Fact Check: सोनिया गांधी के बैकग्राउंड में नहीं थी भारत को ‘ईसाई राष्ट्र’ बनाने के टाइटल वाली किताब, एडिटेड तस्वीर वायरल
विश्वास न्यूज़ ने वायरल पोस्ट की जांच की और इसे फर्जी पाया। सोनिया गांधी की वायरल तस्वीर एडिटेड है, असली वीडियो में इस तरह की कोई किताब सोनिया गांधी के पीछे नजर नहीं आती।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Jul 31, 2025 at 02:39 PM
- Updated: Jul 31, 2025 at 03:15 PM
नई दिल्ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया पर सोनिया गांधी की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें उनके पीछे “हाउ टू कन्वर्ट इंडिया इन टू ए क्रिश्चियन नेशन” टाइटल वाली एक किताब देखी जा सकती है। कई यूजर इस तस्वीर को असली मानकर शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने पड़ताल में पाया कि वायरल तस्वीर एडिटेड है। असली तस्वीर में सोनिया गांधी के बैकग्राउंड में “हाउ टू कन्वर्ट इंडिया इन टू ए क्रिश्चियन नेशन” टाइटल वाली कोई किताब नहीं थी।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर Sameer Thakur (आर्काइव) ने इस तस्वीर को शेयर किया और लिखा “जिसको समझ में आ गया वह समझो बहुत बुद्धिमान है। आप समझ लो कि भैया यह क्यों भारत देश में ही रह गई। अभी तक इसको हिंदी नहीं आती लेकिन अपने मकसद में पूरा करने की कोशिश है उसमें यह सौ प्रतिशत देती है।”

पड़ताल
वायरल तस्वीर पहले भी वायरल हो चुकी है। उस समय भी विश्वास न्यूज़ ने इस तस्वीर की जांच की थी। तस्वीर को जांचने के लिए हमने इसे गूगल रिवर्स इमेज किया, तो हमें राहुल गांधी के 27 अक्टूबर 2020 के एक ट्वीट (अब X) में एक वीडियो मिला, जिसमें से वायरल तस्वीर वाला स्क्रीनशॉट लिया गया था। इस पूरे वीडियो में सोनिया गांधी के पीछे “हाउ टू कन्वर्ट इंडिया इन टू ए क्रिश्चियन नेशन” टाइटल वाली कोई किताब नहीं थी।
हमें यह वीडियो इंडियन नेशनल कांग्रेस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी 27 अक्टूबर 2020 को अपलोड मिला। यहां भी देखा जा सकता है कि सोनिया गांधी के पीछे वायरल तस्वीर जैसी कोई किताब नहीं थी।
27 अक्टूबर 2020 को अपलोड किए गए इस वीडियो में बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सोनिया गांधी बिहार के लोगों को संबोधित कर रहीं थीं और राज्य में इकोनॉमी व बेरोजगारी की स्थिति पर बात कर रही थीं। इस वीडियो को सबसे पहले अक्टूबर 2020 में राहुल गांधी ने साझा किया था, बाद में कई मीडिया हाउसेज ने इस वीडियो के स्क्रीनशॉट्स को अपनी खबर में शामिल किया था।
ज्यादा जानकारी के लिए हमने वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से भी बात की थी, जिन्होंने तस्वीर को एडिटेड बताया था। उन्होंने उस समय हमें यह भी बताया था कि इस एडिटेड तस्वीर को लेकर उन्होंने एफआईआर भी दर्ज करवाई है।
फेसबुक पर एडिटेड तस्वीर को शेयर करने वाले यूजर समीर ठाकुर के 700 से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ ने वायरल पोस्ट की जांच की और इसे फर्जी पाया। सोनिया गांधी की वायरल तस्वीर एडिटेड है, असली वीडियो में इस तरह की कोई किताब सोनिया गांधी के पीछे नजर नहीं आती।
- Claim Review : सोनिया गांधी के बैकग्राउंड में भारत को 'ईसाई राष्ट्र' बनाने के टाइटल वाली किताब
- Claimed By : FB User Sameer Thakur
- Fact Check : झूठ
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