Fact Check: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत के डॉग शेल्टर के नाम से वायरल वीडियो इराक का है
शेल्टर में बंद कुत्तों के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। असल में वीडियो इराक के इरबिल शहर के बाहर बने कुत्तों के एक शेल्टर का है, जिसे अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Aug 18, 2025 at 04:30 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में रखे जाने के सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के संदर्भ में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह फैसले के बाद कुत्तों के लिए बने शेल्टर होम का है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इसे भ्रामक पाया। वायरल वीडियो भारत का नहीं, बल्कि इराक का है। गौरतलब है कि दिल्ली में बढ़ते आवार कुत्तों और उनके आतंक के मामले में उच्चतम न्यायालय ने 11 अगस्त को सुनवाई की थी। न्यायालय ने प्रदेश में रेबीज के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई और आवारा कुत्तों को 8 हफ्तों के भीतर सड़क से हटा कर शेल्टर में रखने का आदेश सुनाया। हालांकि, फैसले के विरोध के बाद सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने इसके खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई करते हुए केंद्र और कई एनजीओ की दलीलें सुनी और उसके बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘अनुराग अनुज तिवारी’ ने 15 अगस्त 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “हां तो Dogs lovers यहां जाकर खाना खिला आओ जिसे भी जितना खिलाना है और मन करे तो दो चार उठाकर अपने घर में पाल लेना अपने विदेशी नश्ल वाले कुत्तों की जगह। पूरे देश के सभी शहर में अब ऐसे ही व्यवस्था होनी चाहिए।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो को गौर से देखा। हमने पाया कि वीडियो पर इरबिल इराक लिखा हुआ है। इसी आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमने असली वीडियो givemeyourvoice नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। वीडियो को 10 मार्च 2025 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो इराक के इरबिल शहर के बाहर बने कुत्तों के एक शेल्टर का है।

जांच के दौरान हमें वीडियो से मिलते-जुलते कई अन्य वीडियो इसी जानकारी के साथ फेसबुक और यूट्यूब पर अपलोड हुए मिले।
गूगल पर अन्य कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें दावे से जुड़ा वीडियो इराक के Kurdistan 24 नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो में इरबिल शहर के बाहर बने इस कुत्तों के एक शेल्टर को दिखाया गया है। साथ ही इनका ध्यान रखने वाले अधिकारियों से बातचीत भी की गई है।
अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण दिल्ली के रिपोर्टर उदय जगताप से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो दिल्ली या आस-पास बनाये गए शेल्टर का नहीं है।
एनडीटीवी की वेबसाइट पर 15 अगस्त 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में बढ़ते आवार कुत्तों और उनके आतंक के मामले में उच्चतम न्यायालय ने 11 अगस्त को सुनवाई की थी। न्यायालय ने प्रदेश में रेबीज के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई और आवारा कुत्तों को 8 हफ्तों के भीतर सड़क से हटा कर शेल्टर में रखने का आदेश सुनाया। कोर्ट का ये फैसले डॉग प्रेमियों को पसंद नहीं आया उन्होंने इसके खिलाफ 11 और 12 अगस्त को दिल्ली के कई स्थानों पर बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन किया। फिल दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के संबंध में चार प्राथमिकी दर्ज की।
जागरण डॉट कॉम की वेबसाइट पर 14 अगस्त 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, डॉग प्रेमियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर एक याचिका दायर की थी। इस पर कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने सुनवाई में केंद्र और कई एनजीओ की दलीलें सुनी और उसके बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
मनी कंट्रोल की वेबसाइट पर 13 अगस्त 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली नगर निगम ने कोर्ट के आदेश के बाद स्वतंत्रता दिवस से पहले लाल किले के पास से 700 आवारा कुत्ते को पकड़कर शेल्टर में भेजा है।
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, एमसीडी के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक राष्ट्रीय राजधानी में रेबीज के कुल 49 मामले सामने आए हैं, जबकि छह महीने में 65,000 से ज़्यादा आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस साल जनवरी से जुलाई के बीच एमवीआईडी अस्पताल में रेबीज के ये मामले दर्ज किए गए हैं। तो वहीं जनवरी से जून तक राजधानी में 35,198 जानवरों के काटने के मामले दर्ज किये गए हैं। पीटीआई की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अब तक दिल्ली में कुत्तों के काटने के कुल 26,334 मामले सामने आए हैं।

संसद की वेबसाइट पर मौजूद डेटा के अनुसार, दिल्ली में साल 2018 में 107642, 2019 में 45052, 2020 में 53450, 2021 में 17188, 2022 में 6634, 2023 में 16133 में कुत्तों के काटने के मामले सामने आये थे।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि शेल्टर में बंद कुत्तों के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। असल में वीडियो इराक के इरबिल शहर के बाहर बने कुत्तों के एक शेल्टर का है, जिसे अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : दिल्ली के डॉग शेल्टर का वीडियो।
- Claimed By : Anurag Anuj Tiwari
- Fact Check : झूठ
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