Fact Check: आजम खान के नाम से फर्जी बयान वायरल, पुलिस को दी गई थी शिकायत
सपा नेता आजम खान के नाम से वायरल हो रही विवादास्पद बयान वाली पोस्ट फेक है। उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। मार्च 2013 में इस मामले में यूपी डीजीपी को शिकायत की गई थी। इसके बाद 2015 में पुलिस ने इस तरह की पोस्ट शेयर करने पर 11वीं के छात्र को गिरफ्तार किया था। इस समय आजम खान जेल में बंद हैं।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Apr 11, 2025 at 05:27 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व सांसद आजम खान से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें उनकी तस्वीर के साथ में दावा किया जा रहा है कि “आजम ने कहा है कि हिंदू नेता चाहे कितनी भी बार मुस्लिम टोपी पहन लें, लेकिन मुस्लिम नेता तिलक नहीं लगाएंगे और हिंदू नमाज कों कितनी भी इज्जत दें, लेकिन मुस्लिम वंदे मातरम का बहिष्कार जरूर करेंगे, क्योकि इस्लाम में धर्मनिरपेक्षता और देशभक्ति दोनों हराम है।” कुछ यूजर्स इस पोस्ट को शेयर कर आजम पर निशाना साध रहे हैं।
विश्वास न्यूज की जांच में पता चला है कि आजम खान ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। वर्ष 2013 में यूपी पुलिस से शिकायत करते हुए आजम ने मीडिया के सामने इसे फेक बताया था। इस मामले में पुलिस ने एक छात्र को भी गिरफ्तार किया था।
वायरल पोस्ट
फेसबुक यूजर Anil Tripathi ने 5 अप्रैल को इस पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर किया है। इसमें आजम खान की तस्वीर के साथ में लिखा है,
“हिदू नेता चाहे कितनी भी बार मुस्लिम टोपी पहने लेकिन हम मुस्लिम नेता तिलक नहीं लगाएंगे। हिंदू चाहे नमाज कों कितनी भी इज्जत दे लेकिन हम मुसलमान वंदे मातरम का बहिष्कार जरुर करेंगे। क्योकि इस्लाम में धर्मनिरपेक्षता और देशभक्ति दोनों हराम है। – आजम खान, नेता, समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश“

पड़ताल
सपा नेता आजम खान के नाम से वायरल हो रही पोस्ट की पड़ताल के लिए हमने कीवर्ड से गूगल पर सर्च किया। अमर उजाला की वेबसाइट पर 20 जून 2013 को इस बारे में खबर छपी हुई है। इसके अनुसार, “सोशल मीडिया पर आजम के नाम से एक विवादास्पद मैसेज पोस्ट किया गया है। नगर विकास मंत्री आजम खान ने इसकी शिकायत यूपी डीजीपी से की है। आजम ने मीडिया से कहा कि उन्होंने अपना फेसबुक अकाउंट नहीं बनाया है। कुछ लोगों ने उनके नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर मनगढ़ंत मैसेज लिखा है।”

18 मार्च 2015 को टाइम्स नाउ के यूट्यूब चैनल पर इससे संबंधित वीडियो न्यूज को देखा जा सकता है। इसके मुताबिक, फर्जी पोस्ट शेयर करने पर पुलिस ने 11वीं के छात्र को गिरफ्तार किया है। खबर में वकील के हवाले से यह भी बताया गया है आरोपी छात्र की उम्र 19 साल है और उसके पास किसी ने इस पोस्ट को भेजा था, जिसको उसने अपलोड कर दिया था।
इस खबर को एनडीटीवी की वेबसाइट पर भी 18 मार्च 2015 को पब्लिश किया गया है।

19 मार्च 2015 को एनडीटीवी की वेबसाइट पर छपी खबर के मुताबिक, बरेली में सोशल मीडिया पर आजम खान की फेक पोस्ट को शेयर करने वाले युवक को जमानत मिल गई है।

8 अप्रैल 2025 को आजतक की वेबसाइट पर छपी खबर में लिखा है कि आजम खान जेल में हैं।
इस बारे में हमने रामपुर में दैनिक जागरण के जिला प्रभारी मो. मुसलीमीन से संपर्क किया। उनका कहना है कि आजम खान जेल में हैं। उन्होंने ऐसा बयान नहीं दिया है। इस मामले में उन्होंने पुलिस से शिकायत भी की थी।
फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। लखनऊ के रहने चले यूजर एक विचारधारा से प्रभावित हैं।
निष्कर्ष: सपा नेता आजम खान के नाम से वायरल हो रही विवादास्पद बयान वाली पोस्ट फेक है। उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। मार्च 2013 में इस मामले में यूपी डीजीपी को शिकायत की गई थी। इसके बाद 2015 में पुलिस ने इस तरह की पोस्ट शेयर करने पर 11वीं के छात्र को गिरफ्तार किया था। इस समय आजम खान जेल में बंद हैं।
- Claim Review : आजम ने कहा है कि हिंदू नेता चाहे कितनी भी बार मुस्लिम टोपी पहन लें, लेकिन मुस्लिम नेता तिलक नहीं लगाएंगे।
- Claimed By : FB User- Anil Tripathi
- Fact Check : झूठ
पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं
सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...












