Fact Check: बागपत के युवक को ऑस्ट्रेलिया का बताकर वायरल की गई आगरा में पासपोर्ट चोरी होने की झूठी कहानी
ऑस्ट्रेलिया के एंडरसन का आगरा में सामान और पासपोर्ट चोरी हो जाने और ईंट भट्ठे पर काम करने की कहानी मनगढ़ंत और फेक है। वायरल वीडियो में दिख रहा युवक बागपत का है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Jun 26, 2026 at 03:33 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर ऑस्ट्रेलियाई नागरिक का बताकर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इसमें एक युवक को ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि ऑस्ट्रेलिया के एंडरसन को आगरा में सामान और पासपोर्ट चोरी होने के बाद मजदूरी करनी पड़ रही है। यूजर्स इसे देश को शर्मसार करने वाली घटना बताकर कथित रूप से चोरी किया गया एंडरसन का सामान लौटाने की भी अपील कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह कहानी मनगढ़ंत और फेक है। वीडियो में दिख रहा युवक उत्तर प्रदेश के बागपत का रहने वाला है और एक व्यक्ति ने उसका यह वीडियो इस कहानी के साथ पोस्ट कर दिया था।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Yadav Roshni’ ने 23 जून 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया और साथ में लिखा, “अतिथि देवो भव के देश से आई इस तस्वीर ने सबको शर्मसार कर दिया है! आगरा (उत्तर प्रदेश): ऑस्ट्रेलिया से भारत की संस्कृति और खूबसूरती को निहारने आए ‘एंडर्सन’ नाम के एक विदेशी पर्यटक के साथ आगरा में एक बेहद दुखद और शर्मनाक वाकया पेश आया है। आगरा घूमने के दौरान चोरों ने एंडर्सन का पासपोर्ट, सारे पैसे और उनका पूरा सामान पार कर दिया। विदेशी धरती पर सब कुछ खो जाने के बाद एंडर्सन पूरी तरह लाचार हो गए। हालत यह हो गई है कि अब उन्हें दो वक्त की रोटी और अपना पेट भरने के लिए एक ईंट के भट्ठे पर कड़ा शारीरिक श्रम और मजदूरी करनी पड़ रही है। जिस सैलानी का स्वागत पलकों पर होना चाहिए था, वह आज दाने-दाने को मोहताज है। हम सभी देशवासियों से अपील करते हैं कि इस वीडियो को इतना शेयर करें कि यह प्रशासन तक पहुंचे। साथ ही, जिसने भी इनका सामान चुराया है, कृपया इंसानियत के नाते इनका पासपोर्ट और सामान लौटा दें ताकि यह मासूम विदेशी नागरिक अपने वतन सुरक्षित वापस लौट सके।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड से इस बारे में गूगल पर सर्च किया, लेकिन हमें ऐसी कोई पोस्ट नहीं मिली। अगर ऐसी कोई घटना हुई होती तो मीडिया में उसकी रिपोर्ट जरूर आती।
इसके बाद हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। सर्चिंग में हमें इंस्टाग्राम यूजर ‘sahildeshwal7500’ के अकाउंट पर पोस्ट किया गया एक वीडियो मिला। इसे 25 जून 2026 को अपलोड किया गया था। इसमें इनसेट में वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को देखा जा सकता है। जानकारी के अनुसार, एंडरसन के दावे से जिस युवक की कहानी वायरल हो रही है, वह यूपी के बागपत जिले के काठा गांव का है और उसका नाम ‘साहिल देशवाल’ है। वीडियो में साहिल कह रहा है कि यह सब फेक है और मुंशी ने उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था। साहिल ईंट-भट्ठे पर काम करता है।

इस अकाउंट में साहिल के कुछ अन्य वीडियो भी देखे जा सकते हैं। 16 फरवरी 2025 को साहिल के ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने का एक अन्य वीडियो पोस्ट किया गया था।

इंस्टाग्राम यूजर ‘dipendrakiduniya’ ने 25 जून 2026 को वायरल वीडियो के बारे में जानकारी पोस्ट की है। इसमें वायरल क्लिप को भी देखा जा सकता है। वीडियो में एंडरसन के नाम से वायरल किए जा रहे युवक और उसके भाई ने इसे फेक बताया है।

इस बारे में हमने साहिल देशवाल के भाई गुलफाम से संपर्क कर उन्हें वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने कहा, ”सोशल मीडिया पर मनगढ़ंत कहानी फैलाई जा रही है। मेरे तीन भाई हैं। सबसे छोटे भाई का नाम साहिल है। वह ईंट भट्ठे पर काम करता है और बचपन से ही ऐसा है। पिता के एक्सीडेंट के बाद उसने 12 की पढ़ाई के बाद मजदूरी शुरू कर दी थी। एक दिन मुंशी ने काम करते हुए उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था।’‘ इस बारे में उन्होंने पुलिस को भी पहचान पत्र के साथ जानकारी दे दी है। साहिल शुरू से ही बागपत के काठा गांव में रह रहे हैं।
वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि युवक आगरा में ताजमहल देखने आया था, जहां उसका सामान चोरी हुआ। इस आधार पर हमने आगरा ताजगंज थाने के प्रभारी जसवीर सिंह से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि यहां ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। अगर किसी पर्यटक का सामान चोरी होता, तो वह पुलिस में शिकायत जरूर करता।
वहीं, ‘दैनिक जागरण’ आगरा के क्राइम रिपोर्टर अली अब्बास ने भी इस पोस्ट को फेक बताते हुए कहा कि यहां ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
इससे साफ होता है कि एंडरसन के नाम से वायरल कहानी मनगढ़ंत है।
क्या है संदर्भ?
बागपत में रहने वाले युवक साहिल देशवाल का, उसके मुंशी ने ईंट भट्ठे पर काम करते हुए उसका वीडियो बनाया और एंडरसन के नाम से वायरल कर दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस कहानी को सच मानकर उसका पासपोर्ट व सामान लौटाने की अपील की।
त्वचा और बालों को रंग मेलेनिन नामक एक पिगमेंट से मिलता है। इसका प्राथमिक कार्य सनस्क्रीन की तरह हानिकारक अल्ट्रा वायलेट विकिरण से त्वचा की रक्षा करना है। कुछ लोगों में यह बहुत कम होता है, जिससे उनकी त्वचा, बाल और आंखें बहुत पीली होती हैं।
वीडियो को गलत दावे से शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। नई दिल्ली की रहने वाली यूजर अगस्त 2019 से फेसबुक पर सक्रिय हैं और उनके करीब 32 हजार फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: ऑस्ट्रेलिया के एंडरसन का आगरा में सामान और पासपोर्ट चोरी हो जाने और ईंट भट्ठे पर काम करने की कहानी मनगढ़ंत और फेक है। वायरल वीडियो में दिख रहा युवक बागपत का है।
- Claim Review : आगरा में सामान और पासपार्ट चोरी होने के बाद ऑस्ट्रेलिया के एंडरसन ने मजदूरी की।
- Claimed By : FB User- Yadav Roshni
- Fact Check : झूठ
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