Fact Check: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नट-बोल्ट चोरी के नाम पर पटना का पुराना वीडियो वायरल
विश्वास न्यूज की जांच में दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के नाम पर वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। बिहार के पिछले साल के वीडियो को झूठे सांप्रदायिक दावे के साथ दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का बताकर शेयर किया जा रहा है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Apr 28, 2026 at 04:28 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर सोशल मीडिया पर 23 सेकंड का एक वीडियो सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल हो रहा है। इसमें कुछ बच्चों को एक ब्रिज का नट-बोल्ट खोलते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बहाने समुदाय विशेष के लोगों पर आपत्तिजनक भाषा में निशाना साधा जा रहा है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का है, जहां कुछ मुसलमान इसके नट-बोल्ट चोरी कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो बिहार की राजधानी पटना का है। इस डबल डेकर पुल का जून 2025 में उद्घाटन हुआ था। इसके कुछ दिन बाद ही कुछ बच्चों द्वारा पुल के नॉइस कंट्रोलर का नट खोलते हुए वीडियो वायरल हुआ। उसी वीडियो को अब दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का बताकर सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। हमारी जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Vandematram Misson’ ने 28 अप्रैल 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे खुलने के सिर्फ एक हफ्ते के भीतर ही मदरसा छाप वहां से नट-बोल्ट चोरी करते नजर आए इन जिहादियों का इलाज जरूरी हैं देश की तरक्की में रोड़ा हैं ये जिहादी।”
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान संदर्भ में शेयर किया है। वायरल पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच शुरू करने से पहले दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के नाम से वायरल वीडियो को ध्यान से देखा। इसमें कुछ बच्चों को खुले हुए नट-बोल्ट के पास देखा जा सकता है। पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकाले गए। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें ‘जागरण डॉट कॉम’ पर 14 जून 2025 की एक खबर मिली। इसमें वायरल वीडियो के कीफ्रेम का इस्तेमाल किया गया था। खबर में बताया गया कि पटना में बने बिहार के पहले डबल डेकर पुल का 11 जून 2025 को उद्घाटन हुआ था। इसके बाद कुछ बच्चों द्वारा पुल के नॉइस कंट्रोलर का नट खोलते हुए वीडियो वायरल हुआ। घटना की जानकारी होने पर पुल निर्माण निगम ने नट को वेल्डिंग करवा दिया।

सर्च के दौरान वायरल वीडियो हमें ‘बिहार कांग्रेस’ के आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी मिला। 12 जून 2025 को शेयर किए गए वीडियो के साथ लिखा गया, “पटना के डबल डेकर ब्रिज से गायब हो रहे हैं नट-बोल्ट – क्या अब जान की कीमत भी ‘ठेकेदारी’ तय करेगी? पटना में बने करोड़ों के डबल डेकर ब्रिज से एक ही दिन में नट-बोल्ट या तो ढीले हो गए या चोरी कर लिए गए। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि अब पुल भी सुरक्षित नहीं।”
14 जून 2025 को ‘नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर भी वायरल वीडियो के आधार पर एक रिपोर्ट अपलोड की गई। इसमें बताया गया कि पटना में 422 करोड़ की लागत से तैयार अशोक राजपथ पर नवनिर्मित डबल डेकर पुल के उद्घाटन के अगले ही दिन कुछ लड़के सिक्योरिटी रेलिंग का नट-बोल्ट खोलने लगे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
विश्वास न्यूज ने जांच के अगले चरण में दैनिक जागरण, पटना के संवाददाता प्रशांत कुमार से संपर्क किया और उनके साथ वायरल वीडियो शेयर किया। उन्होंने जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो पटना का ही है और काफी पुराना है।
क्या है संदर्भ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाले 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड में किया। इसे अब आम जनता के लिए खोल दिया गया है।
जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि ‘वंदेमातरम मिशन’ नाम के इस पेज को फेसबुक पर छह हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह यूजर सहारनपुर का रहने वाला है। यह पेज फरवरी 2012 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के नाम पर वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। बिहार के पिछले साल के वीडियो को झूठे सांप्रदायिक दावे के साथ दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का बताकर शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नट-बोल्ट की चोरी
- Claimed By : FB User Vandematram Misson
- Fact Check : झूठ
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