X

Fact Check: जैन मुनि पर हमला किए जाने का ये वायरल दावा बिल्कुल फर्जी है

  • By Vishvas News
  • Updated: June 4, 2021

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। कर्नाटक में जैन मुनि को मुसलमानों के द्वारा पीटे जाने का फर्जी दावा वायरल हो रहा है। विश्वास न्यूज की पड़ताल में ये दावा पूरी तरह फर्जी पाया गया है। जैन मुनि के साथ मुसलमानों ने मारपीट नहीं की थी, बल्कि उनका साल 2018 में रोड एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उनको चोटें आई थीं। जैन मुनि मयंक सागर पूरी तरह से स्वस्थ हैं और धार्मिक कार्यों में व्यस्त हैं।
अन्य दोनों फोटों का जैन मुनि के मामले से कोई लेना-देना नहीं है। ये तस्वीरें अलग-अलग संदर्भों के साथ कई जगह सोशल मीडिया पर शेयर की गई थीं।

क्या है वायरल पोस्ट में?

अनिल त्यागी त्यागी नाम के फेसबुक यूजर ने 3 जून, 2021 को पोस्ट शेयर की, जिसमें तीन फोटो हैं। पहली फोटो में एक महिला जख्मी दिखाई दे रही हैं। दूसरी फोटो में एक व्यक्ति के सिर से खून निकल रहा है। तीसरी फोटो में एक जैन मुनि दिखाई दे रही है। उनके शरीर पर हल्की चोटों के निशान दिखाई दे रहे हैं। इस पोस्ट में दावा करते हुए लिखा है, कर्नाटक में जैन मुनि को मुसलमानों ने मारा कहा कांग्रेस जिन्दाबाद के लगाये नारे अब कांग्रेस अपने असली रूप में आ गई कांग्रेस को वोट देने वाले हिन्दुओं इसी तरह का प्यार तुम्हें कांग्रेस देती रहेगी। इस फोटो को ईतना भेजो की कल तक नरेंद्र मोदी जी और योगी जी के पास पहुंच जाए। आज मौका मिला है कुछ पुण्य का काम करने का। कोई मुसलमान ही होगा जो इस वीडियो को शेयर नहीं करेगा आप सभी को भगवान की कसम।

पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है।

इसी तरह की और भी पोस्ट हमें फेसबुक पर देखने को मिली। ये पोस्ट लड्डू गोपाल ने 2 अप्रैल, 2018 को पोस्ट की थी।

पड़ताल

तीसरी तस्वीर की जांच
एक धर्म विशेष को लेकर किए जा रहे दावे को लेकर विश्वास न्यूज ने इस दावे की सच्चाई जानने का फैसला किया। सबसे पहले हमने जैन मुनि की फोटो ली, जो कि पोस्ट में तीसरे नंबर पर है। चूंकि ये दावा जैन मुनि के बारे में था तो सबसे पहले हमने इनका नाम जानने का फैसला किया। जैन मुनि की फोटो को गूगल रिवर्स इमेज में सर्च किया तो हमें पता चला कि जैन मुनि का नाम मयंक सागर जी महाराज है।
इसके बाद हमने जैन मुनि मयंक सागर जी से संपर्क किया और इस घटना के बारे में पूछा। विश्वास न्यूज की बात जैन मुनि मयंक सागर जी के साथ रहने वाले संघस्थ बा. ब्र. नितिन भैय्याजी से हुई। उन्होंने घटना को विस्तार से बताते हुए कहा कि 11 मार्च 2018 को कनकगिरि जैन तीर्थ, कर्नाटक जाने के दौरान एक टू व्हीलर चालक ने उन्हें गलत दिशा में आकर टक्कर मार दी थी। उन्होंने कहा कि ये घटना शाम करीब साढ़े सात बजे की थी। उस समय अंधेरा था और उस चालक ने नशा भी किया था। इस दौरान जैन मुनि को चोटें भी आई थीं। ये फोटो उसी समय ली गई थी। हालांकि, अब वे पूरी तरह ठीक हैं और वर्तमान में वडोदरा (गुजरात) गए हुए हैं।

पहली तस्वीर की जांच
इसके बाद हमने पोस्ट में दी गई महिला की फोटो को चेक किया तो ये फोटो हमें कई जगह पर अलग-अलग संदर्भों में 2018 से यूज की गई मिली। नीचे दी गई फोटो 2 अप्रैल, 2018 को पोस्ट की गई थी।

पिंटू यादव किंग नाम के ट्विटर यूजर ने इस फोटो को लाठी चार्ज का बताकर पोस्ट किया है। इस फोटो को 1 अप्रैल, 2018 को पोस्ट किया गया है। विश्वास न्यूज स्वतंत्र रूप से इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि यह तस्वीर किस घटना की है, लेकिन यह तय है कि पुरानी तस्वीरें हैं। 2018 से सोशल मीडिया पर मौजूद हैं।

दूसरी फोटो की जांच
हमने दूसरी फोटो को जांचा तो पता चला कि इन फोटों को बंगाल की बताकर वायरल किया जा रहा है। राजेश जैन नाम के यूजर ने इन फोटों को 23 अप्रैल, 2018 को शेयर किया है।

इसी के साथ युवक की फोटो को royalbulletin.in पर भी लगाया गया है। इस खबर के अनुसार, प्रेम संबंधों में बाधक बने युवक को पत्नी के प्रेमी ने लहूलुहान कर दिया। इसका स्क्रीन शॉट दिया गया है। ये खबर 23 अप्रैल, 2018 को लगाई गई है। विश्वास न्यूज स्वतंत्र रूप से इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि यह तस्वीर किस घटना की है, लेकिन यह तय है कि पुरानी तस्वीरें हैं। खबर का लिंक यहां है।

पड़ताल के अंत में हमने फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की। इस पोस्ट को अनिल त्यागी त्यागी नाम के फेसबुक यूजर ने शेयर किया है। इस यूजर के इंट्रो के अनुसार, ये गाजियाबाद (यूपी) में रहता है और इसको 241 लोग फॉलो करते हैं। इनके फेसबुक पर 434 फेंड हैं।

निष्कर्ष: हमारी पड़ताल में साबित हो गया कि जैन मुनि मयंक सागर के साथ एक धर्म विशेष के लोगों ने मारपीट नहीं की है, बल्कि उनका 2018 में एक एक्सीडेंट हुआ था। अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।

  • Claim Review : जैन मुनि के पीटे जाने का दावा
  • Claimed By : Anil tyagi tyagi
  • Fact Check : झूठ
झूठ
    फेक न्यूज की प्रकृति को बताने वाला सिंबल
  • सच
  • भ्रामक
  • झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

संबंधित लेख

Post saved! You can read it later