Fact Check: लड़के को बेरहमी से पीटते पुलिसकर्मियों का वीडियो पुराना, भ्रामक दावे से वायरल
लड़के को पीटते पुलिसकर्मियों के वीडियो को लेकर किया जा रहा वायरल दावा भ्रामक है। वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2017 में हुई एक घटना का है। मामला सामने आने के बाद पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।
- By: Pragya Shukla
- Published: Jun 5, 2025 at 04:30 PM
- Updated: Jun 5, 2025 at 04:33 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश पुलिस के नाम से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दो पुलिसकर्मियों को एक शख्स पर बेरहमी से मारते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुई घटना का बताते हुए यूपी पुलिस पर तंज कसते हुए शेयर किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2017 में हुई एक घटना का है। मामला सामने आने के बाद पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर योगेश कुमार ने 4 जून 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “Jai bheem ये योगी जी का उत्तर प्रदेश है…….और योगी जी की पुलिस है ..जो जनता पर कर रही है अत्याचार।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड टूल का इस्तेमाल किया। टूल की मदद से वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो फेसबुक यूजर Vivek Sharma के आधिकारिक अकाउंट पर मिला। यूजर ने वीडियो को 25 नवंबर 2017 को शेयर किया था।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी रिपोर्ट एनडीटीवी की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 18 नवंबर 2017 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, घटना महाराजगंज में पनीयारा पुलिस थाने में हुई थी। वहां पर एक नाबालिग को चोरी के आरोप में दो पुलिस वालों ने बेरहमी से पीटा था। इस मामले को लेकर तत्कालीन महाराजगंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशुतोष ने बताया था कि दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।

अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण महराजगंज के जिला प्रभारी विश्व दीपक त्रिपाठी से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। यह घटना करीब आठ साल पुरानी है। वीडियो सामने आने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।
अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है। यूजर को चार हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। प्रोफाइल पर यूजर ने खुद को चंडीगढ़ का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि लड़के को पीटते पुलिसकर्मियों के वीडियो को लेकर किया जा रहा वायरल दावा भ्रामक है। वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2017 में हुई एक घटना का है। मामला सामने आने के बाद पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।
- Claim Review : लड़के की बेरहमी से पिटाई करते पुलिकर्मियों का वीडियो।
- Claimed By : FB User Yogesh Kumar
- Fact Check : भ्रामक
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