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Fact Check: धीरेंद्र शास्त्री ने नहीं दिया ब्राह्मणों को लेकर वायरल बयान, Fake पोस्ट की गई शेयर

धीरेंद्र शास्‍त्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि इसमें दावा किया गया है। नवभारत टाइम्‍स ने भी पोस्‍टकार्ड को फेक बताया।

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के बयान के नाम पर सोशल मीडिया पर एक पोस्‍टकार्ड वायरल हो रहा है। इसमें ऊपर नवभारत टाइम्‍स का लोगो भी लगा हुआ है। इसमें धीरेंद्र शास्‍त्री की तस्‍वीर का इस्‍तेमाल करते हुए कहा गया कि ब्राह्मणों को मनुस्मृति का पालन करते हुए अपने घर की महिलाओं को पढ़ाना-लिखाना नहीं चाहिए। इस बयान को सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्‍वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इसकी जांच की। यह पोस्‍टकार्ड फेक साबित हुआ। नवभारत टाइम्‍स के पोस्‍टकार्ड का दुरुपयोग करके इसे बनाया गया है। धीरेंद्र शास्‍त्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि इसमें दावा किया गया है। नवभारत टाइम्‍स ने भी पोस्‍टकार्ड को फेक बताया।

क्‍या हो र‍हा है वायरल

फेसबुक यूजर Adv Rajesh Sheokand ने 31 दिसंबर 2025 को एक पोस्‍ट कार्ड को शेयर किया। इसके ऊपर धीरेंद्र शास्‍त्री की तस्‍वीर और नाम का इस्‍तेमाल करते हुए लिखा गया, “ब्राह्मण समाज के लोगों को अपने घर में मनुस्मृति का पालन करना चाहिए। ब्राह्मण समाज की लड़कियों और महिलाओं को पढ़ाई लिखाई नहीं करनी चाहिए। घर से बाहर नौकरी भी नहीं करनी चाहिए।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने नवभारत टाइम्‍स के नाम पर वायरल पोस्‍ट की सच्‍चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्‍तेमाल किया। कीवर्ड से सर्च करने पर हमें इससे जुड़ी कोई खबर नहीं मिली।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए नवभारत टाइम्‍स के एक्‍स हैंडल को स्‍कैन किया। यहां सर्च करने पर हमें 30 दिसंबर 2025 की एक पोस्‍ट मिली। इसमें वायरल पोस्‍ट को फेक बताते हुए असली पोस्‍ट को भी शेयर किया। पोस्‍ट के साथ लिखा गया, “पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर NBT के नाम से कई पोस्ट वायरल हो रही हैं और उन फ़र्ज़ी पोस्ट के जरिये भ्रामक संदेश फैलाए जा रहे हैं। इस पोस्ट में दो तस्वीरें लगी हैं, जिनमें से एक फेक है और एक असली है। NBT की किसी भी खबर की सत्यता जांचने के लिए केवल NBT के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर ही भरोसा करें।”

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए नवभारत टाइम्‍स डिजिटल के संपादक अखिलेश श्रीवास्‍तव से संपर्क किया। उन्‍होंने वायरल पोस्‍ट को फर्जी बताते हुए कहा कि हमने अपने सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्‍ट का खंडन कर दिया है। नवभारत टाइम्‍स के नाम पर पर वायरल हो रहीं ऐसी पोस्‍ट फर्जी हैं।

पड़ताल के अंतिम चरण में हमने फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की। पता चला फेसबुक यूजर को आठ सौ से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर हरियाणा का रहने वाला है।

निष्‍कर्ष : विश्वास न्यूज की जांच के दौरान धीरेंद्र शास्‍त्री के नाम पर वायरल हो रहा बयान फेक साबित हुआ। नवभारत टाइम्‍स के पोस्‍टकार्ड का गलत इस्‍तेमाल करते हुए वायरल पोस्‍ट तैयार की गई है।

  • Claim Review : धीरेंद्र शास्‍त्री ने कहा कि ब्राह्मण समाज के लोगों को अपने घर में मनुस्मृति का पालन करना चाहिए।
  • Claimed By : FB User Adv Rajesh Sheokand
  • Fact Check : झूठ

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