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Fact Check: यह रैली हिजाब के समर्थन में नहीं, गणतंत्र दिवस कार्यक्रम से अंबेडकर की तस्वीर हटाये जाने के खिलाफ थी

विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा गलत निकला। यह तस्वीर बेंगलुरु में दलित संगठनों द्वारा एक जज के खिलाफ एक विरोध रैली की है। इस जज ने कथित तौर पर गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में अंबेडकर की तस्वीर हटाने के लिए कहा था।

  • By Vishvas News
  • Updated: February 28, 2022

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। देश में हिजाब को लेकर जारी विवाद के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक तस्वीर को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह हिजाब के लिए बेंगलुरु में दलित संगठनों की मुस्लिम एकजुटता रैली की तस्वीर है। विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा गलत निकला। यह तस्वीर बेंगलुरु में दलित संगठनों द्वारा एक जज के खिलाफ एक विरोध रैली की है। इस जज ने कथित तौर पर गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में अंबेडकर की तस्वीर हटाने के लिए कहा था।

क्या है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen کل ہند مجلس اتحاد المسلمین’ ने वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा है, ”कल #दलित संगठनों ने #मुसलमानों के समर्थन में बेंगलुरु में निकाली एकजुटता रैली। बैंगलोर में दलित संगठनों द्वारा इतना बड़ा #हिजाब का समर्थन दिखाने के लिए किसी भी #समाचार_चैनल के पास वक्त नहीं था।”

पड़ताल

न्यूज सर्च में हमें ऐसी कोई रिपोर्ट्स नहीं मिली, जिसमें कर्नाटक के बेंगलुरु में दलित संगठनों द्वारा हिजाब के समर्थन में ऐसी कोई रैली निकाली गयी हो। हाँ, इस तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यह तस्वीर thenewsminute.com की फरवरी 20, 2022 को फाइल की गयी एक खबर में ज़रूर मिली। खबर के अनुसार, “A huge protest march was held in Bengaluru on Saturday, February 19, demanding that a Karnataka district judge who objected to placing BR Ambedkar’s portrait next to Mahatma Gandhi’s portrait on Republic Day in Raichur be suspended.” जिसका हिंदी अनुवाद होता है “शनिवार, 19 फरवरी को बेंगलुरु में एक विशाल विरोध मार्च आयोजित किया गया, जिसमें मांग की गई थी कि कर्नाटक के एक जिला न्यायाधीश ने रायचूर में गणतंत्र दिवस पर महात्मा गांधी के चित्र के बगल में बीआर अंबेडकर के चित्र को रखने पर आपत्ति जताई थी।”

हमें SahilOnline TV news के वेरिफाइड चैनल पर भी फरवरी 20, 2022 को इस रैली का एक वीडियो मिला। वीडियो के साथ दी गयी जानकारी के अनुसार, “Bangalore: Dalit organizations protest against Raichur Judge who had removed Dr. Ambedkar’s portrait in Republic Day program” जिसका हिंदी अनुवाद होता है, “बेंगलुरु : गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में डॉ. अंबेडकर की तस्वीर हटाने वाले रायचूर जज के खिलाफ दलित संगठनों का प्रदर्शन।”

विश्वास न्यूज़ ने इस विषय में कन्नड़ Asianet की असिस्टेंट एडिटर निरुपमा के इस से संपर्क साधा और उनके साथ यह वायरल वीडियो शेयर किया। उन्होंने कन्फर्म किया कि वायरल दावा गलत है और वायरल तस्वीर में दिख रही रैली गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में डॉ. अंबेडकर की तस्वीर हटाने वाले रायचूर जज के खिलाफ दलित संगठनों का प्रदर्शन था।

वायरल वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले पेज ‘All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen کل ہند مجلس اتحاد المسلمین’ को फेसबुक पर करीब 5 हजार लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा गलत निकला। यह तस्वीर बेंगलुरु में दलित संगठनों द्वारा एक जज के खिलाफ एक विरोध रैली की है। इस जज ने कथित तौर पर गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में अंबेडकर की तस्वीर हटाने के लिए कहा था।

  • Claim Review : कल दलित संगठनों ने मुसलमानों के समर्थन में बेंगलुरु में निकाली एकजुटता रैली। बैंगलोर में दलित संगठनों द्वारा इतना बड़ा हिजाब का समर्थन दिखाने के लिए किसी भी समाचार चैनल के पास वक्त नहीं था।
  • Claimed By : All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen کل ہند مجلس اتحاد المسلمین 5d ·
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