Fact Check: ट्रेन से बाहर लटकते यात्रियों का वीडियो महाकुंभ का नहीं, भ्रामक दावा हुआ वायरल
ओवरक्राउडेड ट्रेन के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। असल में वायरल वीडियो करीब छह साल पुराना है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Jan 30, 2025 at 05:27 PM
- Updated: Jan 30, 2025 at 06:00 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर यात्रियों से भरी एक ट्रेन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रेन पूरी तरह से भरी हुई है। लोग दरवाजों से लेकर खिड़कियों तक पर लटक रहे हैं। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह महाकुंभ जा रही ट्रेन का है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। असल में वायरल वीडियो करीब छह साल पुराना है। यह ट्रेन मध्य पूर्व रेलवे जोन की है, जिसका हेडक्वार्टर बिहार के हाजीपुर में है।
क्या हो रहा है वायरल ?
इंस्टाग्राम यूजर narendra_m4h ने 30 जनवरी 2025 को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “महाकुंभ में जाते हुए लोग।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो आनंद व्लॉग्स नामक एक यूट्यूब चैनल पर अपलोड हुई मिली। वीडियो को फरवरी 2018 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो में नजर आ रही ट्रेन बिहार की है।
वीडियो को गौर से देखने पर हमने पाया कि ट्रेन पर पूर्व मध्य रेलवे (ईस्ट सेंट्रल रेलवे जोन) लिखा हुआ है। हमने भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर इस ट्रेन के बारे में सर्च करना शुरू किया। वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, इस ट्रेन का मुख्यालय बिहार के हाजीपुर में है। इसकी शुरुआत 8 सितंबर 1996 में हुई थी। फिर एक अक्टूबर 2002 को पूर्वी और उत्तर पूर्वी रेलवे जोन के क्षेत्रों को मिलाकर इसे चालू किया गया। इसमें धनबाद, दानापुर, पं. दीन दयाल उपाध्याय (पुराना नाम मुगलसराय), सोनपुर और समस्तीपुर डिवीजन शामिल हैं।
अधिक जानकारी के लिए हमने नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय से संपर्क किया। उन्होंने वायरल दावे को भ्रामक बताया है।
सोशल मीडिया पर पहले भी यह वीडियो गलत दावों के साथ वायरल हो चुका है। विश्वास न्यूज ने उस दौरान भी इसकी पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी थी। पूरी रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को तीन हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर महाकुंभ से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि ओवरक्राउडेड ट्रेन के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। असल में वायरल वीडियो करीब छह साल पुराना है। यह ट्रेन मध्य पूर्व रेलवे जोन की है, जिसका हेडक्वार्टर बिहार के हाजीपुर में है।
- Claim Review : महाकुंभ जा रही ट्रेन का वीडियो।
- Claimed By : Inst user sanatan_hindu56
- Fact Check : भ्रामक
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