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Fact Check : डॉक्‍टर नहीं, हाउस वाइफ थीं मेघा, कोरोना नहीं निमोनिया से हुई मौत

  • By Vishvas News
  • Updated: April 28, 2020

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। कोरोना वायरस के संकट के बीच भी कुछ लोग फर्जी खबरों को फैलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। कुछ लोग एक महिला की तस्‍वीर को वायरल करते हुए दावा कर रहे हैं कि जोधपुर की डॉक्‍टर मेघा की पुणे में मौत हो गई। उन्‍हें कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। विश्‍वास न्‍यूज की जांच में पता चला कि वायरल पोस्‍ट फर्जी है।

वायरल तस्‍वीर मेघा शर्मा की है। मेघा कोई डॉक्‍टर नहीं, बल्कि हाउसवाइफ थीं। पिछले दिनों निमोनिया के कारण शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया। जिसके कारण उनकी मौत हो गई। कोरोना वायरस से संक्रमण वाली बात एकदम झूठी है।

क्‍या हो रहा है वायरल

‘भारत Corona से जीतेगा / India Fights Corona’ नाम के एक फेसबुक पेज ने 24 अप्रैल को एक महिला की तस्‍वीर के साथ दावा किया : ”कोरोना योद्धा डॉक्टर मेघा जी व्यास पूना में कोरोना वायरस से ज़िंदगी की जंग हार गई, जोधपुर चांदपोल चौक की रहने वाली।।भगवान इनकी महान आत्मा को शान्ति प्रदान करे 😢 😢”

फेसबुक पर दूसरे यूजर्स भी लगातार फर्जी पोस्‍ट को अपलोड करके वायरल कर रहे हैं।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले गूगल में अलग-अलग कीवर्ड डालकर पुणे में डॉक्‍टर की मौत की सच्‍चाई जानने का प्रयास किया। हमें एक भी ऐसी खबर नहीं मिली, जो वायरल पोस्‍ट की सच्‍चाई बयां करती हो।

इसके बाद हमने वायरल पोस्‍ट की सच्‍चाई जानने के लिए हमने मेघा शर्मा के भाई हर्षित से बात की। उन्‍होंने विश्‍वास न्‍यूज से बातचीत में बताया, ”सोशल मीडिया पर कुछ लोग उनकी बहन की तस्‍वीर का इस्‍तेमाल करते हुए झूठी खबर उड़ा रहे हैं। मेरी बहन कोरोना से संक्रमित नहीं थीं। कुछ लोग जानबूझकर झूठ बोल रहे हैं कि मेरी बहन डॉक्‍टर थीं और कोरोना के कारण उनका निधन हआ। यह एकदम बकवास है। मेरी बहन तो हाउसवाइफ थी।”

हर्षित ने हमें एक पत्र भेजा। 24 तारीख को लिए गए इस पत्र में बताया गया कि मेघा श्री कांत शर्मा कोविड 19 टेस्‍ट में नेगेटिव थीं। पत्र में मेघा की मौत का कारण भी बताया गया।

पड़ताल के अगले चरण में हमने पुणे के जहांगीर अस्‍पताल से संपर्क किया। अस्‍पताल के मेडिकल डायरेक्‍टर एस.एस. गिल ने हमें बताया, ”22 अप्रैल की सुबह मेघा शर्मा को हमारे अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन शाम को करीब सवा सात बजे के आसपास उनकी डेथ हो गई। इनकी हमने जांच भी कराई थीं। वे कोरोना नेगेटिव थीं। मरीज को निमोनिया था। इसके कारण बाकी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।”

अंत में हमने फर्जी पोस्‍ट को वायरल करने वाले फेसबुक पेज ‘भारत Corona से जीतेगा / India Fights Corona’ की सोशल स्‍कैनिंग की। हमें पता चला कि इस पेज को 24 मार्च 2020 को ही बनाया गया था। इसमे 15 हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं।

Disclaimer: कोरोनावायरसफैक्ट डाटाबेस रिकॉर्ड फैक्ट-चेक कोरोना वायरस संक्रमण (COVID-19) की शुरुआत से ही प्रकाशित हो रही है। कोरोना महामारी और इसके परिणाम लगातार सामने आ रहे हैं और जो डाटा शुरू में एक्यूरेट लग रहे थे, उसमें भी काफी बदलाव देखने को मिले हैं। आने वाले समय में इसमें और भी बदलाव होने का चांस है। आप उस तारीख को याद करें जब आपने फैक्ट को शेयर करने से पहले पढ़ा था।

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। एक हाउसवाइफ की निमोनिया से हुई मौत को कुछ लोग कोरोना से जोड़कर डॉक्‍टर की मौत बताकर वायरल कर रहे हैं ।

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