Fact Check : भारत-पाक तनाव से जोड़कर वायरल किया जा रहा फर्जी रिचार्ज ऑफर का दावा
फ्री रिचार्ज के दावे के साथ वायरल पोस्ट फर्जी है। सरकार की तरफ से फ्री रिचार्ज देने का एलान नहीं किया गया है। फ्री रिचार्ज के नाम से फर्जी वेबसाइट का लिंक वायरल हो रहा है।
- By: Pragya Shukla
- Published: May 13, 2025 at 06:12 PM
- Updated: May 14, 2025 at 11:43 AM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान की हार पर प्रधानमंत्री मोदी ने रात 12 बजे से तीन महीने का रिचार्ज फ्री कर दिया है। यूजर की प्रोफाइल के बायो में मौजूद लिंक पर क्लिक कर किसी भी कंपनी का सिम रिचार्ज किया जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। सरकार की तरफ से इस तरह का कोई एलान नहीं किया गया है। फ्री रिचार्ज के नाम से फर्जी वेबसाइट का लिंक वायरल हो रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, यूजर के निजी डेटा को चोरी करने के मकसद से इस तरह की फर्जी वेबसाइट चलाई जा रही है और उसे गलत जानकारी के साथ शेयर किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर पहले भी इस तरह के दावे काफी वायरल हो चुके हैं।
क्या हो रहा है वायरल ?
इंस्टाग्राम यूजर free.recharge.tips ने 12 अप्रैल 2025 को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “मोदी जी का बड़ा फैसला तीन महीने Free Recharge जल्दी करो।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली।
हमने सरकार की आधिकारिक वेबसाइट इंडिया डॉट गवर्नमेंट डॉट इन पर जाकर भी इस बारे में सर्च किया। हमें वहां पर भी दावे से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली।
वायरल पोस्ट में मौजूद पीएम मोदी के वीडियो के बारे में जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से इसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वीडियो का लंबा वर्जन सीएनएन न्यूज 18 के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 24 मार्च 2020 को शेयर किया गया था। असली वीडियो में पीएम मोदी कोरोना के कारण लगाए गए लॉकडाउन के बारे में बता रहे हैं।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने सेफ्टी टूल्स की मदद से प्रोफाइल में मौजूद लिंक पर क्लिक किया। हमें लिंक earnkd डॉट इन नामक वेबसाइट की एक रिपोर्ट पर ले गया। रिपोर्ट में रिचार्ज के कुछ तरीकों के बारे में बताया गया है। साथी ही रिपोर्ट के बीच में लिखा है लिंक पर क्लिक कर रिचार्ज करें। जब हमने इस लिंक पर क्लिक किया। वहां पर लिख कर आया 9 सेकंड तक इंतजार करें। फिर यह हमें वेबसाइट के एक अन्य रिपोर्ट पर लेकर गया।

वायरल वीडियो में एबीपी न्यूज की एक क्लिप को इस्तेमाल किया गया है। हमें इसके डीपफेक होने का संदेह हुआ। हमने इसे चेक करने के लिए एआई डिटेक्शन टूल आइव मोडरेशन का इस्तेमाल किया। टूल ने वीडियो के 92 फीसदी तक और ऑडियो के 63 फीसदी तक डीपफेक होने की संभावना जताई।
हमने असली वीडियो के बारे में जानने के लिए एबीपी न्यूज के आधिकारिक यूट्यूब चैनल को खंगालना शुरू किया। हमें असली क्लिप 7 मई 2025 को अपलोड हुई मिली। असली वीडियो में एंकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में बताती हुई नजर आ रही है। इसी वीडियो के ऑडियो को एडिट कर गलत तरीके से शेयर किया जा रहा है।
वीडियो को लेकर हमने डीएयू (एमसीए की पहल) से संपर्क किया। उन्होंने इसे हिया एआई डिटेक्शन टूल और डीपफेक ओ मीटर एआई पर चेक किया। दोनों ने ही वीडियो में एआई जेनरेटेड आवाज की संभावना जताई गई।


हिया एआई पर वीडियो के कुछ हिस्से और ऑडियो में व्यापक छेड़छाड़ की संभावना जताई गई।

अधिक जानकारी के लिए हमने पूर्व आईपीएस एवं साइबर विशेषज्ञ एक्सपर्ट त्रिवेणी सिंह से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि इस तरह के लिंक अक्सर यूजर के डेटा को कलेक्ट करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। अगर इस तरह की वेबसाइट पर ज्यादा समय तक रुका जाता है, तो वो आपका डेटा कलेक्ट करने लगती है। इस तरह की वेबसाइट के नोटिफिकेशन को कभी अलाउड नहीं करना चाहिये। ऐसा करने से आपके निजी डिवाइस को हैक करना हैकर्स के लिए आसान हो जाता है। वेबसाइट पर रोककर और वेबसाइट के दूसरी रिपोर्ट पर यूजर को रिडायरेक्ट करना व्यूज पाने और मोनेटाइजेशन के जरिए पैसे कमाने का भी एक तरीका है। आज के समय में निजी डेटा को हैक करने के कई नए तरीके आ चुके हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और इस तरह के लुभावने ऑफरों से बचना चाहिये। ये ठगी का एक तरीका है।
हमने वीडियो में नजर आ रही एंकर खुशी तोमर से भी संपर्क किया। उन्होंने वीडियो को फेक बताया है।
सोशल मीडिया पर फ्री रिचार्ज को लेकर अक्सर फर्जी दावे वायरल होते रहते हैं। कभी आईपीएल के नाम से कभी राजनीतिक पार्टी के नाम से फर्जी लिंक की वेबसाइट को फ्री रिचार्ज के दावे के साथ शेयर किया जाता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत जानकारी के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 31 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर की प्रोफाइल पर इसी तरह के फर्जी पोस्ट्स शेयर किये गये हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि फ्री रिचार्ज के दावे के साथ वायरल पोस्ट फर्जी है। सरकार की तरफ से फ्री रिचार्ज देने का एलान नहीं किया गया है। फ्री रिचार्ज के नाम से फर्जी वेबसाइट का लिंक वायरल हो रहा है।
- Claim Review : पाकिस्तान से जीत के बाद पीएम मोदी ने दिया फ्री रिचार्ज।
- Claimed By : Inst user free.recharge.tips
- Fact Check : झूठ
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