Fact Check: सैनिक अमृतपाल सिंह का साल 2023 में हुआ था निधन, वायरल पोस्ट भ्रामक है
विश्वास न्यूज की पड़ताल में पता चला कि वायरल दावा भ्रामक है। दरअसल अमृतपाल सिंह ने अक्टूबर 2023 में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उसी पुरानी घटना और मृत सैनिक की तस्वीर को हालिया संदर्भ में ऑपरेशन सिंदूर से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
- By: Jyoti Kumari
- Published: May 15, 2025 at 04:21 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी शिविरों को निशाना बनाते हुए उस पर एयर स्ट्राइक की। इसी बीच सोशल मीडिया में एक पोस्ट वायरल हो रही है। जिसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान के हमले में पंजाब के मानसा गांव का सैनिक जम्मू-कश्मीर में शहीद हो गया, जो अपने मां-बाप की इकलौती संतान था।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में पता चला कि वायरल दावा भ्रामक है। दरअसल अमृतपाल सिंह ने अक्टूबर 2023 में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इसी पुरानी घटना और मृत सैनिक की तस्वीर को हालिया संदर्भ में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट में ?
फेसबुक यूजर ghumaan Gurkirat ने वायरल पोस्ट को 11 मई 2025 को पोस्ट को शेयर किया है। पोस्ट पर लिखा हुआ है,”मानसा, गांव कोटली कलां, मां-बाप का एकलौता बेटा फौजी जम्मू कश्मीर में हुआ शहीद। ट्रेनिंग के बाद डेढ़ महीना पहले ही ड्यूटी पर गया था। शहीद अग्निवीर अमृतपाल सिंह”
ऐसे ही फेसबुक यूजर Punjabi Queen ने भी एक पोस्ट शेयर की है और दावा किया है,”मां-बाप का एकलौता बेटा फौजी अमृतपाल सिंह उम्र 19 साल, जम्मू कश्मीर में हुआ शहीद। यह है जंग के घातक नतीजे।”

पड़ताल
वायरल दावे की पड़ताल के लिए हमने संबंधित कीवर्ड से गूगल पर सर्च किया। हमें इंग्लिश जागरण की वेबसाइट पर एक खबर मिली। रिपोर्ट को 16 अक्टूबर 2023 को प्रकाशित किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार,”जम्मू एवं कश्मीर के राजौरी सेक्टर में 11 अक्टूबर को अग्निवीर भर्ती अमृतपाल सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।”

सर्च के दौरान हमें वायरल दावे से जुड़ी खबर दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर मिली। 16 अक्टूबर 2023 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार,“पुंछ जिले के मेंढर उपमंडल के मनकोट इलाके में एलओसी के पास अमृतपाल सिंह की ड्यूटी थी। इस दौरान उनके माथे पर गोली लगी। उनके पार्थिव शरीर को प्राइवेट एंबुलेंस में लाया गया। सेना के दो जवान शव छोड़ने आए थे। उनको सैन्य सम्मान नहीं मिलने पर परिजनों ने सवाल उठाया। खबर में भारतीय सेना की तरफ से 15 अक्टूबर की देर रात जारी किया बयान भी मिला। जिसमें बताया कि अग्निवीर अमृतपाल ने आत्महत्या की थी। इस कारण उनको सैन्य सम्मान नहीं दिया गया। सेना के आधिकारिक एक्स हैंडल से यह पोस्ट की गई है।”
हमारी जांच में यह स्पष्ट हुआ की अमृतपाल सिंह के निधन से जुड़ी पोस्ट पुरानी है। सोशल मीडिया पर अमृतपाल सिंह को सैन्य सम्मान नहीं देने पर एक पोस्ट वायरल की गई थी। साल 2023 में वायरल हुई पोस्ट में दावा किया गया था कि केंद्र सरकार अग्निवीरों को शहीद का दर्जा नहीं दे रही है और इस वजह से अमृतपाल सिंह को सैन्य सम्मान नहीं दिया गया।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया था। दावे की पुष्टि के लिए हमने जम्मू में सेना के पीआरओ से संपर्क किया था। उन्होंने बताया था कि अमृतपाल सिंह के मामले में कुछ लोग अफवाह उड़ा रहे हैं। उसने आत्महत्या की थी। इस बारे में सेना ने एक्स हैंडल से पोस्ट कर स्थिति को स्पष्ट किया था। फैक्ट चेक रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
भारत- पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच कई भ्रामक और फर्जी दावे सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। जिनकी फैक्ट चेक रिपोर्ट को विश्वास न्यूज की वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है।
जांच के अंत में हमने भ्रामक पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की। फेसबुक यूजर को 14 हज़ार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में पता चला कि वायरल दावा भ्रामक है। दरअसल अमृतपाल सिंह ने अक्टूबर 2023 में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उसी पुरानी घटना और मृत सैनिक की तस्वीर को हालिया संदर्भ में ऑपरेशन सिंदूर से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : सैनिक अमृतपाल सिंह की यह पोस्ट हालिया है।
- Claimed By : Fb user-ghumaan Gurkirat
- Fact Check : भ्रामक
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