नई दिल्‍ली (विश्‍वास टीम)। फेसबुक पर एक तस्‍वीर वायरल हो रही है। इसके बारे में दावा किया जा रहा है कि मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस सरकार के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ के कारनामे की यह तस्‍वीर है। इस तस्‍वीर में बहुत सारे रूपए के बंडल दिख रहे हैं। साथ में कुछ पुलिसवाले भी खड़े हैं। विश्‍वास टीम की पड़ताल में पता चला कि वायरल तस्‍वीर मप्र की नहीं, बल्कि हैदराबाद की है।

क्‍या है वायरल पोस्‍ट में

फेसबुक यूजर उमेश जायसवाल ने एक तस्‍वीर पोस्‍ट करते हुए लिखा : ये है MP में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री कमलनाथ के कारनामे , पप्पू अब बता चोर कौन! इस पोस्‍ट को अब तक पांच सौ से ज्‍यादा बाद शेयर किया जा चुका है। तस्‍वीर में नोटों के बंडल के साथ कुछ पुलिसवाले खड़े दिख रहे हैं।

पड़ताल

विश्‍वास टीम ने वायरल हो रही पोस्‍ट की सत्‍यता जानने का फैसला किया। ताकि पाठकों को सच्‍चाई बताई जा सके। सबसे पहले हमने वायरल हो रही पोस्‍ट को गूगल रिवर्स इमेज में सर्च किया। यहां हमें इस तस्‍वीर से जुड़ी कई खबरों का लिंक मिला। इन लिंक में एक बात कॉमन थी। हर खबर में वायरल तस्‍वीर का यूज करते हुए बताया गया कि हैदराबाद में करोड़ों रूपए पकड़ाए गए हैं।

हमें यह जानना था कि क्‍या वाकई वायरल तस्‍वीर हैदराबाद की है? हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाई।

विश्‍वास टीम को इंडिया टीवी की वेबसाइट पर एक न्‍यूज मिली। इसमें वायरल तस्‍वीर का यूज किया गया था। खबर में बताया गया कि हैदराबाद में कई इलाकों में करोड़ रूपए की नकदी बरामद की गई है। खबर में हैदराबाद के पुलिस आयुक्‍त अंजनि कुमार का बयान भी है।

अब हमें यह जानना था कि वायरल तस्‍वीर में क्‍या अंजनि कुमार भी हैं? इसके लिए हमने गूगल और ट्विटर की मदद ली। ट्विटर पर हमें अंजनि कुमार की प्रोफाइल मिली। हमारी जांच में पता चला कि वायरल तस्‍वीर में एकदम बाएं साइड दिख रहे शख्‍स ही हैदराबाद के कमिश्‍नर अंजनि कुमार हैं।

हम अपनी जांच को आगे बढ़ाने के लिए हैदराबाद पुलिस और पुलिस कमिश्‍नर की सोशल प्रोफाइल को स्‍कैन करना शुरू किया। हैदराबाद कमिश्‍नर के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर हमें पांच अप्रैल को अपलोड एक वीडियो मिला। 18:38 मिनट के इस वीडियो में कमिश्‍नर अंजनि कुमार को प्रेस कॉन्‍फ्रेस करते हुए देखा जा सकते है। इस वीडियो में मौजूद लोगों को आप वायरल पोस्‍ट में भी देख सकते हैं । यानि जिस तस्‍वीर को मप्र की बताकर वायरल की जा रही है, वह दरअसल हैदराबाद की है। इसका मप्र से कोई लेना-देना नहीं है।

InVID टूल की मदद से वायरल तस्‍वीर को हमने ANI के आधिकारिक हैंडल पर भी सर्च किया। 5 अप्रैल 2019 को अपलोड की गई तस्‍वीर के साथ कहा गया कि हैदराबाद पुलिस ने 9.45 करोड़ रूपए जब्‍त किए।


इसके बाद हमने हैदराबाद कमिश्‍नर के ऑफिस से संपर्क किया। वहां से हमें जानकारी मिली कि वायरल तस्‍वीर हैदराबाद पुलिस की ही है।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास टीम की जांच में पता चला कि मप्र के नाम पर वायरल हो रही तस्‍वीर दरअसल हैदराबाद की है। इस तस्‍वीर का मप्र के आयकर छापे से कोई संबंध नहीं है।

पूरा सच जानें…

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी खबर पर संदेह है जिसका असर आप, समाज और देश पर हो सकता है तो हमें बताएं। हमें यहां जानकारी भेज सकते हैं। हमें contact@vishvasnews.com पर ईमेल कर सकते हैं। इसके साथ ही वॅाट्सऐप (नंबर – 9205270923) के माध्‍यम से भी सूचना दे सकते हैं।

Claim Review : मप्र के आयकर छापे की तस्‍वीर
Claimed By : उमेश जायसवाल
Fact Check : False

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