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Fact Check: यह कांग्रेस की ओर से मजदूरों के लिए चलाई जाने वाली बसों की तस्वीर नहीं है, कुंभ मेले के दौरान हुआ था बस परेड का आयोजन

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की तरफ मजदूरों की मदद के लिए बसों को चलाए जाने के प्रस्ताव दिए जाने के बाद से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही बसों की तस्वीर कुंभ मेले के दौरान हुई बसों के परेड की है।

  • By Vishvas News
  • Updated: May 19, 2020

नई दिल्ली (विश्वास टीम)। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की तरफ से मजदूरों की मदद के लिए बसों को चलाए जाने के प्रस्ताव दिए जाने के बाद से सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें बसों की लंबी कतार को देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसों की लंबी कतारें लगी हैं और यूपी सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रही है।

विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। बसों की जिस लंबी कतार की तस्वीर को वायरल किया जा रहा है, वह वास्तव में कुंभ मेला (2019) के दौरान बने रिकॉर्ड से संबंधित है, जब उत्तर प्रदेश सरकार ने 500 स्पेशल बसों को परेड में चलाकर गिनीज रिकॉर्ड बनाया था। पड़ताल किए जाने तक यूपी सरकार ने प्रियंका गांधी वाड्रा की पेशकश को स्वीकार करते हुए इन बसों को चलाए जाने की मंजूरी दे दी है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर ‘Sayantani Roy’ ने वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा है, ”मजदूरो को घर छोडने के लिये आयी इन बसों को उत्तर प्रदेश की सीमा पर केवल इसलिये रोक दिया गया क्यों कि इनका इंतेजाम श्रीमति प्रियंका गांधी जी ने किया था।”

पड़ताल किए जाने तक इस तस्वीर को करीब 600 से अधिक लोग शेयर कर चुके हैं। सोशल मीडिया पर कई अन्य यूजर्स ने इस तस्वी को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल तस्वीर को रिवर्स इमेज किए जाने पर हमें ‘फाइनेंशियल एक्सप्रेस’ की वेबसाइट पर 28 फरवरी 2019 को प्रकाशित एक आर्टिकल का लिंक मिला, जिसमें वायरल हो रही तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस में 28 फरवरी 2019 को छपी खबर में इस्तेमाल की गई तस्वीर

रिपोर्ट के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक, भारत ने प्रयागराज में 500 स्पेशल बसों की परेड के जरिए गिनीज रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड संयुक्त अरब अमीरात की सरकार के नाम था, जब उन्होंने 390 बसों की परेड कराई थी।

रिपोर्ट में न्यूज एजेंसी ANI के हवाले से गिनीज रिकॉर्ड के प्रमाण पत्र का भी जिक्र किया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने बसों को शाहसन टॉल से नवाबगंज टॉल प्लाजा के बीच चलाया और इसके बाद यह दुनिया की सबसे बड़ी बस परेड बन गई।

प्रयागराज के तत्कालीन मंडलायुक्त आशीष कुमार गोयल ने इस तस्वीर की पुष्टि करते हुए बताया, ‘ यह फोटो कुंभ के बाद शटल बसों की परेड की है। गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में भी यह आयोजन दर्ज है।’

गौरतलब है कि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार को मजूदरों की मदद के लिए पार्टी की तरफ से बसों को चलाने का प्रस्ताव दिया है। प्रियंका गांधी वाड्रा की ट्विटर प्रोफाइल पर 17 मई को अपलोड किए गए वीडियो में बसों की कतारों को देखा जा सकता है, जो वायरल तस्वीर में नजर आ रही तस्वीर से काफी अलग है। इस वीडियो को शेयर करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने लिखा है, ‘हमारी बसें बॉर्डर पर खड़ी हैं। हजारों की संख्या में राष्ट्र निर्माता श्रमिक और प्रवासी भाई-बहन धूप में पैदल चल रहे हैं। परमीशन दीजिए @myogiadityanath जी, हमें अपने भाइयों और बहनों की मदद करने दीजिए।’

न्यूज सर्च में हमें ऐसे कई आर्टिकल के लिंक्स मिले, जिसमें इस बात का जिक्र है कि कांग्रेस की तरफ से मजदूरों के लिए एक हजार बसों को चलाए जाने के प्रस्ताव को योगी सरकार की तरफ से मंजूरी दे दी गई है, जिसे लेकर अब सियासी विवाद शुरू हो चुका है।

वायरल पोस्ट शेयर करने वाली फेसबुक यूजर ने अपनी प्रोफाइल में खुद को ब्लॉगर बताया है, जो राजस्थान के जयपुर की रहने वाली है।

निष्कर्ष: कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की तरफ मजदूरों की मदद के लिए बसों को चलाए जाने के प्रस्ताव दिए जाने के बाद से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही बसों की तस्वीर कुंभ मेले के दौरान हुई बसों के परेड की है।

  • Claim Review : यह तस्वीर कांग्रेस की ओर से मजदूरों के लिए चलाई जाने वाली बसों की है
  • Claimed By : FB User- Sayantani Roy
  • Fact Check : झूठ
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