Fact Check: राजस्थान में पकड़ी गई लड़की बच्चा चोर गैंग का सदस्य नहीं, शादी के लिए बेची जा रही पीड़ित नाबालिग है

नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि राजस्थान के पाली हाउसिंग बोर्ड के इलाके में भोपाल के बच्चा चोर गिरोह को पकड़ा गया है।वीडियो में एक महिला नजर आ रही है, जिसे लोगों ने घेर रखा है।

वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि गिरफ्तार महिला ने पूछताछ के दौरान अपने गैंग का नाम ”मम्मी मिडो” बताया है। विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। जिस महिला को बच्चा चोर गिरोह का सदस्य बताया जा रहा है, वह झांसा देकर शादी कराने वाले गिरोह के चंगुल से भागकर पाली पहुंची थी, जिसे लोगों ने बच्चा चोर गिरोह का सदस्य समझकर पकड़ लिया।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक पर शेयर किए जा रहे वीडियो के साथ दावा किया गया है, ‘’सावधान आज दिनॉक 19/8/2019 पाली के हाउसिंग बोर्ड साई बाब मन्दिर के पास बने वाटर बाक्स मे भोपाल से आयी दो बच्चे चुराने वाली गेग को पकडा लोगो ने ईस दोरान एक को पकड लिया गया लेकिन एक ओरत भागने मे कामयाब हो गई लोगो का कहना है कि वह पाली शहर के हाउसिंग बोर्ड एरिया मे करीब तीन बच्चे चुरा कर लेजा रही थी ईसी दोरान दिनांक 18/8/19 को रात 11:30 पर लोगो ने इसे पकडा यह लडकी महिला पुलिस थान पाली मे है पूछ ताछ के दौरान ईसने कहा की ईसकी गेग का नाम मम्मी मिडो है जो कि पुरी पाली मे फैलि है सावधान.’’

पड़ताल किए जाने तक इस वीडियो को 400 से अधिक लोग देख चुके हैं।

पड़ताल

पड़ताल की शुरुआत हमने न्यूज सर्च के साथ की। ‘पाली शहर हाउसिंग महिला बच्चा चोर’ कीवर्ड के साथ किए गए सर्च में हमें हिंदी अखबार दैनिक भास्कर में 20 अगस्त को प्रकाशित खबर का लिंक मिला। ‘’बच्चा चोर नहीं, पाली में बेचने की नीयत से लाए थे किशोरी को, पहले भी दो बार दुल्हन बनाकर बेचा।’’

खबर के मुताबिक, राजस्थान के पाली के हाउसिंग बोर्ड के इलाके में रविवार (18 अगस्त) को बच्चा चोर के संदेह में पकड़ी गई किशोरी, वास्तव में खुद झांसा देकर शादी कराने वाले गिरोह की पीड़िता रही है।

खबर के मुताबिक, ”किशोरी मध्य प्रदेश के भोपाल में लाल घाटी इलाके में रहने वाली है, जिसकी उम्र 16 से 17 साल के बीच है। उसके पिता ने दो शादी कर रखी है, जिसका निधन हो चुका है। खुद की मां ने पिता की मौत के बाद दूसरी शादी रचा दी, जबकि सौतेली माता से वह परेशान थी। इलाके में रहने वाली दीपिका आंटी नाम की महिला का उसकी सौतेली मां के घर आना-जाना था, जो एमपी में फर्जी शादी कराने वाले गिरोह की दलाल थी। उस गिरोह में दीपिका के साथ कुछ और लोग भी शामिल हैं। पीड़ित किशोरी का कहना है कि उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर दीपिका ने अपने झांसे में लिया और गिरोह के लोगों की मदद से पिछले कुछ दिनों में ही रुपए लेकर पहले जोधपुर और बाद में रतलाम में उसकी शादी करा दी। दोनों ही जगह से वह भागकर अपने घर लौटी तो दीपिका व गिरोह के अन्य लोग डरा धमका कर उसे रविवार को पाली लेकर आए, जहां वे उसकी तीसरी शादी कराने के झांसे में लेकर किसी भावेश नाम के युवक को बेचने वाले थे।

किशोरी का कहना है कि रविवार को ही गिरोह की दलाल दीपिका आंटी व अन्य लोग उसे पाली में हाउसिंग बोर्ड इलाके में किसी भावेश नाम के युवक के साथ शादी कराने लाए थे। उन लोगों ने उसका फोटो पाली के युवक को भेजा था, जिसने देखते ही उसे पसंद कर लिया था। रविवार शाम ही भोपाल निवासी दलाल उसे लेकर पाली में भावेश से सगाई करने पहुंची थी, लेकिन दलाल उसका घर नहीं जानती थी। रात के अंधेरे में रास्ता भटक गई। हाउसिंग बोर्ड इलाके में रात के अंधेरे में लोगों ने उन्हें बच्चा चोर समझ घेरा, तो दलाल महिला व अन्य लोग अंधेरे का फायदा उठा भीड़ से गायब हो गए।”

विश्वास न्यूज ने इस मामले में पाली जिले के डिप्टी एसपी (शहर) नारायण दान से की। उन्होंने कहा कि बच्चा चोरी गैंग के सदस्य के गिरफ्तार होने का दावा पूरी तरह से गलत है। दान ने कहा, ‘यह मामला मानव तस्करी और झांसा देकर शादी कराने वाले गिरोह का है।’

लड़की के ‘’नाबालिग’’ होने का उल्लेख हुए उन्होंने उसका नाम बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि लड़की मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली है। अधिकारी ने कहा, ‘मामले की तफ्तीश जारी है और प्राथमिक तौर पर इस मामले के सभी आरोपी फरार है, जिन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।’ अधिकार ने हमें बताया कि नाबालिग होने की वजह से लड़की को नारी निकेतन में रखा गया है और ‘’मानव तस्करी एवं जेजे एक्ट के तहत  मुकदमा दर्ज किया गया है।‘’

उन्होंने कहा कि सोसाइटी में जब लोगों ने अनजान महिला को देखा तो उन्होंने इसे बच्चा चोर समझ लिया, जबकि वह खुद पीड़ित है। दान ने कहा, ‘इसके बाद यह घटना सोशल मीडिया पर बच्चा चोरी के दावे के साथ वायरल होने लगा।’

अधिकारी ने विश्वास न्यूज को बताया, ‘पकड़ी गई नाबालिग का किसी भी मम्मी मिडो गैंग से कोई ताल्लुक नहीं है, जिसका दावा सोशल मीडिया पर किया जा रहा है।’ एक अन्य अधिकारी ने अपना नाम नहीं छापे जाने की शर्त पर बताया, ‘राजस्थान के कई इलाके में महिलाओं की खरीद-फरोख्त कर शादी कराने वाले गिरोह सक्रिय है। यह मामला भी ऐसा ही प्रतीत होता है।’

निष्कर्ष: राजस्थान के पाली में जिस महिला के बच्चा गिरोह का सदस्य होने के दावे के साथ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वह वास्तव में मानव तस्करों के चंगुल में फंसी नाबालिग थी, जिसे कथित तौर पर शादी के लिए बेचने के मकसद से पाली लाया गया था।

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  • Claim Review : राजस्थान के पाली में पड़की गई बच्चा चोर गिरोह की सदस्य
  • Claimed By : FB User-Pappuram Ratohre
  • Fact Check : False
False
    Symbols that define nature of fake news
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