Fact Check: 2013 में बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शन की तस्वीर हालिया बता की जा रही है वायरल
विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह तस्वीर असल में बांग्लादेश की है, जिसे 2013 में एक हिंसक प्रदर्शन के दौरान खींचा गया था। इसका भारत से कोई लेना-देना नहीं है।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Mar 26, 2025 at 02:42 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज़।) सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एक भीड़ को हाथों में हथियार लेकर भागते हुए देखा जा सकता है। इस तस्वीर को शेयर कर लोगों को सतर्क और तैयार रहने को कहा जा रहा है, जिससे इस तस्वीर के भारत का और हालिया होने का शक होता है।
विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा भ्रामक है। भारत के नाम से वायरल तस्वीर असल में बांग्लादेश की है, जिसे 2013 में एक हिंसक प्रदर्शन के दौरान खींचा गया था।
क्या हो रहा है वायरल?
वायरल तस्वीर में भीड़ को हाथों में डंडे लेकर भागते हुए देखा जा सकता है। “WE support अर्णव गोस्वामी (सभी सनातनी,देशप्रेमी R.भारत के साथ)” नाम के फेसबुक यूजर ने वायरल तस्वीर को शेयर कर लिखा “कलयुगी राक्षसो की उन्मादी दंगाई भीड़ निकल चुकी है। ये दानवी भीड़ कभी भी कही भी किसी भी वक्त आपके दरवाजे पर पहुंच सकती है। इनसे बचने और इन्हें निपटाने का उचित इंतजाम अवश्य रखें।”
पोस्ट का आर्काइव लिंक यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल
पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले इस तस्वीर के स्क्रीनशॉट को गूगल लेंस पर सर्च किया। हमें timeturk.com नाम की एक वेबसाइट पर 7 मई 2013 को प्रकाशित एक खबर में यह तस्वीर मिली। खबर में इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था और इसके साथ लिखा था, “बांग्लादेश में कल हुई हिंसा में 100 से ज़्यादा लोग मारे गए और हज़ारों घायल हुए। कल सुबह की प्रार्थना के बाद सैकड़ों हिफाज़त-ए-इस्लाम के सदस्यों ने ढाका में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने ढाका में प्रवेश करने के दरवाजों को बंद कर दिया। कोई भी वाहन ढाका के अंदर या बाहर निकलने में सक्षम नहीं था। हिफ़ाज़त-ए इस्लाम ने बाद में ढाका में बेयुत मुल्करम मस्जिद के उत्तरी द्वार पर एक रैली आयोजित करने की अनुमति भी मांगी।”

हमें दूसरे एंगल से यही तस्वीर फोटो एजेंसी alamy.com पर भी 5 मई 2013 को अपलोड मिली। इस तस्वीर के डिस्क्रिप्शन में लिखा था, “बांग्लादेश के डाकगाला, ढाका के पास बांग्लादेश-चीन मैत्री ब्रिज पर हिफाजत-ए इस्लाम की रैली में शामिल होने के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े।” इस तस्वीर को फ़िरोज़ अहमद नाम के एक फोटोजर्नलिस्ट ने खींचा था।

इस तस्वीर पर ज़्यादा पुष्टि के लिए हमने बांग्लादेश के फोटोजर्नलिस्ट फ़िरोज़ अहमद से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया, “यह दृश्य 2013 में हुई एक रैली का है। मैंने उस रैली के कई फोटो खींचे थे। हालांकि, वायरल तस्वीर मैंने नहीं खींची मगर मेरे द्वारा खींची गई तस्वीर में इस दृश्य का अलग एंगल देखा जा सकता है।”
इस पोस्ट को ‘WE support अर्णव गोस्वामी (सभी सनातनी,देशप्रेमी R.भारत के साथ)’ नाम के एक फेसबुक पेज ने शेयर किया था। पेज के लगभग 70000 फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह तस्वीर असल में बांग्लादेश की है, जिसे 2013 में एक हिंसक प्रदर्शन के दौरान खींचा गया था। इसका भारत से कोई लेना-देना नहीं है।
- Claim Review : वायरल तस्वीर भारत की और हालिया है, जिसमें लोग हथियारों के साथ भागते हुए दिख रहे हैं।
- Claimed By : FB Page WE support अर्णव गोस्वामी (सभी सनातनी,देशप्रेमी R.भारत के साथ)
- Fact Check : भ्रामक
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