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Fact Check : पुलिस पर पत्थरबाजी करते लोगों का यह वीडियो बंगाल नहीं, नेपाल का है

पुलिस पर पत्थरबाजी करते लोगों का भारत से कोई संबंध नहीं है। असल में राजशाही को वापस लाने की मांग करते हुए मार्च में कुछ प्रदर्शनकारियों ने हिंसक प्रदर्शन किया था। यह वीडियो उसी प्रदर्शन के दौरान का है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Apr 16, 2025 at 05:02 PM
  • Updated: Apr 25, 2025 at 06:28 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर पत्थरबाजों से खुद को बचाती पुलिस का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को बंगाल हिंसा से जोड़ते हुए दावा किया जा रहा है कि यह वहां पर हाल ही में हुई घटना का वीडियो है। उपद्रवियों ने वहां पर पुलिस पर भी पत्थरबाजी की। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। असल में राजशाही को वापस लाने की मांग करते हुए मार्च में कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन किया था। यह वीडियो उसी प्रदर्शन के दौरान का है।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘अजय सनातनी’ ने 13 अप्रैल 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “देख लो बंगाल में पुलिस की हालत इनसे कौन बचाएगा तुम्हे।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो कई सोशल मीडिया अकाउंट पर मार्च 2025 को शेयर हुआ मिला। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो नेपाल में राजशाही को फिर से बहाल करने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन का है।

वीडियो पर गौर करने पर हमने पाया कि वीडियो में एक जगह पर ‘घर आंगन Restro & Sekuwa’ लिखा हुआ है। हमने गूगल पर इसके बारे में सर्च किया। हमने पाया कि यह काठमांडू के तिनकुने में स्थित एक रेस्टोरेंट हैं। हमें इसकी कई तस्वीरें गूगल अर्थ पर मिली, जो कि वायरल वीडियो वाली जगह से मिलती-जुलती हैं। 

आजतक की वेबसाइट पर 29 मार्च 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, “काठमांडू के कुछ हिस्सों में उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति देखी गई, जब राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों ने राजशाही की मांग को लेकर पत्थरबाजी की और एक राजनीतिक पार्टी के कार्यालय पर हमला किया, वाहनों में आग लगाई और तिंकुने इलाके में दुकानों में लूटपाट की।” इस हिंसक प्रदर्शन में दो की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इस हिंसक प्रदर्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था। 

अधिक जानकारी के लिए हमने काठमांडू के स्थानीय पत्रकार अनुज अरोरा से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो 28 मार्च को काठमांडू में हुए एक प्रदर्शन के दौरान का है। दरअसल, राजा को वापस लाने की मांग करते हुए कुछ लोगों ने हिंसक प्रदर्शन किया था। यह वीडियो उसी दौरान का है। 

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है। यूजर को सात हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पुलिस पर पत्थरबाजी करते लोगों का भारत से कोई संबंध नहीं है। असल में राजशाही को वापस लाने की मांग करते हुए मार्च में कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन किया था। यह वीडियो उसी प्रदर्शन के दौरान का है।

  • Claim Review : बंगाल में पुलिस पर की गई पत्थरबाजी.
  • Claimed By : Ajay Sanatani
  • Fact Check : झूठ

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