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Fact Check: वाराणसी के मंदिर में नहीं मिले मुस्लिम युवकों के कटे हुए सिर, झूठी और साम्प्रदायिक पोस्ट वायरल

वाराणसी में हिंदू लड़की द्वारा बलात्कार और धर्म परिवर्तन की धमकी देने वाले छह मुसलमानों का सिर काटने वाली बात पूरी तरह से झूठी है।

  • By: Ashish Maharishi
  • Published: Jul 3, 2026 at 05:28 PM
  • Updated: Jul 3, 2026 at 06:27 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्‍यूज। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है, ”उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक काली मंदिर में छह मुस्लिम युवकों के कटे हुए सिर मिले हैं। बलात्कार और धर्मांतरण की धमकी देने पर एक हिंदू लड़की ने इनका गला काट दिया था।” इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की विस्‍तार से जांच की तो पता चला कि यह फर्जी है। वाराणसी पुलिस ने भी ऐसी किसी घटना से इनकार करते हुए वायरल पोस्‍ट को असत्‍य बताया।

क्या है वायरल?

इंस्टाग्राम हैंडल ‘deeni_wri8er’ ने 1 जुलाई 2026 को एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ”वाराणसी के बाबतपुर क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन काली मंदिर के बाहर सुबह-सुबह पुलिस की भारी भीड़ जमा हो गई। मंदिर परिसर के पास एक बेहद भयावह घटना की सूचना मिली, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के समय मंदिर के आसपास कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं, जिसके बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी। घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे और अफवाहें वायरल होने लगीं। किसी ने इसे धार्मिक विवाद बताया, तो किसी ने व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला कहा। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। जांच एजेंसियों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट जुटानी शुरू कर दी। पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें।”

पोस्ट के साथ शेयर क्रिएटिव के ऊपर लिखा गया, ”BREAKING NEWS वाराणसी में हडकंप। बलात्कार और धर्मांतरण की धमकी देने पर ‘हिंदू लडकी’ ने 6 मुस्लिम युवकों का गला काटकर। वाराणसी बाबनपुर स्थित काली माता मंदिर में 6 कटे सिर…!”

पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर दूसरे यूजर्स भी इसे खूब शेयर कर रहे हैं। फेसबुक पोस्‍ट का आर्काइव्‍ड वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। कीवर्ड के माध्यम से सर्च करने पर हमें ऐसी कोई भी खबर नहीं मिली, जो वायरल दावे की सत्यता की पुष्टि कर सके। यदि इतनी बड़ी घटना हुई होती, तो वह खबरों में जरूर आती, लेकिन हमें ऐसी एक भी खबर नहीं मिली।

सर्च के दौरान हमें यूपी पुलिस के फैक्ट चेक यूनिट के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली। इसमें 30 जून 2026 को 21 जून 2023 की एक पोस्ट को रिशेयर किया गया था। उस वक्त की पोस्ट में वायरल दावे को फेक बताते हुए ऐसे अकाउंट पर एफआईआर दर्ज करने की बात कही गई थी।

19 जून 2023 को वाराणसी पुलिस ने भी ऐसी ही एक पोस्ट को लेकर खंडन किया था। उस वक्त लिखा गया, ”आवश्यक सूचना…कतिपय ट्विटर हैंडलों द्वारा एक फेक न्यूज को पोस्ट कर वायरल किया जा रहा है । जो पूर्णतया असत्य एवं भ्रामक है। कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस इस असत्य एवं भ्रामक खबर का खंडन करती है।”

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए वाराणसी पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी रमाकांत पांडेय से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वाराणसी की घटना के नाम पर वायरल हो रही पोस्ट फर्जी है। ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

क्या है संदर्भ?

वाराणसी की घटना के नाम पर वायरल दावा वर्ष 2023 में भी सामने आया था। उस वक्त वाराणसी पुलिस ने कई सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए वायरल दावे को बेबुनियाद बताकर इसका खंडन किया था। अब एक बार फिर से 2026 में इसे साम्प्रदायिक रंग देकर वायरल किया जा रहा है।

पड़ताल के अंत में विश्वास न्‍यूज ने फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की। हमें पता चला कि इंस्टाग्राम यूजर को 1.76 लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट मार्च 2024 में बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट पूरी तरह से बेबुनियाद निकली। वाराणसी में हिंदू लड़की द्वारा बलात्कार और धर्म परिवर्तन की धमकी देने वाले छह मुसलमानों का सिर काटने वाली बात पूरी तरह से झूठी है।

  • Claim Review : युवती ने बलात्कार और धर्मांतरण की धमकी देने पर 6 मुस्लिम युवकों का गला काटा।
  • Claimed By : IG User deeni_wri8er
  • Fact Check : झूठ

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