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Fact Check: सरकारी योजना के नाम से फिर वायरल हुआ फिशिंग लिंक, झांसे में न आएं

फ्री इलेक्ट्रिक साइकिल योजना के नाम से फिशिंग लिंक शेयर किया जा रहा है। इसका सरकारी वेबसाइट से कोई संबंध नहीं है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर अक्सर फर्जी योजना के नाम पर लोगों के साथ ठगी की जाती है। कभी कहा जाता है कि सरकार मुफ्त में तीन महीने का रिचार्ज दे रही है, तो कभी मुफ्त में स्प्लेंडर बाइक देने का झांसा दिया जाता है। इसी कड़ी में एक और दावा तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि ‘फ्री साइकिल योजना 2025’ के तहत मुफ्त में इलेक्ट्रिक साइकिल दी जा रही है। साथ ही वीडियो में कहा जा रहा है कि ‘yippyblog’ नाम की वेबसाइट पर जाकर मुफ्त इलेक्ट्रिक साइकिल के लिए आवेदन किया जा सकता है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। यह एक फिशिंग लिंक है। इसका सरकारी वेबसाइट से कोई संबंध नहीं है। फर्जी वेबसाइट के लिंक को फेक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। केंद्र सरकार या कोई राज्य सरकार इलेक्ट्रिक साइकिल को लेकर अभी तक कोई योजना नहीं चला रही है। हालांकि, राज्य स्तर पर कई ऐसी योजनाएं चलाई जाती हैं, जिनके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को साइकिल खरीदने में मदद की जाती है, या फिर मुफ्त में साइकिल दी जाती है। 

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘Virleportal’ ने 22 नवंबर 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “फ्री साइकिल योजना 2025”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। हमें ऐसी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें यह बताया गया हो कि किसी सरकार ने हाल ही में इलेक्ट्रिक साइकिल को लेकर इस तरह की कोई योजना शुरू की है। 

हमने ‘माई स्कीम‘ और प्रेस सूचना ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट को भी खंगाला। लेकिन हमें वहां पर भी इस स्कीम से जुड़ी कोई जानकारी या फिर प्रेस नोट नहीं मिला। 

हमने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए ‘yippyblog’ नाम की वेबसाइट के बारे में सर्च किया और इसे खंगाला। हमने पाया कि इस वेबसाइट पर लोगों को भ्रामक करने वाली पोस्ट्स डाली जाती हैं। स्टोरी की कवर इमेज पर लिखा जाता है ‘फ्री मोबाइल योजना’ और ‘फ्री बाइक/साइकिल योजना’, लेकिन इसके अंदर इंश्योरेंस और लोन से जुड़ी जानकारियां दी दी जाती हैं। 

सर्च के दौरान हमने पाया कि राज्य स्तर पर कई ऐसी योजनाएं चलाई जाती है, जिनके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को साइकिल खरीदने में मदद की जाती है, या फिर मुफ्त में साइकिल दी जाती है। ‘माई स्कीम’ की वेबसाइट पर इससे जुड़ी जानकारी को देखा जा सकता है। लेकिन हमें राज्य स्तर पर भी इलेक्ट्रिक साइकिल से जुड़ी किसी योजना की कोई जानकारी नहीं मिली।

अधिक जानकारी के लिए हमने साइबर एक्सपर्ट एवं ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन साइबर क्राइम एंड साइबर लॉ’ के चेयरमैन अनुज अग्रवाल से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि आजकल साइबर अपराधी, ठगी करने के लिए नए-नए तरीके अपनाने लगे हैं। ऐसे अपराधी वीडियो के जरिए लोगों को झांसा देते हैं और लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं। जैसे ही यूजर लिंक पर क्लिक करता है, उसका डेटा चुरा लिया जाता है। ऐसा ही कुछ इस वीडियो के जरिए भी करने की कोशिश की जा रही है। अनजान लिंक पर क्लिक करना खतरनाक साबित हो सकता है। इससे यूजर का डेटा चोरी हो सकता है, या फिर उसे आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है। 

सोशल मीडिया पर अक्सर इस तरह के फर्जी दावों को शेयर कर लोगों को गुमराह किया जाता है। यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के नाम पर एक मैसेज को शेयर कर दावा किया गया था कि उनकी ओर से गरीबों को फ्री में सोने का हार दिया जा रहा है। हार पाने के लिए पेज को फॉलो और फॉर्म भरने को कहा गया था। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला था। 

पूरी रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है।

इसी तरह छठ के मौके पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया गया था कि सरकार सभी को स्प्लेंडर बाइक मुफ्त दे रही है। हमारी जांच में यह दावा भी फेक साबित हुआ था।

पूरी रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है।

गणेश चतुर्थी के मौके पर भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला था।  सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को शेयर कर दावा किया गया था कि गणेश पूजा के अवसर पर सरकार सभी को 5000 रुपये दे रही है। जब हमने इसकी पड़ताल की तो यह दावा फेक और गलत साबित हुआ।  

पूरी रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के फेसबुक अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 9.3 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर इसी तरह की फर्जी पोस्ट्स को शेयर करता है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि फ्री इलेक्ट्रिक साइकिल योजना के नाम से फिशिंग लिंक शेयर किया जा रहा है।  इसका सरकारी वेबसाइट से कोई संबंध नहीं है। फर्जी वेबसाइट के लिंक को फेक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। केंद्र सरकार या कोई राज्य सरकार इलेक्ट्रिक साइकिल को लेकर अभी तक कोई योजना नहीं चला रही है। हालांकि, राज्य स्तर पर कई ऐसी योजनाएं चलाई जाती हैं, जिनके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को साइकिल खरीदने में मदद की जाती है, या फिर मुफ्त में साइकिल दी जाती है। 

  • Claim Review : फ्री इलेक्ट्रिक साइकिल योजना के लिए अप्लाई करने का लिंक
  • Claimed By : FB User Virleportal
  • Fact Check : झूठ

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