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Fact Check: आंबेडकर की मूर्ति को तोड़े जाने का नहीं है यह वीडियो, पुरानी घटना भ्रामक दावे से वायरल

वायरल वीडियो एक साल पहले हुई घटना का है और उज्जैन का है। जनवरी 2024 में उज्जैन जिले के माकड़ोन इलाके में दो समूहों के बीच विवाद हो गया था। यह विवाद डॉ भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्‍लभभाई पटेल की प्रतिमा को लगाने को लेकर हुआ था। एक समूह चाहता था कि इलाके में डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगे, जबकि दूसरे समूह ने सरदार वल्‍लभभाई पटेल की प्रतिमा लगा दी थी। आंबेडकर की मूर्ति के तोड़े जाने का दावा गलत है, वास्तव में सरदार वल्‍लभभाई पटेल की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया था।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: May 21, 2025 at 06:36 PM
  • Updated: May 22, 2025 at 11:58 AM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर मूर्ति तोड़ते कुछ लोगों का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को हाल ही में हुई घटना का बताते हुए शेयर कर दावा किया जा रहा है कि कुछ लोगों ने डॉ भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को तोड़ दिया। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। वीडियो एक साल पहले उज्जैन में हुई एक घटना का है। जनवरी 2024 में उज्जैन जिले के माकड़ोन इलाके में दो समूहों के बीच विवाद हो गया था। यह विवाद डॉ भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्‍लभभाई पटेल की प्रतिमा को लगाने को लेकर हुआ था। एक समूह चाहता था कि इलाके में डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगे, जबकि दूसरे समूह ने सरदार वल्‍लभभाई पटेल की प्रतिमा लगा दी थी। आंबेडकर की मूर्ति के तोड़े जाने का दावा गलत है, वास्तव में सरदार वल्‍लभभाई पटेल की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया था।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘पूजा अम्बेडकरवादी’ ने 20 मई 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “तुम बाबा साहेब की प्रतिमाओं को तोड़कर कौनसा राम राज स्थापित करना चाहते हो?? उनके विचार और सोच आज अंतराष्ट्रीय स्तर पर फैली हुई है, वो तुम्हारे रामराज से कहीं ऊंचे हो चुके हैं! #जय_भीम।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित की-वर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट आजतक की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 25 जनवरी 2024 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो उज्जैन जिले के माकड़ोन मंडी गेट के पास हुए विवाद का है। दरअसल, बस स्टैंड के पास जमीन खाली पड़ी हुई थी। एक समूह वहां पर सरदार वल्‍लभभाई पटेल की प्रतिमा लगा दी थी। वहीं, दूसरा समूह वहां पर डॉ भीमराव आंबेडकर की मूर्ति लगाना चाहता था। इसी को लेकर दोनों में विवाद हो गया। इसके बाद, कुछ लोगों ने मूर्ति को तोड़ दिया गया और उस पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। 

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित की-वर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट एबीपी न्यूज की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 25 जनवरी 2024 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मामले को संभाल लिया था और इसे लेकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

पहले भी यह वीडियो अलग दावे के साथ वायरल हो चुका है। उस दौरान हमने नईदुनिया से जुड़े उज्जैन के ब्‍यूरो चीफ सूर्यनारायण मिश्रा से संपर्क किया था। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया था कि वायरल पोस्ट वाली घटना जनवरी 2024 में मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के माकड़ोन क्षेत्र की है। दो पक्षों में हुए विवाद के दौरान ट्रैक्टर से सरदार पटेल की प्रतिमा गिरा दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की थी। पूरी रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है।

अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करती है। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को बिहार का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष : विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो एक साल पहले हुई घटना का है और उज्जैन का है। जनवरी 2024 में उज्जैन जिले के माकड़ोन इलाके में दो समूहों के बीच विवाद हो गया था। यह विवाद डॉ भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्‍लभभाई पटेल की प्रतिमा को लगाने को लेकर हुआ था। एक समूह चाहता था कि इलाके में डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगे, जबकि दूसरे समूह ने सरदार वल्‍लभभाई पटेल की प्रतिमा लगा दी थी। आंबेडकर की मूर्ति के तोड़े जाने का दावा गलत है, वास्तव में सरदार वल्‍लभभाई पटेल की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया था।

  • Claim Review : लोगों ने बाबा साहेब की प्रतिमा को तोड़ा।
  • Claimed By : FB User Puja Ambedkarwadi
  • Fact Check : भ्रामक

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