Fact Check: पुलिस लाठीचार्ज का यह वीडियो, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन का नहीं है
प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। यह वीडियो जुलाई 2026 का है, जब नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली में छात्रों ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था।
- By: Pragya Shukla
- Published: Oct 5, 2026 at 02:58 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों के बीच चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर मतभेद होने की रिपोर्ट सामने आने के बाद देशभर में प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 4 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर तक ‘सिटिजन्स मार्च’ निकाला। इसी प्रदर्शन से जोड़कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सीआरपीएफ के एक जवान को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन का बताकर शेयर किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट का दावा गलत साबित हुआ। असल में वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि जुलाई 2026 का है। उस दौरान नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में छात्रों ने तत्कालीन केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘कुलदीप पंडित’ ने 4 अक्टूबर 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “आखिरी बॉल का ही इंतजार था जब जंतर-मंतर स्टेडियम में मोदी जी ने छक्का मारकर देशद्रोहियों का पिछवाड़ा तोड़ दिया …जंतर मंतर अब भारतीय सेना के हवाले हे ओर सेना आजादी ट्राली भर भरकर देती हैं…जय श्री राम।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से इसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘jansandesh news’ नाम के फेसबुक अकाउंट पर 21 जुलाई 2026 को शेयर किया हुआ मिला। यहां मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का है।

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘datiabulletinofficial’ नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी मिला। वीडियो को 21 जुलाई 2026 को शेयर करते हुए इसे जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का बताया गया था। कैप्शन के अनुसार, छात्र नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे।

हमारी पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को 28 जुलाई 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “20 जुलाई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) की अगुवाई में छात्रों ने संसद भवन तक मार्च निकाला था। इसी दौरान पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया था, जिसे लेकर पुलिस की काफी निंदा हुई थी। दिल्ली पुलिस ने तब सफाई देते हुए कहा था कि वह छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पुलिस की ओर से उठाए गए कदमों की समीक्षा करेगी।” रिपोर्ट में वायरल वीडियो से मिलते-जुलते कीफ्रेम देखे जा सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए हमने जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन को कवर करने वाले ‘दैनिक जागरण’ के रिपोर्टर नेमिश हेमंत से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि जब जंतर-मंतर पर छात्र नीट एग्जाम में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, उस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था और इस तरह के कई वीडियो तब सामने आए थे।
क्या है संदर्भ?
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने 25 सितंबर 2026 को एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) समेत कई मुद्दों पर चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेदों का दावा किया गया था। इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद 27 सितंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एक बैठक की थी। इसके बाद आयोग की तरफ से यह कहा गया कि एसआईआर से जुड़े सभी बड़े फैसले चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से लिए थे।
हमें चुनाव आयोग के एक्स हैंडल पर ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट को लेकर जारी एक प्रेस नोट भी मिला। चुनाव आयोग ने 26 सितंबर 2026 को इस प्रेस नोट को शेयर करते हुए लिखा, “हाल के महीनों में आयोग ने देशभर में SIR सहित कई निर्णय लिए हैं। सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 24.6.2025 को जारी SIR का आदेश, जिसकी शुरुआत बिहार से हुई और बाद में इसे पश्चिम बंगाल तथा 30 अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया गया, आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का कार्यक्रम 27.10.2025 को और 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 14.05.2026 को आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था।”
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को फेसबुक पर करीब सात हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया है। यूजर एक खास विचारधारा से जुड़ी पोस्ट शेयर करता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। यह वीडियो जुलाई 2026 का है, जब नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली में छात्रों ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था।
- Claim Review : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन का वीडियो।
- Claimed By : FB User कुलदीप पंडित
- Fact Check : झूठ
- Video Posted by FB Handel Jansandesh News, Dated 21 July 2026
- Video Posted by Inst Handel Datia Bulletin Official, Dated 21 July 2026
- News Report by The Indian Express, Dated 25 Sep 2026
- News Report by Hindustan Times, Dated 21 July 2026
- News Report by BBC, Dated 27 Sep 2026
- Post by X@ECI, Dated 26 Sep 2026
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