की संख्या तीन है, जबिक गैर महानगरीय शहरों में अन्य बैंकों के एटीएम से कोई ग्राहक महीने में पांच बार (वित्तीय और गैर वित्तीय) तक मुफ्त ट्रांजैक्शंस कर सकते हैं। इस सीमा के बाद होने वाले किसी भी ट्रांजैक्शन के लिए उन्हें प्रति ट्रांजैक्शन के लिए अधिकतम 21 रुपये का ही भुगतान करना होता था, जो अब एक मई से बढ़कर 23 रुपये हो जाएगा। बताते चले कि आरबीआई ने एटीएम पर न्यूनतम फ्री ट्रांजैक्शंस की संख्या 3 निर्धारित की है, लेकिन बैंक चाहे तो वे इस संख्या में वृद्धि कर सकते है।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Badlaav ki Aandhi Priyanka Gandhi’ने वायरल इन्फोग्राफिक्स (आर्काइव लिंक) को शेयर किया है, जिसे अभी तक करीब दो हजार बार शेयर किया जा चुका है।

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस इन्फोग्राफिक्स को समान दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल पोस्ट के आधार पर की-वर्ड सर्च करने पर हमें डीडी न्यूज की 25 मार्च की रिपोर्ट मिली, जिसमें एक मई से एटीएम ट्रांजैक्शंस के महंगे होने का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, “भारत में एटीएम से नकदी निकालना 1 मई से महंगा हो जाएगा, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इंटरचेंज शुल्क बढ़ा दिया है।” सामान्य शब्दों में समझें तो जो ग्राहक वित्तीय लेनदेन के लिए एटीएम पर निर्भर हैं, उन्हें अपनी मुफ्त लेनदेन सीमा पार करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
यानी मुफ्त निकासी की तय संख्या का लाभ उठाने के बाद किए जाने वाले ट्रांजैक्शंस के लिए ग्राहकों को शुल्क का भुगतान करना होगा। आरबीआई की वेबसाइट पर 22 नवंबर 2022 की तारीख से उपलब्ध जानकारी में इसका विस्तार से जिक्र है।

इसके मुताबिक,
1. किसी भी लोकेशन पर बैंक के एटीएम के मामले में बैंक को अपने बचत खाताधारकों को एक महीने में पांच फ्री ट्रांजैक्शंस की सुविधा देनी होगी। साथ ही सभी गैर नकदी ट्रांजैक्शंस के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
2. अन्य बैंकों के एटीएम के मामले में बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और नई दिल्ली समेत महानगरों में बैंक अपने बचत खाताधारकों को महीने में दूसरे बैंक के एटीएम से तीन फ्री ट्रांजैक्शंस की सुविधा देंगे। इसमें वित्तीय और गैर वित्तीय दोनों तरह के ट्रांजैक्शंस शामिल हैं।
3. गैर महानगरों में किसी अन्य बैंक के एटीएम के मामले में उपरोक्त लिखित छह महानगरों के अलावा बैंक एक महीने में अपने बचत खाताधारकों को न्यूनतम पांच फ्री ट्रांजैक्शंस की सुविधा देंगे, जिसमें वित्तीय और गैर वित्तीय ट्रांजैक्शंस शामिल हैं।
आरबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आरबीआई ने एटीएम से न्यूनतम तीन फ्री ट्रांजैक्शंस की सीमा तय की है, लेकिन बैंक अपनी तरफ से चाहे तो इस संख्या में वृद्धि कर सकते हैं।
ग्राहकों से एटीएम पर अनिवार्य मुफ्त लेनदेन या ट्रांजैक्शंस की संख्या से अधिक लेनदेन के लिए शुल्क लिया जा सकता है। फिलहाल ये शुल्क प्रति लेनदेन अधिकतम 21 रुपये (यदि कोई हो तो लागू कर सहित) से अधिक नहीं हो सकते हैं।
हमारी जांच से स्पष्ट है कि बैंकों की तरफ से फ्री ट्रांजैक्शंस की संख्या के बाद होने वाले एटीएम ट्रांजैक्शंस के लिए शुल्क लिया जाता है।
एटीएम से निकासी के मामले में ट्रांजैक्शंस शुल्क को लेकर समय-समय पर ऐसा दावा वायरल होता रहा है, जिसकी जांच विश्वास न्यूज करता रहा है। इससे पहले भी 2021 और 2022 में ऐसा दावा वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि बैंक के एटीएम से चार बार से अधिक पैसा निकाल ने पर ग्राहकों को प्रति ट्रांजैक्शंस 173 रुपये का भुगतान करना होगा।
विश्वास न्यूज ने वायरल दावे को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक के प्रवक्ता से संपर्क किया था। उन्होंने कहा, “फिलहाल कोई बैंक अपने ग्राहकों से प्रति माह नकद निकासी की संख्या से अधिक के लेनदेन पर 20 रुपये प्रति लेनदेन से अधिक का शुल्क नहीं वसूल सकता है। तय सीमा से अधिक के ट्रांजैक्शन के मामले में 173 रुपये का शुल्क लिए जाने की बात बिल्कुल गलत है।”
10 जून 2021 को आरबीआई की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक, निर्धारित सीमा को पार करने यानी एटीएम से प्रति महीने के लिए तय मुफ्त नकद निकासी की संख्या के बाद बैंक ग्राहक से प्रति लेनदेन 20 रुपये से अधिक का शुल्क नहीं ले पाएंगे। हालांकि, आरबीआई ने बैंकों को इस शुल्क को 20 रुपये से बढ़ाकर 21 रुपये करने की अनुमति दे दी है, जो एक जनवरी 2022 से लागू हो चुका है।

2022 में इजाफे के बाद से यह राशि अधिकतम 21 रुपये है। अब एक बार फिर से आरबीआई ने इस फी को बढ़ाने का फैसला लिया है और एक मई से यह शुल्क 23 रुपये होगा।
अन्य न्यूज रिपोर्ट्स में भी इसका जिक्र है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, “1 मई, 2025 से एटीएम ट्रांजैक्शन फीस 21 रुपये से बढ़कर 23 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन हो जाएगी। ग्राहकों को अपने बैंक के एटीएम से हर महीने पांच मुफ्त ट्रांजेक्शन और अन्य बैंकों के एटीएम से सीमित मुफ्त ट्रांजेक्शन मिलते रहेंगे। संशोधित शुल्क जीएसटी के अतिरिक्त हैं।”
क्या होता है इंटरजेंच फी?
एटीएम इंटरचेंज शुल्क एक ऐसा शुल्क है, जो एक बैंक दूसरे बैंक को ग्राहकों को एटीएम सेवाओं का इस्तेमाल करने के बदले देते हैं। मिसाल के तौर पर यदि किसी का खाता पीएनबी में हैं और वह पैसे निकालने के लिए एचडीएफसी बैंक के एटीएम का इस्तेमाल करता है, तो ऐसे ग्राहकों को फ्री लिमिट के बाद की निकासी के लिए प्रति ट्रांजैक्शंस निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।
शुल्क की यह दर महानगरों और गैर-महानगरीय शहरों में अलग-अलग होती है। वायरल पोस्ट को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक पेज को करीब बीस लाख लोग फॉलो करते हैं।
डीडी न्यूज की रिपोर्ट (आर्काइव लिंक) के मुताबिक, आरबीआई ने एक मई 2025 से इंटरचेंज फी को बढ़ाने का फैसला लिया है। हालांकि, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, “RBI ने कहा कि एटीएम इंटरचेंज शुल्क ATM नेटवर्क द्वारा तय किया जाएगा। 2021 में, RBI ने सभी केंद्रों में वित्तीय लेनदेन के लिए प्रति लेनदेन इंटरचेंज शुल्क को 15 रुपये से बढ़ाकर 17 रुपये और गैर-वित्तीय लेनदेन के लिए 5 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये करने की अनुमति दी थी, जो 1 अगस्त, 2021 से प्रभावी है।”
निष्कर्ष: एटीएम से पैसा निकालने पर लगने वाले शुल्क को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। ग्राहकों को उनके अपने बैंक (जिसमें उनका बचत खाता है) के एटीएम से हर महीने पांच ट्रांजैक्शंस या लेनदेन पर किसी शुल्क का भुगतान नहीं करना होता है। महानगरीय ग्राहकों के लिए अन्य बैंकों से एटीएम से महीने में मुफ्त निकासी की संख्या तीन है, जबिक गैर महानगरीय शहरों में अन्य बैंकों के एटीएम से कोई ग्राहक महीने में पांच बार (वित्तीय और गैर वित्तीय) तक मुफ्त ट्रांजैक्शंस कर सकते हैं। इस सीमा के बाद होने वाले किसी भी ट्रांजैक्शन के लिए उन्हें प्रति ट्रांजैक्शन के लिए अधिकतम 21 रुपये का ही भुगतान करना होता था, जो अब एक मई से बढ़कर 23 रुपये हो जाएगा। बताते चले कि आरबीआई ने एटीएम पर न्यूनतम फ्री ट्रांजैक्शंस की संख्या 3 निर्धारित की है, लेकिन बैंक चाहे तो वे इस संख्या में वृद्धि कर सकते है।
- Claim Review : एटीएम से पैसा निकालने पर देगा होगा शुल्क।
- Claimed By : FB User-Badlaav ki Aandhi Priyanka Gandhi
- Fact Check : भ्रामक
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