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Fact Check: जन धन योजना के नाम से वायरल हुआ फेक लिंक, सरकार नहीं दे रही है दो हजार रुपये

जनधन योजना के नाम से वायरल लिंक फर्जी है। एक्सपर्ट के अनुसार, डेटा चोरी करने और आर्थिक नुकसान पहुंचाने के मकसद से लिंक को शेयर किया जा रहा है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Jun 26, 2025 at 01:24 PM
  • Updated: Aug 22, 2025 at 06:23 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही प्रधानमंत्री जन धन योजना के नाम पर एक लिंक तेजी से वायरल किया जा रहा है। लिंक को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इस योजना के तहत दो हजार रुपये की आर्थिक मदद लोगों को दी जा रही है। लिंक पर क्लिक करने से पैसे खाते में आ जाएंगे। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। फर्जी लिंक को फेक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। एक्सपर्ट के अनुसार, डेटा चोरी करने और आर्थिक नुकसान पहुंचाने के मकसद से लिंक को शेयर किया जा रहा है। जनधन योजना सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए शुरू किया था। इस योजना के तहत बैंक शून्य राशि में बैंक खाता खोलती हैं। इस योजना के तहत सरकार की तरफ से किसी भी लाभार्थी को सीधी मदद नहीं दी जाती है।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘JAN DHAN YOJNA’ ने 25 जून 2025 को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “खुशखबरी! जन धन योजना के तहत ₹2000 तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी!”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने लिंक के यूआरएल पर गौर किया। हमने पाया कि इसका यूआरएल जनधन योजना डॉट कॉम है। जबकि, भारत सरकार के यूआरएल में गवर्नमेंट डॉट इन होता है। सर्च करने पर हमने पाया कि असली वेबसाइट का यूआरएल pmjdy डॉट गवर्नमेंट डॉट इन है। असली वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, जनधन योजना को सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए शुरू किया था। इस योजना के तहत बैंक शून्य राशि में बैंक खाता खोलती हैं।

पोस्ट में कहा जा रहा है कि स्क्रैच करें, ऐसा करने से पैसे यूजर के खाते में पहुंच जाएंगे, जबकि आमतौर पर ऐसा नहीं होता है। बैंक कि निजी जानकारियां शेयर करने के बाद ही पैसों का ट्रांसफर होता है। यहां पर गौर करने वाली बात यह भी है कि भारत सरकार कभी भी किसी इस तरह से स्क्रैच करने के लिए नहीं कहती है। अक्सर सरकार सीधा बैंक खाते में पैसों को ट्रांसफर करती है। 

भारत सरकार की कई वेबसाइट को हमने खंगाला, लेकिन हमें कहीं भी इस तरह की योजना नहीं मिली, जिसमें स्क्रैच करने की बात कही गई हो। या फिर यह कहा गया हो कि स्क्रैच करने से पैसे सीधे खाते में आ जायेगें।

जांच के दौरान हमने कई कीवर्ड्स की मदद से गूगल पर सर्च किया। लेकिन हमें दावे से जुड़ी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। लेकिन सर्च में हमें साइबर फ्रॉड कई न्यूज रिपोर्ट मिली। इन रिपोर्ट्स में मौजूद जानकारी के अनुसार, सरकार ने साइबर फ्रॉड से सावधान रहने और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से मना किया है।

अधिक जानकारी के लिए हमने साइबर एक्सपर्ट किसलय चौधरी से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि अनजान लिंक पर क्लिक करना कई तरह से खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए हमें हमेशा सावधानी बरतनी चाहिये। अनजान लिंक के जरिये ही हैकर्स निजी डेटा चोरी करते हैं। आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए हमेशा सरकार के विश्वसनीय सोर्स पर ही भरोसा करें। अक्सर हैकर्स पैसों का लालच देकर लोगों को झांसे में फंसाते हैं। इसलिए अगर किसी इस तरह की अविश्वसनीय पोस्ट नजर आये तो उस पर भरोसा करने से बचना चाहिये।

सोशल मीडिया पर पहले भी इस तरह का दावा वायरल हो चुका है। विश्वास न्यूज ने उस दौरान पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी थी। पूरी रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है।

अंत में हमने फर्जी लिंक को शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि अकाउंट प्राइवेट है। यूजर को डेढ़ सौ से अधिक लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि जनधन योजना के नाम से वायरल लिंक फर्जी है। एक्सपर्ट के अनुसार, डेटा चोरी करने और आर्थिक नुकसान पहुंचाने के मकसद से लिंक को शेयर किया जा रहा है। जनधन योजना सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए शुरू किया था। इस योजना के तहत बैंक शून्य राशि में बैंक खाता खोलती हैं। इस योजना के तहत सरकार की तरफ से किसी भी लाभार्थी को सीधी मदद नहीं दी जाती है।

  • Claim Review : जन धन योजना के तहत भारत सरकार दे रही है दो हजार रुपये।
  • Claimed By : FB User JAN DHAN YOJNA
  • Fact Check : झूठ

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