Fact Check: हल्दी, नींबू, तुलसी और नीम खाने से चौथी स्टेज का कैंसर ठीक होने का दावा गलत
कच्ची हल्दी, लहसुन, नींबू, नीम और तुलसी के पत्तों के मिश्रण से चौथी स्टेज के कैंसर के ठीक होने को लेकर कोई प्रमाण मौजूद नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, कैंसर के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेना और ठीक तरीके से इसका इलाज करना बेहद जरूरी है।
- By: Pragya Shukla
- Published: May 20, 2025 at 11:09 AM
- Updated: May 22, 2025 at 04:12 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि चौथे स्टेज के कैंसर को घरेलू नुस्खों से ठीक किया जा सकता है। इसके लिए पहले कच्ची हल्दी और लहसुन लेना है और फिर उसे पानी में 2 मिनट तक उबालना है। पानी गर्म हो जाने के बाद इसमें आपको आधा नींबू का रस मिलाना है। इसके आधे घंटे बाद आपको इसमें नीम के 10-12 पत्तियां और तुलसी की पत्तियां डालने के बाद अच्छे से मिलाकर पी लेना है। इस नुस्खे से चौथे स्टेज के कैंसर को ठीक किया जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। कच्ची हल्दी, लहसुन, नींबू, नीम और तुलसी के पत्तियों के मिश्रण से चौथी स्टेज के कैंसर को ठीक होने को लेकर कोई प्रमाण मौजूद नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, कैंसर के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेना और ठीक तरीके से इसका इलाज करना बेहद जरूरी है। इस तरह की सोशल मीडिया पोस्ट के गलत दावे के प्रभाव में नहीं आना है।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर राधिका ने वायरल पोस्ट को शेयर किया है। पोस्ट में लिखा हुआ है, “कैंसर की चौथी स्टेज से वापिस लौटे मात्र 40 दिन में बिना किसी नुकसान के…. इसमे आपको सबसे पहले कच्ची हल्दी और एक गुली लहसून लेना हैं… . इसको आपको पानी में 2 मिनट तक उबालना हैं…. पानी गर्म हो जाने के बाद इसमे आपको आधा नींबू का रस डालना हैं…. इसके आधे घण्टे बाद आपको इसमे नीम के 10-12 पत्ते और तुलसी के पत्ते डालने और अच्छे से मिलाकर पीं लेना हैं।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर कई संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई रिसर्च रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें इस बात का जिक्र हो कि कच्ची हल्दी, लहसुन, नींबू, नीम और तुलसी के पत्तों के मिश्रण से चौथी स्टेज के कैंसर को ठीक किया जा सकता है। हमने विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट पर भी जाकर इस बारे में सर्च किया। हमें वहां पर भी दावे से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली।
बीबीसी की वेबसाइट पर 25 नवंबर 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, “नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा था कि उनकी पत्नी के आहार में नींबू पानी, कच्ची हल्दी, सेब का सिरका, नीम की पत्तियां, तुलसी, कद्दू, अनार, आंवला, चुकंदर और अखरोट जैसी चीजें शामिल थीं, जिससे वह स्वस्थ हो गईं। फिर टाटा मेमोरियल अस्पताल के कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने इस दावे पर असहमति जताई थी। टाटा मेमोरियल अस्पताल के 262 कैंसर विशेषज्ञों समेत पूर्व कैंसर विशेषज्ञों ने दावे को गलत बताया था।”
हल्दी से कैंसर के इलाज का प्रमाण नहीं
यूएस की नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, हल्दी में कई सारे गुण होते हैं। लेकिन, इससे कैंसर का इलाज या चौथी स्टेज के कैंसर ठीक हो सकता है, ऐसा कोई भी प्रमाण मौजूद नहीं है।
नींबू से ठीक नहीं होता कैंसर
हमें द नेशनल एकेडमिक्स ऑफ साइंसेज इंजीनियरिंग मेडिसिन की वेबसाइट पर अपलोड एक रिपोर्ट मिली, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था, “नींबू कैंसर का इलाज नहीं कर सकता।” इसे यहां पढ़ें।
हमें अन्य रिपोर्ट भी मिलीं, जिसमें इस दावे को गलत बताया है।

लहसुन से कैंसर के इलाज का प्रमाण नहीं
यूएस की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, लहसुन में कई प्रकार के गुण पाए जाते हैं। इसका सेवन करने से कैंसर होने का खतरा कम हो सकता है। हालांकि, ऐसा कोई प्रमाण मौजूद नहीं है, जिसके जरिए चौथे स्टेज का कैंसर ठीक हो सकता है।

तुलसी से कैंसर के इलाज का प्रमाण नहीं
यूएस की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की ही एक अन्य रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, तुलसी के पत्तियों में कैंसर रोधी गुण पाए गए हैं। लेकिन, इससे कैंसर की चौथी स्टेज ठीक हो सकती है ऐसा प्रमाण मौजूद नहीं है।
नीम से कैंसर के इलाज का प्रमाण नहीं
मेमोरियल स्लोअन केटरिंग कैंसर सेंटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नीम एक जड़ी-बूटी है, इसका उपयोग त्वचा और पेट की बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि नीम के अर्क में कैंसर कोशिका की वृद्धि को रोकने की क्षमता होती। हालांकि, ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जो यह दर्शाता हो कि यह कैंसर का प्रभावी उपचार है।

इसे बेहतर ढंग से समझने के प्रयास में हमने आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. मनीषा कोठेकर के साथ इस दावे को साझा किया। उन्होंने विश्वास न्यूज को बताया कि आयुर्वेद में ऐसा कोई विशेष अध्ययन नहीं है, जो कैंसर को इस तरह से ठीक करने के वायरल दावे का समर्थन करता हो। इसके अलावा, कैंसर कई प्रकार के होते हैं और इसलिए वायरल संदेश सटीक नहीं है।
हमने आयुर्वेदिक डॉक्टर मनीष सिंह तोमर से भी इस दावे को लेकर बातचीत की। उनका कहना है कि हल्दी, नीम और तुलसी में कई ऐसे गुण मौजूद हैं, जो कि कैंसर से लड़ने में मददगार होते हैं। लेकिन, यह कहना कि ये कैंसर की दवाई है और इसके जरिए कैंसर को ठीक किया जा सकता है। यह गलत है। ऐसा इसलिए, क्योंकि न ही ऐसा कोई रिसर्च रिपोर्ट मौजूद है और न ही ऐसा कोई डेटा है। हालांकि, डॉक्टर की सलाह और मदद से इन चीजों को अपनी डाइट में शामिल करने से कैंसर होने का खतरा कम हो सकता है। लेकिन, इसे कैंसर का उपचार नहीं कहा जा सकता है। ये सभी चीजें अलग-अलग तरीकों से फायदा और नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर कुछ भी देखकर उसे सच नहीं मान लेना चाहिये।
हमने मैक्स हॉस्पिटल के कैंसर स्पेशलिस्ट रोहित कपूर से भी संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। कैंसर की कई स्टेज होती हैं और उन्हीं के अनुसार उसका इलाज किया जाता है। हल्दी, नीम और तुलसी के जरिए कैंसर के ठीक होने का कोई प्रमाण मौजूद नहीं है। कैंसर कई प्रकार के होते हैं और उन सभी का इलाज भी अलग होता है। ऐसे में सिर्फ हल्दी, नीम और तुलसी को खा लेने से, इनका पेस्ट बनाकर इस्तेमाल करने या किसी अन्य तरीके से उन्हें लेने से कैंसर को ठीक नहीं किया जा सकता है। शोध बताते हैं कि कुछ पौधे में कैंसर रोधी गुण मौजूद होते हैं। लेकिन, उन्हें कैंसर की दवा नहीं कहा जा सकता है। इसके लिए रिसर्च और डेटा मौजूद होना चाहिये, जो कि अभी तक नहीं है।
हमने अपोलो हॉस्पिटल के कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ मनीष सिंघल से भी वायरल दावे को लेकर बातचीत की। उन्होंने भी वायरल दावे को गलत बताया है। उनका कहना है कि ऐसा कोई प्रमाण या रिसर्च अभी तक मौजूद नहीं है, जो कि इस दावे को समर्थन करती हो। कैंसर कई प्रकार के होतें हैं और उन सभी का इलाज भी अलग तरीके से किया जाता है। ऐसे में ये कहना कि सिर्फ एक पदार्थ से कैंसर को ठीक किया जा सकता है। यह पूरी तरीके से गलत है। कैंसर होने पर डॉक्टर की सलाह लें और सही इलाज कराये। लोग अक्सर घबरा कर इस तरह के नुस्खों का सहारा ले लेते हैं। ऐसा करना सही नहीं है। अगर किसी को कैंसर से लक्षण दिखते हैं, तो उसे इसकी जांच करवानी चाहिये और फिर इसका सही इलाज डॉक्टर से लेना करवाना चाहिये।
यह पहली बार नहीं है, जब कैंसर को लेकर फर्जी पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई हो। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर कैंसर के इलाज को लेकर तरह-तरह की पोस्ट वायरल हो चुके हैं। कभी पोस्ट में दावा किया गया कि बेकिंग सोडा से कैंसर ठीक होता है। तो कभी कहा गया कि अनन्नास के गर्म पानी से कैंसर का इलाज संभव है। विश्वास न्यूज ने इस तरह के फर्जी दावों की पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी है । इन रिपोर्ट को आप यहां पर पढ़ सकते हैं।
आखिर में हमने फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 67 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर इसी तरह की पोस्ट को शेयर करती है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि कच्ची हल्दी, लहसुन, नींबू, नीम और तुलसी के पत्तों के मिश्रण से चौथी स्टेज के कैंसर के ठीक होने को लेकर कोई प्रमाण मौजूद नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, कैंसर के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेना और ठीक तरीके से इसका इलाज करना बेहद जरूरी है। इस तरह की सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के गलत दावे में नहीं आना है।
- Claim Review : हल्दी, नींबू, तुलसी और नीम खाने से चौथी स्टेज का कैंसर ठीक होता है।
- Claimed By : FB User radhika
- Fact Check : झूठ
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