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Fact Check: JNU विरोध प्रदर्शन को लेकर दोनों पक्षों ने फैलाया झूठ, विश्वास न्यूज़ ने किया पर्दाफाश

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। JNU प्रशासन द्वारा फीस बढ़ाने का प्रस्ताव रखे जाने के बाद जेएनयू के छात्रों द्वारा राजधानी दिल्ली में पिछले 20-22 दिनों से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर JNU विरोध प्रदर्शन को लेकर दोनों पक्षों के लोग गलत जानकारी सांझा कर रहे हैं। छात्रों की उम्र से लेकर बढ़े किराये की दरों तक, सोशल मीडिया गलत जानकारी से भरा पड़ा है। पिछले 10 दिनों में JNU मुद्दे को लेकर विश्वास न्यूज़ ने 9 फर्जी ख़बरों का पर्दाफाश किया है।

इन सभी ख़बरों का सारांश आप नीचे पढ़ सकते हैं।

Fact Check: JNU के मौजूदा हॉस्टल फीस के दावे के साथ वायरल सूची फर्जी, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही पुरानी सूची

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय हॉस्टल फीस में हुए इजाफे को लेकर फीस से जुड़ा एक नोटिफिकेशन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। दावा किया गया कि जेएनयू के हॉस्टल की यह मौजूदा फीस संरचना है। विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। जेएनयू के हॉस्टल फीस के दावे के साथ जो पोस्ट वायरल हुआ था वह पुराना था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Fact Check: JNU में स्टूडेंट की उम्र ज्यादा होने का दावा करने वाली ये वायरल पोस्ट झूठी है

सोशल मीडिया पर एक छात्रा की तस्वीर वायरल हुई। इस तस्वीर के साथ दावा किया गया कि इसमें दिख रही छात्रा 43 साल की है और इसकी बेटी भी इसी कॉलेज में पढ़ती है। विश्वास टीम की पड़ताल में इस वायरल पोस्ट का दावा झूठा निकला। तस्वीर में दिख रही इस छात्रा की उम्र 43 साल नहीं, 23 साल है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Fact Check: निर्भया आंदोलन के समय की तस्वीर हो रही वायरल, JNU में जारी विरोध प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं

जेएनयू में चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर एक और तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें दिल्ली पुलिस के जवान एक लड़की पर लाठी चलाते हुए नजर आ रहे थे। कहा गया कि ये तस्वीर अभी चल रहे विरोध प्रदर्शन की है। विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह फोटो गुमराह करने वाला निकला। हमने पाया कि इस तस्वीर का जेएनयू में चल रहे विरोध प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Fact Check: अब JNU के नाम पर वायरल हुई लेबनान के मुहर्रम मातम में घायल लड़की की तस्वीर

JNU के सन्दर्भ में ही सोशल मीडिया पर एक और तस्वीर वायरल हुई, जिसमें एक घायल महिला थी। तस्वीर में महिला के सिर से खून निकल रहा था। पोस्ट में क्लेम किया गया कि ये तस्वीर JNU की है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि ये तस्वीर लेबनान में 2005 में आशुरा (मुहर्रम) के मातम के दौरान की है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Fact Check: 17 सालों तक JNU में नहीं पढ़े कन्हैया कुमार

इस आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर JNUSU के पूर्व प्रेसिडेंट और छात्र नेता कन्हैया कुमार से जुड़ा एक दवा भी वायरल हुआ , जिसमें दावा किया गया कि 2002 में JNU आने के बाद से कन्हैया अब तक वहां पढ़ाई कर रहे हैं। विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला और कन्हैया कुमार के खिलाफ किया जा रहा दुष्प्रचार साबित हुआ। जेएनयू से कन्हैया ने एमफिल और पीएचडी की पढ़ाई की है, जो 2011-18 के बीच पूरी कर ली गई थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Fact Check: JNU में फीस बढ़ोतरी को लेकर RSS के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन का दावा गलत, पुरानी तस्वीर फर्जी दावे के साथ वायरल

सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन की एक तस्वीर भी वायरल हुई। दावा किया गया कि यह जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में चल रहे विरोध प्रदर्शन की तस्वीर है। विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। विरोध प्रदर्शन की यह तस्वीर बेहद पुरानी है, जिसका हालिया जेएनयू विरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Fact Check: जख्मी व्यक्ति का JNU से नहीं है कोई संबंध, कश्मीर की पुरानी तस्वीर गलत दावे के साथ हो रही वायरल

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों के साथ हुई मारपीट के दावे के साथ एक और तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। दावा किया गया कि जिस छात्र के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई है, वह जेएनयू का छात्र है। विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। जिस तस्वीर को जेएनयू के छात्र के साथ हुई मारपीट के दावे के साथ वायरल किया जा रहा है, वह कश्मीर की पुरानी तस्वीर निकली। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Fact Check : दलित चिंतक कांचा इलैया की तस्‍वीर JNU स्‍टूडेंट के नाम पर वायरल

फेसबुक और ट्विटर पर एक बुगुर्ज व्‍यक्ति की तस्‍वीरों को वायरल करते हुए दावा किया गया कि यह शख्‍स जेएनयू का स्‍टूडेंट है। विश्‍वास न्‍यूज ने जब इस दावे की पड़ताल की तो हमें पता चला कि वायरल पोस्‍ट पूरी तरह फर्जी है। पोस्‍ट में जिस शख्‍स को जेएनयू का छात्र बताया जा रहा है, दरअसल वह दलित चिंतक कांचा इलैया हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Fact Check : वायरल पोस्‍ट में JNU के हॉस्‍टल का किराया सही, तस्‍वीर फर्जी है

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में फीस बढ़ोत्तरी के खिलाफ आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर एक रूम की तस्‍वीर को वायरल करते हुए दावा किया गया है कि यह जेएनयू के हॉस्‍टल का कमरा है जिसका किराया दस रूपए है। विश्‍वास न्‍यूज ने जब इसकी पड़ताल की तो दावा भ्रामक निकला। वायरल पोस्‍ट में तस्‍वीर हॉस्‍टल की नहीं है। हालांकि, अब तक जेएनयू में डबल सीटर वाले रूम का किराया 10 रूपए ही था। फीस के साथ इसे भी बढ़ाया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

  • Claim Review : JNU में ऐसी कौन सी पढ़ाई है जो 17 वर्ष तक चलती है?
  • Claimed By : Achhe Din
  • Fact Check : False
False
    Symbols that define nature of fake news
  • True
  • Misleading
  • False
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