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Fact Check: सोशल मीडिया क्रिएटर के पुराने वीडियो को मनोहर लाल धाकड़ के मामले से जोड़कर किया जा रहा शेयर

रोती हुई महिला के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना है। वीडियो में नजर आ रही महिला राजस्थान की सोशल मीडिया क्रिएटर मोनिका राजपुरोहित है। साल 2024 में मोनिका राजपुरोहित को अफीम सेवन के आरोप में गिरफ्तार किया था।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: May 28, 2025 at 04:43 PM
  • Updated: May 28, 2025 at 06:00 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर रोती हुई महिला का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को मध्य प्रदेश के नेता मनोहर लाल धाकड़ को लेकर चल रहे विवाद से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यह वही महिला है, जो कि मनोहर लाल धाकड़ के साथ वायरल वीडियो में थी।  

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना है। वीडियो में नजर आ रही महिला राजस्थान की सोशल मीडिया क्रिएटर मोनिका राजपुरोहित है। साल 2024 में मोनिका राजपुरोहित को अफीम सेवन के आरोप में गिरफ्तार किया था। तब उन्होंनें अपनी आपबीती सुनाते हुए वायरल वीडियो को शेयर किया था और पुलिस पर कई आरोप लगाये थे। हालांकि, विश्वास न्यूज मनोहर लाल धाकड़ के मामले में शामिल महिला की पहचान की पुष्टि नहीं करता है। लेकिन यह तय है कि वायरल वीडियो पुराना है।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘जोया खान’ ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “यही हैं वो मनोहरलाल धाकड़ के साथ जो वायरल हुई थी और अब रो रही हैं ये तो पहले सोचना चाहिए था रोड़ शो करने से पहले!”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के की-फ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज के जरिए सर्च किया। हमें वीडियो से जुड़ी एक वीडियो रिपोर्ट राजस्थान तक के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिली। वीडियो को 22 अगस्त 2024 को अपलोड किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, “Bikaner Ki Sherni के नाम से सोशल मीडिया के पेज पर मशहूर एक लड़की ने सोशल मीडिया पर अफीम वाला एक वीडियो पोस्ट किया और जब पुलिस ने पकड़ा तो पहले तो खुद के वीडियो में होने से ही इनकार कर दिया, लेकिन जब थाने में ले जाकर पिटाई की, तब कहने लगी कि किसी के दबाव में आकर काले गुड़ को अफीम बताकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था, अब अपनी बचकानी हरकत पर पछता रही है, उसी सोशल मीडिया पर अपना रोता हुआ वीडियो पोस्ट कर रही है, जहां पर अफीम वाली पोस्ट की थी।”

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक अन्य न्यूज रिपोर्ट एबीपी न्यूज की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 23 अगस्त 2024 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, मोनिका राजपुरोहित नाम की एक लड़की Bikaner Ki Sherni के नाम से सोशल मीडिया पेज चलाती थी। क्रिएटर ने अपने पेज पर कई अन्य लड़कियों के साथ अफीम खाते हुए एक वीडियो शेयर किया था। वीडियो वायरल होने के बाद बीकानेर एसपी तेजस्विनी गौतम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिये थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बीकानेर की बल्लभ गार्डन निवासी इन युवतियों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से 200 ग्राम अफीम भी बरामद हुई थी। दोनों युवतियों की पहचान मोनिका राजपुरोहित (21) और करिश्मा राजपुरोहित (18) के रूप में हुई है। दोनों युवतियां  बहनें हैं। जबकि तीसरी लड़की इनकी रिश्तेदार थी और नाबालिग थी।

हमें जांच के दौरान वायरल वीडियो bikaner_ki_sherni_sonu के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 22 अगस्त 2024 को अपलोड हुआ मिला। हमें इस मामले से जुड़े कई अन्य वीडियो भी अकाउंट पर अपलोड हुए मिले।

नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर 27 मई 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “मध्य प्रदेश के बीजेपी नेता पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर महिला के साथ मिलकर अश्लील हरकत की। इसी संबंध में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। मामला सामने आने के बाद भानपुरा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर गरोठ जेल भेज दिया था, लेकिन कुछ दिन बाद उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई। उनके वकील संजय सोनी ने बताया है कि मनोहर धाकड़ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 285 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। धारा 296 सार्वजनिक अश्लीलता से संबंधित है। धारा 285 जान-माल को खतरे में डालने से संबंधित है और धारा 3(5) सामूहिक अपराध से संबंधित है।”

हमारी अब तक की जांच से यह साबित होता है कि वायरल वीडियो अगस्त 2024 का है। जबकि, मनोहर लाल धाकड़ का मामला 20 मई को सामने आया था। अधिक जानकारी के लिए हमने मंदसौर एसपी अभिषेक आनंद से संपर्क किया। उन्होंने वायरल दावे को गलत बताया है। उन्होंने बताया, “पुलिस अभी तक उस महिला की पहचान नहीं कर पाई है। कार्रवाई जारी है।”

अंत में हमने वायरल दावे को शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया । हमने पाया कि यूजर को चार हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। 

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि रोती हुई महिला के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना है। वीडियो में नजर आ रही महिला राजस्थान की सोशल मीडिया क्रिएटर मोनिका राजपुरोहित है। साल 2024 में मोनिका राजपुरोहित को अफीम सेवन के आरोप में गिरफ्तार किया था। तब उन्होंनें अपनी आपबीती सुनाते हुए वायरल वीडियो को शेयर किया था और पुलिस पर कई आरोप लगाये थे। हालांकि, विश्वास न्यूज मनोहर लाल धाकड़ के मामले में शामिल महिला की पहचान की पुष्टि नहीं करता है। लेकिन यह तय है कि वायरल वीडियो पुराना है और इसका धाकड़ के मामले से कोई संबंध नहीं है।

  • Claim Review : मनोहर लाल धाकड़ के साथ नजर आने वाली लड़की का वीडियो।
  • Claimed By : FB User Zoya Khan
  • Fact Check : झूठ

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