Fact Check: एआर रहमान के विवाद से पहले का है सूफी गाने को लेकर सोनू निगम का वायरल बयान
सोनू निगम का वायरल बयान हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2025 में दिए गए इंटरव्यू का है। इंटरव्यू में एंकर ने सूफी संगीत को लेकर उनसे एक सवाल किया था। उस दौरान उन्होंने यह जवाब दिया था।
- By: Pragya Shukla
- Published: Jan 24, 2026 at 04:07 PM
- Updated: Jan 24, 2026 at 04:29 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। संगीतकार ए आर रहमान के विवादित बयान के बाद से ही सोनू निगम का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सोनू निगम को सूफी संगीत को लेकर कहते हुए सुना जा सकता है कि सूफी कोई संगीत नहीं है, बल्कि एक थॉट है। अल्लाह और मौला जोड़ने से संगीत सूफी नहीं हो जाता। दावा किया जा रहा है कि सोनू निगम ने यह बयान ए आर रहमान के बयान को लेकर हुए विवाद के बाद दिया है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। सोनू निगम का वायरल बयान हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2025 में दिए गए इंटरव्यू का है। इंटरव्यू में एंकर ने सूफी संगीत को लेकर उनसे एक सवाल किया था। उस दौरान उन्होंने यह जवाब दिया था।
क्या हो रहा है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘ashok1_sanatani’ ने 22 जनवरी 2026 को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “सोनू निगम ने हाल ही में सूफी संगीत को लेकर एक ऐसा बयान दिया है कि बवाल खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि अल्लाह और मौला जोड़ने से संगीत सूफी नहीं हो जाता। अब इसको लेकर सोशल मीडिया 2 धड़ों में बंट गया है। कुछ लोगों ने सोनू निगम के इस बयान पर सहमति जताई है तो वहीं कुछ लोगों ने उन्हें बड़बोला कहकर ट्रोल भी किया है।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

अन्य पोस्ट को यहां पर देखा जा सकता है।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वीडियो का लंबा वर्जन ‘O2india’ नाम के यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 16 जनवरी 2025 को अपलोड किया गया था। वीडियो में 15.40 से इंटरव्यू लेने वाला शख्स सतरंगी रे गाने के बारे में पूछते हुए कहता है कि सोनू जी इस गाने में एक मीडल ईस्टर्न फील के साथ एक सूफियान सोच सूफियाना कलाम का अंजाद भी सुनाई पड़ता है। तो क्या इस तरह का कोई ब्रीफ था रहमान की तरफ से। इसके जवाब में सोनू निगम कहते हैं, “देखिए तब तक सूफी-फूफी तो आया ही नहीं था। सूफी जो आया है 2000 के बाद में आया है। उसके पहले ये सूफी था ही नहीं। सूफी तो म्यूजिक होता ही नहीं है। सूफी तो थॉट होता है। ये अभी एक वो चल गया है कि सूफी म्यूजिक, सूफी म्यूजिक, सूफी म्यूजिक। ये थॉट होता है। उस पर जो म्यूजिक बनता है। कव्वाली भी सूफी हो सकती। सिर्फ किसी गाने में अल्लाह, मौला डाल के सूफी नहीं बनता वो। हर घड़ी बदल रही है, रूप जिंदगी या मौला। तो सूफी हो जाएगा। सूफी म्यूजिक नहीं था तब।”

अधिक जानकारी के लिए हमने मुंबई में एंटरटेनमेंट के सीनियर जर्नलिस्ट पराग छापेकर से संपर्क किया। उन्होंने वीडियो को पुराना बताया है।
अमर उजाला की वेबसाइट पर 17 जनवरी 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “रहमान ने बीबीसी एशियन को दिए इस इंटरव्यू में कम काम करने का कारण बताते हुए कहा- ‘बीते आठ साल से मैं यह महसूस कर रहा हूं कि इंडस्ट्री में टैलेंट के दम पर काम नहीं मिलता। म्यूजिक इंडस्ट्री की कमान ऐसे हाथों में है, जो न तो क्रिएटिव हैं और ना ही क्रिएटिविटी को समझते हैं। धर्म भी कम काम करने का एक कारण है। आपके सामने तो लोग कुछ नहीं बोलते पर पीठ पीछे कानाफूसी करते हैं।धीरे-धीरे वो सांप्रदायिक भावना को फिल्मी और संगीत की दुनिया पर हावी होता हुआ महसूस कर रहे हैं। इसका असर उन्हें अपने काम पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।’
ए आर रहमान के विवादित बयान के बाद बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों ने उनके इस बयान को गलत बताया है। पूरी रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने पोस्ट को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को तीन हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सोनू निगम का वायरल बयान हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2025 में दिए गए इंटरव्यू का है। इंटरव्यू में एंकर ने सूफी संगीत को लेकर उनसे एक सवाल किया था। उस दौरान उन्होंने यह जवाब दिया था।
- Claim Review : एआर रहमान के विवाद के बाद सोनू निगम ने सूफी गाने पर की टिप्पणी।
- Claimed By : Inst User ashok1_sanatani
- Fact Check : भ्रामक
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