Fact Check : स्वर्ण मंदिर के सरोवर में कुल्ला करने वाले का नहीं है वायरल वीडियो, पुरानी घटना का वीडियो गलत संदर्भ के साथ वायरल
वायरल पोस्ट में इस्तेमाल किया गया वीडियो पंजाब के मलेरकोटला में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले सुरेश ऋषि जिंदल का है। इसने भी मारपीट के बाद अपनी गलती मानते हुए माफी मांग ली थी।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Jan 23, 2026 at 05:42 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कुछ निहंगों को एक शख्स को थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है। युवक किसी दुकान में हाथ जोड़े खड़ा दिख रहा है। इस वीडियो के साथ कुछ सोशल मीडिया यूजर्स दावा का रहे हैं कि जिस शख्स को थप्पड़ मारा गया, वह मुस्लिम है। इसने कुछ दिन पहले अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के पवित्र सरोवर में कुल्ला किया था। इस पोस्ट को सच समझकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी जांच की। दावा भ्रामक साबित हुआ। यह सही है कि अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के सरोवर में एक मुस्लिम युवक का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें उसे कुल्ला, हाथ और पैर धोते हुए देखा गया था। बवाल बढ़ने पर इस युवक ने माफी मांग ली थी। जबकि वायरल पोस्ट में इस्तेमाल किया गया वीडियो पंजाब के मलेरकोटला में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले सुरेश ऋषि जिंदल का है। इसने भी मारपीट के बाद अपनी गलती मानते हुए माफी मांग ली थी।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर Rupa Singh ने एक वीडियो को 23 जनवरी 2026 को अपलोड करते हुए लिखा, “अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के पवित्र सरोवर को कुल्ला करके गंदा करने वाले हाथ पैर धोने वाले और तोहिद का निशान यानी एकमात्र अल्लाह ही सर्वश्रेष्ठ है दिखाने वाले मुस्लिम की दुकान पर कुछ निहंग पहुंचे। उसने माफी मांग लिया। और निहंग लोगों ने माफ कर दिया।”
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले वायरल पोस्ट के आधार पर कीवर्ड सर्च का इस्तेमाल किया। गूगल ओपन सर्च के माध्यम से हमें कई खबरें मिलीं। जागरण डॉट कॉम ने 16 जनवरी 2026 को एक पब्लिश खबर में बताया कि श्री हरि मंदिर साहिब के पवित्र सरोवर में एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा कुल्ला करने और पैर लटकाने का वीडियो वायरल हुआ। बाद में व्यक्ति ने माफी मांगते हुए कहा कि उसे मर्यादा का ज्ञान नहीं था और उसने हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई एकता पर जोर दिया। अमृतसर में इस घटना को लेकर कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं की गई है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने अमृतसर से प्रकाशित दैनिक जागरण अखबार के ईपेपर को खंगाला। हमें 17 जनवरी को पब्लिश एक खबर मिली। इसमें लिखा गया, “शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने इंटरनेट मीडिया पर श्री हरिमंदिर साहिब के पवित्र सरोवर में एक मुस्लिम युवक का कुल्ला करने, मुंह धोने, कलाइयां धोने और पैर सरोवर में लटकाकर बैठने का वीडियो प्रसारित होने का कड़ा संज्ञान लिया। एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह घामी ने इस घटना की आलोचना करते हुए इसे टास्क फोर्स के सेवादारों की लापरवाही करार दिया है। हालांकि, इसे लेकर पुलिस को किसी तरह की शिकायत नहीं दी गई है। उधर, वीडियो के प्रसारित होने के बाद युवक ने स्वयं एक वीडियो जारी करके माफी मांगी है। उसने कहा कि वह तीन दिन पहले श्री हरिमंदिर साहिब गया था। सरोवर में मुंह धो रहा था, तो पानी मुंह से गिर गया था। मुझे मर्यादा का पता नहीं था, इसलिए माफी चाहता हूं।”

टीवी9 की न्यूज वेबसाइट पर भी इस घटना को लेकर एक खबर पब्लिश की गई। इसमें युवक का नाम सुभान रंगरेज बताया गया। यह खबर 20 जनवरी को प्रकाशित की गई। इसमें युवक की तस्वीर का भी इस्तेमाल किया गया।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने इस युवक के सोशल मीडिया हैंडल को खोजा । इस युवक के इंस्टाग्राम हैंडल पर हमें एक वीडियो मिला। इसमें युवक को माफी मांगते हुए देखा जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए वायरल पोस्ट में इस्तेमाल किए गए वीडियो के बारे में जानकारी जुटाई। हमने इसके कई ग्रैब्स निकालकर गूगल लेंस से सर्च किया। हमें एक एक्स हैंडल पर यह वीडियो मिला। 27 दिसंबर 2025 को अपलोड इस वीडियो के बारे में लिखते हुए बताया गया कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले सुरेश ऋषि जिंदल ने लिखित माफी मांग ली है।
भास्कर डॉट कॉम पर भी एक पुरानी खबर मिली। इसमें वायरल वीडियो का इस्तेमाल किया गया था। खबर में बताया गया कि पंजाब के मलेरकोटला में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। व्यक्ति ने इसको लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली। इस पर सिख संगठन भड़क गए। इस दौरान सिख संगठन के नेता ने व्यक्ति को थप्पड़ भी मारे। इसके बाद व्यक्ति ने अपनी गलती मानी और माफी मांगी। व्यक्ति सुरेश ऋषि जिंदल मलेरकोटला के अहमदगढ़ का रहने वाला है।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, अमृतसर के वरिष्ठ पत्रकार विपिन राणा से संपर्क किया। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि वायरल वीडियो में दिख रहा शख्स गोल्डन टेंपल वाली घटना वाला नहीं है।
जांच के अंत में हमने फेसबुक यूजर रूपा सिंह की जांच की । पता चला कि यूजर मुंबई में रहती हैं। इसे फेसबुक पर 15 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि वायरल पोस्ट भ्रामक है। गोल्डन टेंपल के पवित्र सरोवर में हाथ पैर धोने और कुल्ला करने वाला युवक अलग था, जबकि वायरल वीडियो में दिख रहा शख्स अलग है। दरअसल पिछले साल एक युवक ने सोशल मीडिया पर गुरु गोबिंद सिंह को लेकर आपत्तिजनक शब्द लिखे थे। जिसके बाद निहंगों ने उसकी पिटाई की थी। उसी वक्त के वीडियो को अब गोल्डन टेंपल की घटना से जोड़ते हुए वायरल किया जा रहा है।
- Claim Review : स्वर्ण मंदिर के पवित्र सरोवर को कुल्ला करके गंदा करने वाले युवक की पिटाई
- Claimed By : FB User Rupa Singh
- Fact Check : झूठ
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