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Fact Sheet : कोरोना फिर से सक्रिय, जानिए कैसे बचें

बुजुर्ग, बच्‍चों व गर्भवती महिलाओं के अलावा उन लोगों को खास सावधान रहने की आवश्‍यकता है, जिन्‍हें पहले से कोई गंभीर बीमारी है, क्‍योंकि इन बीमारियों की वजह से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (इम्‍युनिटी) कमजोर हो जाती है।

नई दिल्‍ली। देश में एक बार फिर से कोविड-19 का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। कोविड के सक्रिय मरीजों की संख्‍या एक हजार से ऊपर पहुंच गई है। केरल, महाराष्‍ट्र व दिल्‍ली में सबसे अधिक मामले देखने को मिल रहे हैं। वायरस अपने आपको बदलते रहते हैं। इसे ही म्‍यूटेशन कहते हैं।

एक्‍सपर्ट का कहना है कि बुजुर्ग, बच्‍चों व गर्भवती महिलाओं के अलावा उन लोगों को खास सावधान रहने की आवश्‍यकता है, जिन्‍हें पहले से कोई गंभीर बीमारी है, क्‍योंकि इन बीमारियों की वजह से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (इम्‍युनिटी) कमजोर हो जाती है। ऐसे लोगों में कोविड-19 का संक्रमण होने का खतरा भी बढ़ जाता है। अभी तक सामने आए मामलों को लेकर सरकार और डॉक्‍टर्स का कहना है कि घबराने की आवश्‍यकता नहीं है। बचाव ही कारगर उपाय है।

आइए, कोविड-19 के नए संक्रमण के बारे में कुछ अहम बातें जानें

सरकार कोविड के बढ़ते संक्रमण के बीच सक्रिय हो गई है। भारत सरकार का स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय पूरे मामले की निगरानी करते हुए सरकारी आंकड़ें और दिशा-निर्देश जारी कर रहा है, ताकि लोगों में कोविड को लेकर फिर से किसी प्रकार का पैनिक न फैले।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के महानिदेशक डा. राजीव बहल ने कहा कि स्थिति की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि वायरस कितना संक्रामक है, मतलब संक्रमण कितना तेजी से फैल रहा है। पहले के मामलों में एक दिन या उससे पहले संख्या दोगुनी हो जाती थी, इस बार ऐसा नहीं लग रहा है। जब नए वेरिएंट्स आते हैं, तो वे प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यून सिस्टम को चकमा देते हैं -चाहे वह प्राकृतिक हो या वैक्सीन से प्राप्त। हालांकि, इस बार चिंता की कोई बात नहीं है।

आइसीएमआर के महानिदेशक डा. राजीव बहल ने एएनआई को दिए गए इंटरव्‍यू में बताया कि वर्तमान में जो केस आ रहे हैं, उससे डरने की आवश्‍यकता नहीं है। सतर्क रहने की आवश्‍यकता है। सभी केस को मॉनिटरिंग की जा रही है। वेरिएंट्स गंभीर नहीं हैं। नए वेरिएंट्स में एलएफ. 7, एक्सएफजी, जेएन. 1 और एनबी.1.8.1 शामिल हैं। अन्य जगहों से लिए गए नमूनों की सीक्वेंसिंग की जा रही है।

एक्‍सपर्ट का कहना है कि जो लोग पहले से बीमार हैं, उन्‍हें खास ध्‍यान देने की आवश्‍यकता है। इसके अलावा बुजुर्ग, बच्‍चों और गर्भवती महिलाओं को सचेत रहने की जरूरत है।

कोरोना से कैसे बचें

उत्तराखंड के जनसंपर्क विभाग की ओर से कोविड-19 के बचाव को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्‍ट किए गए हैं। इन बचाव को नीचे पढ़ा जा सकता है।

छींकते/खांसते समय नाक और मुंह को रूमाल या टिश्यू से ढकें।
भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचें।
हाथों को साबुन-पानी से बार-बार धोएं।
लक्षण होने पर चिकित्सकीय परामर्श लें।
पर्याप्त मात्रा में पानी व पौष्टिक आहार लें।
बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रोगियों का विशेष ध्यान रखें।
संक्रमित होने की आशंका पर दूसरों से दूरी बनाए रखें।
टिश्यू या रूमाल का दोबारा उपयोग न करें।
हाथ मिलाने से बचें।
लक्षणग्रस्त लोगों के संपर्क में न आएं।
बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।
बार-बार आंख, नाक और मुंह न छुएं।
सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचें।

डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल एक्सपर्ट्स की मदद से लिखा गया है। यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के लिए है। किसी भी सलाह के लिए अपने डॉक्‍टर से परामर्श लें।

विश्‍वास न्‍यूज के Health Explainer को विस्‍तार से नीचे क्लिक करके पढ़ा जा सकता है।

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