Fact Check: यह वीडियो वक्फ कानून के खिलाफ मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा का नहीं, भोपाल में हुए तब्लीगी इज्तिमा का है
मध्य प्रदेश के भोपाल में हुए इज्तिमा के वीडियो को मुर्शिदाबाद हिंसा का बताकर शेयर किया जा रहा है। वक्फ कानून के खिलाफ मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मृत्यु हुई थी और रिपोर्ट्स के मुताबिक, 400 लोगों को पलायन करना पड़ा है। अभी तक हिंसा के मामले में 221 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें पिता-पुत्र (हरगोविंद दास और चंदन दास) की हत्या के आरोपी भी शामिल हैं।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Apr 16, 2025 at 04:23 PM
- Updated: Apr 22, 2025 at 05:28 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ हुई हिंसा से जोड़कर एक वीडियो को वायरल किया जा रहा है, जिसमें कई मुस्लिम युवकों को एक ट्रक में बैठकर जाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए यह दावा किया जा रहा है कि यह मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा के बाद बंगाल के हालात हैं, जहां रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुस्लिमों को एक जगह से दूसरे जगह भेजा जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। वायरल हो रहा वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं है, बल्कि यह मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित तब्लीगी जमात के इज्तिमा का है।
बताते चलें कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के खिलाफ हुई हिंसा में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मृत्यु हुई है और हिंसा की वजह से लोगों को पलायन करना पड़ा है। अभी तक हिंसा के मामले में 221 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें पिता-पुत्र (हरगोविंद दास और चंदन दास) की हत्या के आरोपी भी शामिल हैं।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Tabsum Khan Tabu’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “*वो तैयार है और आप* एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय जी ने अपने बहुत से विडिओ मे यह बताया था कि बंगाल से हज़ारों की तादाद मे रोहिन्गिया और बांग्लादेशी जिहादी गाडियों मे भर भर कर देश के बहुत से हिस्सो मे देश के डेमोग्राफी बिगाड़ने के लिए भेजे जा रहा है l विडिओ देखिए…जब दंगा और आगजनी करनी होती है हिन्दुओ के दुकान और मकान फूंकने होते है उसकी तैयारी बहुत पहले होती है l उस इलाके के हिन्दुओ के घर की *रुट & रेकी* होती है…*हिन्दुओ के मकान और गाड़ियों को चिन्हित किया जाता है*..*दंगाई करने वाले ज्यादा तर भेष बदल कर बाहर से आते है l इनके रहने और खाने के प्रबंध उस इलाके की बड़ी मस्जिद के बड़े मौलाना करते है**और साथ मे पेट्रोल बॉम्ब, चाकू छूरी पत्थर, गुलेल सभी की मुकम्मल तैयारी की जाती है**इन दंगाइयों आगजनी करने वालों कई टीम होती है,* पत्थर बाजी वाली टीम,आगज़नी वाली टीम, पीडितों से हमदर्दी जताते वाली टीम, हिन्दुओ की हेल्प कर चुतिया बनाने वाली टीम इनका खेला बहुत ऊंचे दर्जे का होता है l आप इसकी अघोषित युद्ध भी कह सकते है l *इनका मकसद हिन्दुस्तान की और काफ़िरों की बर्बादी*”
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर हमें इसमें कई ट्रकों और अन्य स्थानीय वाहनों के रजिस्ट्रेशन प्लेट पर मध्य प्रदेश लिखा दिखा, जो इस वीडियो के मध्य प्रदेश से संबंधित होने का संकेत देते हैं।
वीडियो के ऑरिजिनल सोर्स की खोज के लिए इसके की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यह वीडियो इंस्टाग्राम यूजर ‘abid.sheik.315’ की प्रोफाइल पर लगा मिला, जिसे पांच दिसंबर 2024 को शेयर किया गया है।
दी गई जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो भोपाल का है। हमें यह वीडियो एक यूट्यूब चैनल पर भी मिला, जिसे 25-27 दिसंबर 2024 का बताया गया है।
न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में 12 अप्रैल को हिंसा भड़की थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, भोपाल में इज्तिमा का आयोजन 29 नवंबर से 2 दिसंबर 2024 के बीच हुआ। राजधानी भोपाल से करीब 14 किलोमीटर दूर ईंटखेड़ी स्थित घांसीपुरा में 77वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन किया गया था।
वायरल वीडियो को लेकर हमने नईदुनिया के भोपाल ब्यूरो के रिपोर्टर बृजेंद्र ऋषि से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि यह वीडियो भोपाल का है।
गौरतलब है कि मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में हिंसा हुई। बताते चलें कि संसद के दोनों सदनों में लंबी बहस के बाद वक्फ (संशोधन) अधिनियम को पारित कर दिया गया। इसके बाद पांच अप्रैल को इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिली और फिर इसे आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया, जिसके बाद यह कानून आठ अप्रैल 2025 को पूरे देश में लागू हो गया।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा के बाद 400 से अधिक लोगों को पलायन करना पड़ा है।
वायरल वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को तीन हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: मध्य प्रदेश के भोपाल में हुए इज्तिमा के वीडियो को मुर्शिदाबाद हिंसा का बताकर शेयर किया जा रहा है। वक्फ कानून के खिलाफ मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मृत्यु हुई थी और रिपोर्ट्स के मुताबिक, 400 लोगों को पलायन करना पड़ा है। अभी तक हिंसा के मामले में 221 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें पिता-पुत्र (हरगोविंद दास और चंदन दास) की हत्या के आरोपी भी शामिल हैं।
- Claim Review : देश की डेमोग्राफी बिगाड़ने के लिए बंगाल से देश के अन्य हिस्सों में भेजे जा रहे रोहिंग्या
- Claimed By : FB User-Tabsum Khan Tabu
- Fact Check : झूठ
पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं
सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...












