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Fact Check: पुलिस एक्‍शन से असतुंष्‍ट दंपत्ती द्वारा खुद को लगाई गयी आग की घटना के पुराने वीडियो को गलत संदर्भ में किया जा रहा है वायरल

  • By Vishvas News
  • Updated: September 28, 2020

नई दिल्‍ली (विश्‍वास टीम)। सोशल मीडिया पर आज कल एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला और एक पुरुष को आग की लपटों के बीच देखा जा सकता है। वायरल वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है “मरते हैं किसान और मजदूर तो मरने दो, वह कोई सुशांत थोड़ी है। उजड़ता है खेत, खलिहान या आशियाना तो उजड़ने दो, कंगना का मकान/ऑफिस थोड़ी है।” इस पोस्ट में यह कहने की कोशिश की जा रही है कि यह घटना हाल की है और आग लगाने का कारण किसान समस्या से संबंधित है।

हमारी पड़ताल में हमने पाया कि ये दावा भ्रामक है। एक दबंग के द्वारा मार-पिटाई और पुलिस के एक्शन से संतुष्ट न होने के कारण इन दोनों पति- पत्नी ने मथुरा के एक थाने में खुद को आग लगा ली थी। घटना 2019 की थी।

क्या हो रहा है वायरल

वायरल पोस्ट में क्लेम में लिखा है,“मरते हैं किसान और मजदूर तो मरने दो, वह कोई सुशांत थोड़ी है। उजड़ता है खेत, खलिहान या आशियाना तो उजड़ने दो,
कंगना का मकान/ऑफिस थोड़ी है।”

इस वायरल पोस्ट के आर्काइव्ड वर्जन को यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

इस वीडियो की जांच के लिए हमने इस वीडियो के InVID टूल की मदद से कीफ्रेम्स निकाले। इन कीफ्रेम्स को जब हमने गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया तो हमारे हाथ www.ndtv.com की एक खबर लगी। 29 Aug 2019 को पब्लिश की गयी इस खबर में यह वीडियो भी एम्बेडेड था।
खबर में लिखा था कि यह घटना उत्तर प्रदेश के मथुरा की है। खबर के अनुसार, एक दबंग के द्वारा मार-पिटाई और आरोपितों के खिलाफ पुलिस द्वारा रिपोर्ट न लिखने से आहत दंपती ने 28 अगस्त को थाने में खुद को आग लगा ली थी।

हमें इस घटना के बारे में खबर www.jagran.com पर भी मिली। इस खबर के अनुसार भी इस घटना का कारण दबंग के द्वारा मार-पिटाई और आरोपितों के खिलाफ पुलिस द्वारा रिपोर्ट न लिखना था।

हमने ज़्यादा पुष्टि के लिए मथुरा के पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर से बात की। उन्होंने कहा, “घटना 2019 की है। घर के बाहर नाली को लेकर हुए विवाद पर मामला शुरू हुआ था। मामला किसान से संबंधित नहीं था। घटना से पहले मारपीट को लेकर दंपती की तहरीर आई थी। महिला का मेडिकल भी कराया गया था, लेकिन उसके बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इन दोनों ने खुद को सुरीर पुलिस स्टेशन परिसर में ही आग लगा ली थी। बाद में उन्हें दिल्ली के सफदरजंग में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की मृत्यु हो गयी थी। इस घटना को लेकर चौकी इंचार्ज दीपक नागर को तत्‍काल प्रभाव से निलंबित किया गया था। केस चल रहा है।”

इस दंपत्ती की मृत्यु की खबर हमें www.hindustantimes.com पर भी मिली। 

इस पोस्ट को Amarjee Ambedkar नाम के एक फेसबुक यूजर ने शेयर किया था। इनके फेसबुक पर कुल 2,495 फ़ॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: हमारी पड़ताल में हमने पाया कि ये दावा सही नहीं है। एक दबंग के द्वारा मार-पिटाई और पुलिस की निष्क्रियता के कारण इन दोनों पति-पत्नी ने खुद को आग लगायी थी। आग लगाने का कारण किसानों की समस्या से संबंधित नहीं था।

  • Claim Review : मरते हैं किसान और मजदूर तो मरने दो, वह कोई सुशांत थोड़ी है। उजड़ता है खेत, खलिहान या आशियाना तो उजड़ने दो, कंगना का मकान/ऑफिस थोड़ी है।
  • Claimed By : Amarjee Ambedkar
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