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Fact Check: सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर भीड़ का वीडियो पुराना है, इसका गैस सिलिंडर मामले से कोई संबंध नहीं

गुजरात के सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर लोगों की भीड़ का वीडियो पुराना है। इसे गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण लोगों के पलायन के भ्रामक दावे से वायरल किया जा रहा है।

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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिमी एशिया (मिडिल ईस्ट) में 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए युद्ध के बीच देश में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस, यानी एलपीजी (LPG) सिलिंडर के लिए देश के कई शहरों में लंबी कतारें देखी जा रही हैं। गैस सिलिंडर के मुद्दे से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। वीडियो शेयर कर कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि गुजरात के सूरत में गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण लोग शहर छोड़कर अपने घरों को जा रहे हैं।

विश्वास न्यूज की जांच में वायरल वीडियो पुराना निकला। इसका गैस सिलिंडर मुद्दे से कोई संबंध नहीं है।

क्या है वायरल पोस्ट?

इंस्टाग्राम यूजर ‘dragon.176820’ ने 16 मार्च 2026 को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “सूरत का उधना रेलवे स्टेशन, सूरत में गैस न मिलने के कारण सब लोग गांव वापस जा रहे थे लोग।”

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का स्क्रीनशॉट लेकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। इंस्टाग्राम यूजर ‘unitedsurat’ के अकाउंट पर वायरल वीडियो 27 अक्टूबर 2024 को अपलोड किया गया था। इसके साथ लिखा है, सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर दिवाली पर घर जाने के लिए जुटी भीड़।

वायरल वीडियो पर भी ‘unitedsurat’ का लोगो लगा हुआ है। इससे साफ होता है कि इसी अकाउंट से वीडियो लेकर उसे वायरल किया जा रहा है।

सर्च में हमें ‘जी न्यूज’ के यूट्यूब चैनल पर 27 अक्टूबर 2024 को अपलोड की गई वीडियो न्यूज मिली। इसके अनुसार, “गुजरात के सूरत में दीपावली और छठ पूजा के दौरान रेलवे स्टेशन पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर 35 हजार से ज्यादा यात्रियों की भीड़ देखने को मिली।”

इंस्टाग्राम हैंडल ‘unitedsurat’ और ‘जी न्यूज’ की वीडियो न्यूज के स्क्रीनशॉट्स के कोलाज में स्टेशन की पार्किंग में खड़ी गाड़ियां, स्टॉल और लहराता हुआ तिरंगा देखा जा सकता है।

‘एनडीटीवी’ के यूट्यूब चैनल पर भी 27 अक्टूबर 2024 को भीड़ से संबंधित वीडियो को अलग एंगल से देखा जा सकता है।

इससे यह साबित हो गया कि वायरल वीडियो सूरत के उधना रेलवे स्टेशन का है और ​अक्टूबर 2024 में दिवाली पर घर जाने वाले लोगों का है।

इंस्टा हैंडल ‘यूनाइटेड सूरत’ के एडमिन राहुल वीरधर ने कहा कि यह वीडियो दिवाली पर घर जाने वाले लोगों की भीड़ का था। यह अक्टूबर 2024 का वीडियो है और उनके रिपोर्टर ने इसे शूट किया है।

इस बारे में हमने सूरत में दैनिक जागरण के रिपोर्टर मयूर ठाकुर से भी संपर्क किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो पुराना है।

‘गुड न्यूज टुडे’ की वेबसाइट पर 16 मार्च 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “गुजरात के सूरत में रसोई गैस की किल्लत ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। हीरा और टेक्सटाइल नगरी के रूप में पहचाने जाने वाले इस शहर में इसका असर प्रवासी श्रमिकों पर दिख रहा है। कई श्रमिक मजबूर होकर अपने गांवों की ओर लौटने लगे हैं। उधना रेलवे स्टेशन पर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जाने वाले श्रमिकों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।”

एक्स यूजर ‘Hindustan Petroleum Corporation Limited’ के अकाउंट से 14 मार्च 2026 को पोस्ट कर जानकारी दी गई है कि LPG की सप्लाई लगातार जारी है और लोग अफवाहों से परेशान न हों।

https://twitter.com/HPCL/status/2032683421412282669

‘न्यूज ऑन एयर’ की वेबसाइट पर 16 मार्च को छपी रिपोर्ट के मुताबिक, “पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच भारत को बड़ी राहत मिली है। कतर से 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी का जहाज गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच गया है। यह खेप लगभग 3.24 मिलियन घरेलू एलपीजी सिलिंडरों को भरने के लिए पर्याप्त है। अधिकारियों ने जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी कर ली है और इस जहाज को प्राथमिकता के आधार पर बर्थिंग (जहाज खड़ा करने की जगह) उपलब्ध कराई गई है, ताकि बिना किसी देरी के LPG उतारी जा सके। इससे भारत की ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को कुछ कम करने में मदद मिलेगी। बर्थिंग के तुरंत बाद LPG को  सुरक्षित उतारने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिसके बाद इस आपूर्ति को देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाएगा।”

‘पीआईबी’ की वेबसाइट पर 17 मार्च को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी स्थिति को देखते हुए मौजूदा ईंधन आपूर्ति की स्थिति और पेट्रोलियम उत्पादों तथा एलपीजी की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपायों के बारे में जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति की लगातार निगरानी की जा रही है। वितरकों के यहां किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं मिली है। रिफाइनरियों से घरेलू उत्पादन में लगभग 38% की वृद्धि की गई है। ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर लगभग 94% हो गई है। घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। पूरे देश में इसकी जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है। 12 हजार से ज्यादा जगहों पर छापे मारे गए हैं और 15 हजार से ज्यादा सिलिंडर जब्त किए गए हैं। एलपीजी वाहक ‘शिवालिक’ मुंद्रा बंदरगाह पहुंच गया है और माल उतारने का काम जारी है। वहीं, जहाज ‘नंदा देवी’ आज तड़के सुबह कांडला पहुंचा।”

रिपोर्ट के मुताबिक, “अभी 22 भारतीय झंडे वाले जहाज पश्चिमी फारस की खाड़ी इलाके में हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक भी हैं।”

क्या है संदर्भ?

‘ग्लोबल कॉनफ्लिक्ट ट्रैकर’ की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, “28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया। बड़े पैमाने पर किए गए इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। इजरायल ने भी लेबनान में अपने हवाई हमले तेज कर दिए। यह हमला तेजी से एक क्षेत्रीय युद्ध में बदल गया, जिसका असर महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं और मानवीय सहायता पर पड़ा। ईरान द्वारा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को प्रभावी ढंग से बंद कर देने के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया है, जिसके चलते ‘अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी’ को अपने रणनीतिक भंडार से चार सौ मिलियन बैरल तेल जारी करना पड़ा।”

सूरत के उधना रेलवे स्टेशन के पुराने वीडियो को शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। यूजर के 8700 से अधिक फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: गुजरात के सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर लोगों की भीड़ का वीडियो पुराना है। इसे गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण लोगों के पलायन के भ्रामक दावे से वायरल किया जा रहा है।

  • Claim Review : गुजरात के सूरत में गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण लोग शहर छोड़कर जा रहे हैं।
  • Claimed By : Insta User- dragon.176820
  • Fact Check : झूठ

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