Fact Check : रीवा में पुजारी की पिटाई की घटना पांच साल पुरानी, सांप्रदायिक दावे से हुई वायरल
पुजारी को पीटते पुलिसकर्मी की तस्वीर को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं था। असल में वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2020 का है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Apr 8, 2025 at 04:36 PM
- Updated: Apr 11, 2025 at 10:32 AM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक शख्स को पीटते हुए पुलिसकर्मी की कुछ तस्वीरें तेजी से वायरल हो रहा है। तस्वीरों को सांप्रदायिक रंग देते हुए शेयर कर दावा किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के रीवा के मंदिर में नवरात्र के दिन एक पुजारी दीपक जलाने आया हुआ था। इसी दौरान रीवा के एसपी आबिद खान ने मंदिर में पुजारी को अकेला देखकर उसके साथ मारपीट करना शुरू कर दिया।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं था। असल में वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2020 का है। कोविड लॉकडाउन के दौरान पुजारी मंदिर में लोगों के साथ मिलकर पूजा कर रहा था। इसी कारण तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार मिश्रा ने वहां जाकर लोगों को हटाने का प्रयास किया था। इस दौरान उन्होंने पुजारी पर लाठीचार्ज करते हुए बर्बरता पूर्ण कार्रवाई की थी, जिसके बाद वीडियो वायरल हो गया था। तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार मिश्रा पर कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया था।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘हरीश कुमार लालवानी’ ने 7 अप्रैल 2020 को वायरल तस्वीरों को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “माँ के नवरात्रि का अंतिम दिन था आज, दीपक जलाने आया हूं साहब। रामनवमी है सर। मध्यप्रदेश में रीवा के मंदिर में अकेले पूजा कर रहे पुजारी को बेरहमी से पीटा गया। जल से भरा बर्तन लात मार कर फेंक दिया और पूजा क्षेत्र को बूंट पहन के तबियत से कुचला गया। ये गुण्डा है रीवा पुलिस का SP आबिद खान। प्रत्येक हिंदु का यह कर्तव्य है कि इस आरोपी को बर्खास्त कराने के लिए अपना योगदान दे, इस पोस्ट को वायरल करें।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल रिवर्स इमेज की मदद से फोटो को सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 3 अप्रैल 2020 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, घटना रीवा जिले के ढेकहा स्थित देवी मंदिर परिसर की है। जहां पर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने की वजह से पुलिस ने पुजारी पर बर्बरता पूर्ण कार्रवाई की। तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार मिश्रा ने पुजारी को बेरहमी से पीटा। फिर लोगों ने इस बर्बरता पूर्ण कार्रवाई की शिकायत तत्कालीन डीजीपी विवेक जौहरी से की।

दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर 3 अप्रैल 2020 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुजारी की पिटाई की तस्वीर वायरल होने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के आदेश दिये थे। फिर राजकुमार मिश्रा को तत्कालीन आईजी चंचल शेखर ने लाइन अटैच कर दिया था।

पड़ताल के दौरान हमें वायरल दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट द लल्लनटॉप की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 3 अप्रैल 2020 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, पुजारी मंदिर में अकेले नहीं थे। उनके साथ कई अन्य लोग भी मौजूद थे। रिपोर्ट में अन्य लोगों की तस्वीरों को भी प्रकाशित किया गया है।
ईटीवी भारत की वेबसाइट पर 3 अप्रैल 2020 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, पुजारी को पीटने वाले शख्स सिविल लाइन थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा थे। हालांकि, उस दौरान रीवा के एसपी आबिद खान थे। उन्होंने पुजारी की पिटाई नहीं की थी। रीवा आईजी की ओर से ऐसे सभी दावों का खंडन किया गया था।
हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट मध्य प्रदेश जनसंपर्क के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मिली। पोस्ट 3 अप्रैल 2020 को की गई थी। मौजूद जानकारी के मुताबिक, “रीवा की घटना के संबंध में आईजी रीवा ने जानकारी दी है। फोटो में जो पुलिसकर्मी दिखाई दे रहे हैं वह रीवा पुलिस अधीक्षक आबिद खान नहीं हैं। लॉकडाउन के दौरान भीड़ इकट्ठी होने की सूचना पर कार्रवाई की गई है। अनुचित कार्रवाई पर थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा को लाइन अटैच कर दिया गया है।”
अधिक जानकारी के लिए हमने नई दुनिया रीवा के पत्रकार श्याम सुंदर से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह घटना लॉकडाउन के समय की है। उस समय जिसे पुलिस अधीक्षक आबिद खान बताया जा रहा था, वह थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा थे। कोविड के संक्रमण को देखते हुए मंदिर एवं सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ करना माना था।”
अंत में हमने वायरल तस्वीर को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पुजारी को पीटते पुलिसकर्मी की तस्वीर को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं था। असल में वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2020 का है। कोविड लॉकडाउन के दौरान पुजारी मंदिर में लोगों के साथ मिलकर पूजा कर रहा था। इसी कारण थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार मिश्रा ने वहां जाकर लोगों को हटाने का प्रयास किया था। इस दौरान उन्होंने पुजारी पर लाठीचार्ज भी किया था, जिसेक बाद वीडियो वायरल हो गया था और थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार मिश्रा पर कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया था।
- Claim Review : रीवा में मुस्लिम एसपी आबिद खान ने मंदिर में घुर कर पुजारी को पीटा।
- Claimed By : FB User Harish Kumar Lalwani
- Fact Check : झूठ
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