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Fact Check : ऑफलाइन परीक्षा के नाम पर यूजीसी का फेक लेटर वायरल

विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। यूजीसी के नाम पर वायरल पब्लिक नोटिस पूरी तरह फर्जी है। यूजीसी ने अब तक विश्वविद्यालयों के आफलाइन एग्जाम लेने लिए कोई आदेश नहीं निकाला है।

  • By Vishvas News
  • Updated: December 21, 2021

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। विश्‍वविद्यालय अनुदान केंद्र के नाम पर सोशल मीडिया के विभिन्‍न प्‍लेटफार्म पर एक पत्र वायरल हो रहा है। इसे वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालय को अपने केंद्रों पर ऑफलाइन परीक्षा करने के लिए पब्लिक नोटिस जारी किया है। विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल नोटिस फर्जी निकला। इसका खुद यूजीसी ने भी खंडन किया है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर अमित पांडेय ने 12 दिसंबर को एक पत्र को अपलोड करते हुए दावा किया : ‘ऑफलाइन विश्वविद्यालयी परीक्षाएँ स्वकेंन्द्र आयोजित की जाये..’

फेसबुक पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों लिखा गया है। इसके आकाईव्‍ड वर्जन को यहां देखें। पोस्‍ट को सच मानकर दूसरे यूजर्स भी इसे वायरल कर रहे हैं।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने यूजीसी के नाम पर वायरल पत्र की जांच करने के लिए सबसे पहले गूगल सर्च किया। हमें कई ऐसी खबरें मिलीं, जहां वायरल पत्र को फेक बताया गया। इसके अलावा एबीपी की वेबसाइट पर 18 दिसंबर को पब्लिश एक खबर में बताया गया कि यूजीसी ने यूनिवर्सिटी और कॉलेज कैंपस परिसर खोलने को लेकर गाइडलाइन जारी की है, जिसमें यूजीसी ने कोरोना के नियमों का पालन करते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षा को लेकर खुद फैसला लेने को कहा है। संबंधित खबर को यहां पढ़ा जा सकता है। इस खबर में मौजूद नोटिस वायरल नोटिस से अलग था।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए विश्‍वास न्‍यूज ने यूजीसी के सोशल मीडिया हैंडल को स्‍कैन करना शुरू किया। यूजीसी इंडिया के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर हमें 13 दिसंबर का एक ट्वीट मिला। इसमें वायरल नोटिस को फेक बताया गया था। इसे यहां देखा जा सकता है। यह पत्र हमें यूजीसी की वेबसाइट पर भी मिला। इसे यहां क्लिक करके पढ़ा जा सकता है।

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते यूजीसी बीट को कवर करने वाले दैनिक जागरण के वरिष्‍ठ संवाददाता अरविंद पांडेय से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पत्र को शेयर किया। उन्‍होंने हमें जानकारी देते हुए बताया कि वायरल नोटिस फेक है। इस तरह का कोई भी पत्र यूजीसी की ओर से जारी नहीं किया गया था।

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। यूजीसी के नाम पर वायरल पब्लिक नोटिस पूरी तरह फर्जी है। यूजीसी ने अब तक विश्वविद्यालयों के आफलाइन एग्जाम लेने लिए कोई आदेश नहीं निकाला है।

  • Claim Review : यूजीसी का पत्र
  • Claimed By : फेसबुक यूजर अमित पांडेय
  • Fact Check : झूठ
झूठ
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