X

Fact Check: लुधियाना पुलिस की ‘मुफ्त सवारी योजना’ का नंबर महाराष्ट्र के नाम से हुआ वायरल

विश्‍वास न्‍यूज ने महाराष्ट्र की ‘मुफ्त सवारी योजना’ के नाम पर वायरल पोस्‍ट की जांच की। पड़ताल में यह पोस्‍ट भ्रामक निकली। यह नंबर लुधियाना पुलिस का है। लुधियाना ने साल 2019 में महिलाओं के लिए मुफ्त सवारी योजना’ शुरू की थी और ये नंबर जारी किया था। जिसे अब महाराष्ट्र के नाम से शेयर किया जा रहा है।

  • By Vishvas News
  • Updated: November 16, 2022

विश्‍वास न्‍यूज (नई दिल्‍ली)। सोशल मीडिया में एक पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र सरकार ने महिलाओं के लिए एक नई स्कीम निकाली है। पोस्ट में लिखा हुआ है महाराष्ट्र पुलिस ने महिलाओं को रात में सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए ‘मुफ्त सवारी योजना’ शुरू की है। अगर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच महिलाओं को अकेले घर जाने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं होता है, तो वे महिला पुलिस हेल्पलाइन नंबर (1091 या 7837018555) पर कॉल कर वाहन के लिए अनुरोध कर सकती हैं।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। पड़ताल में यह पोस्‍ट भ्रामक निकली। यह नंबर लुधियाना पुलिस का है। लुधियाना ने साल 2019 में महिलाओं के लिए मुफ्त सवारी योजना’ शुरू की थी और ये नंबर जारी किया था। जिसे अब महाराष्ट्र के नाम से शेयर किया जा रहा है।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

फेसबुक यूजर सिंथिया फर्नांडीस  ने 11 नवंबर को वायरल पोस्ट को शेयर किया था। यूजर ने अंग्रेजी में पोस्ट में लिखा है, #जागरूकता पोस्ट…महाराष्ट्र सरकार का नया फैसला*…पुलिस आदेश महाराष्ट्र पुलिस ने शुरू की मुफ्त सवारी योजना…अगर किसी महिला को रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच अकेले घर जाने के लिए कोई वाहन उपलब्ध नहीं है, तो वो महिलाएं पुलिस हेल्पलाइन नंबर (1091 या 7837018555) पर कॉल कर वाहन मांग सकती हैं। यह नंबर 24×7 चालू रहेगा। नियंत्रण कक्ष वाहन या पास के पीसीआर वाहन/एसएचओ वाहन आएंगे और उसे सुरक्षित उसके घर तक छोड़ देंगे। यह निःशुल्क किया जाएगा। यह संदेश उन सभी को भेजें जिन्हें आप जानते हैं।

पोस्ट को सच समझ कर दूसरे यूजर्स भी वायरल कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने सबसे पहले महाराष्ट्र पुलिस के नाम से वायरल पोस्ट में दिए गए नंबर पर कॉल किया। हमें बताया गया कि यह नंबर महाराष्ट्र का नहीं, बल्कि लुधियाना पुलिस का हेल्पलाइन नंबर है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल मोबाइल नंबर 7837018555 के बारे में गूगल पर सर्च करना शुरू किया। हमें इस नंबर से जुड़ी एक खबर हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की वेबसाइट पर पब्लिश मिली। इस खबर को 1 दिसंबर 2019 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, लुधियाना में महिलाओं के लिए पुलिस ने नाइट पिक एंड ड्रॉप सेवा शुरू की। वायरल नंबर हमें इस खबर में मिला। मतलब साफ था कि जिस नंबर को महाराष्ट्र का बताकर वायरल किया गया, वह लुधियाना का है।

हमें कई अन्य न्यूज वेबसाइट पर भी यह खबर प्रकाशित मिली।

अधिक जानकारी के लिए हमने लुधियाना दैनिक जागरण के सीनियर रिपोर्टर दिलबाग दानिश से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह दावा गलत है। लुधियाना पुलिस ने तकरीबन तीन साल पहले महिलाओं के लिए फ्री सवारी योजना शुरू की थी। यह सर्विस सिर्फ लुधियाना के लिए ही है। लोग अक्सर इस नंबर को अलग-अलग शहरों के नाम पर शेयर करते रहते हैं।

लुधियाना में इस सेवा के शुरू होने के बाद से ही यह नंबर अलग-अलग शहरों के नाम से महिलाओं के लिए फ्री राइड स्कीम के तौर पर वायरल होता रहता है। यह नंबर बेंगलुरु और इंदौर के नाम से भी वायरल हो चुका है। जब यह नंबर बेंगलुरु पुलिस के नाम से वायरल हुआ था। उस दौरान बेंगलुरु पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इसका खंडन किया था।

एक साल पहले यह नंबर इंदौर के नाम से वायरल हुआ था। उस दौरान विश्वास न्यूज ने दावे की पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी थी।

पड़ताल के अंतिम चरण में विश्‍वास न्‍यूज ने फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर सिंथिया फर्नांडीस की जांच की। प्रोफाइल पर दी गई जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक की रहने वाली है। यूजर के फेसबुक पर तकरीबन पांच सौ मित्र हैं।

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज ने महाराष्ट्र की ‘मुफ्त सवारी योजना’ के नाम पर वायरल पोस्‍ट की जांच की। पड़ताल में यह पोस्‍ट भ्रामक निकली। यह नंबर लुधियाना पुलिस का है। लुधियाना ने साल 2019 में महिलाओं के लिए मुफ्त सवारी योजना’ शुरू की थी और ये नंबर जारी किया था। जिसे अब महाराष्ट्र के नाम से शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : महाराष्ट्र पुलिस ने महिलाओं के लिए फ्री सवारी योजना शुरू की है।
  • Claimed By : सिंथिया फर्नांडीस
  • Fact Check : भ्रामक
भ्रामक
फेक न्यूज की प्रकृति को बताने वाला सिंबल
  • सच
  • भ्रामक
  • झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later