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Fact Check : महाकुंभ में भगदड़ फैलाने के आरोप में नहीं पकड़े गए वायरल क्लिप में दिख रहे लोग

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। दरअसल, वायरल क्लिप जागरूकता वाले एक वीडियो का छोटा-सा हिस्‍सा है।

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। महाकुंभ में पिछले दिनों हुई भगदड़ के कारण कई लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से सोशल मीडिया पर कई फर्जी वीडियो और तस्‍वीरों के जरिए झूठ फैलाने की कोशिश की गई। अब एक वीडियो को वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि महाकुंभ में भगदड़ फैलाने वालों को पुलिस ने पकड़ लिया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा हुआ है।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। दरअसल, वायरल क्लिप जागरूकता वाले एक वीडियो का छोटा-सा हिस्‍सा है। पड़ताल में पता चला कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के कपड़ों में जागरूकता फैलाने के लिए यह वीडियो बनाया गया था। इसका भगदड़ से कोई संबंध नहीं है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर Rohit Maurya Vlog ने एक रील को अपलोड करते हुए लिखा, “प्रयागराज कुंभ के मेला भगदड़ करने वाले मिल रहे हैं।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स वायरल कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल क्लिप के बारे में जानने के लिए सबसे पहले गूगल लेंस टूल का इस्‍तेमाल किया। वायरल क्लिप के कई कीफ्रेम्‍स निकाल कर सर्च करने पर हमें bablu_birasat नाम के एक इंस्‍टाग्राम हैंडल पर असली वीडियो मिला। 23 जनवरी को अपलोड इस वीडियो में बताया गया कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान के बारे में लोगों को बताने के लिए महाकुंभ में जागरूकता कार्यक्रम के तहत यह वीडियो बनाया गया था। वीडियो में एक शख्‍स को यह बोलते हुए सुना जा सकता है कि उनका एक यूट्यूब चैनल भी चलता है। युवक को अपने चैनल का नाम बताते हुए भी सुना जा सकता है।

वीडियो में एक शख्‍स को यह बोलते हुए सुना जा सकता है कि ये लोग युवाओं को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान के बारे में बताने के लिए महाकुंभ में आए हैं। इन लोगों ने महाकुंभ में पदयात्रा के माध्‍यम से बलिदान के बारे में संदेश दिया।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच के अंत में दैनिक जागरण, प्रयागराज के संपादकीय प्रभारी राकेश पांडेय से संपर्क किया। उन्‍होंने बताया कि वायरल पोस्‍ट में किया गया दावा फर्जी है।

पड़ताल के अंत में हमने रोहित मौर्या व्‍लॉग नाम के फेसबुक यूजर की सोशल स्‍कैनिंग की । पता चला कि यह यूजर नवी मुंबई में रहता है। इसे फेसबुक पर पांच हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में पता चला कि वायरल पोस्‍ट फर्जी है। महाकुंभ में भगदड़ के आरोप में वीडियो में दिख रहे लोगों को नहीं पकड़ा गया था। जागरूकता से जुड़े लोगों के वीडियो को झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : महाकुंभ में भगदड़ करने वाले पकड़े गए
  • Claimed By : FB User Rohit Maurya Vlog
  • Fact Check : झूठ

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