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Fact Check : राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्‍याय यात्रा’ के वक्त के पुराने VIDEO को अब भ्रामक दावे के साथ किया गया वायरल

पुराने वीडियो को बिहार में जारी राहुल गांधी की यात्रा से जोड़ते भ्रम फैलाया जा रहा है। वीडियो राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्‍याय यात्रा' का है।

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी बिहार ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ निकाल रहे हैं। यात्रा के दौरान राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग और भाजपा पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। अब इसी से जोड़ते हुए एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। वीडियो में राहुल गांधी को एक पुलिस अफसर से पूछते हुए देखा जा सकता है कि वे मंदिर क्‍यों नहीं जा सकते हैं। वीडियो को वोट चोरी के हैश टैग के साथ शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी को मंदिर जाने से रोका गया।

इस वीडियो को बिहार में जारी राहुल गांधी की यात्रा से जोड़ते भ्रम फैलाया जा रहा है। हमारी जांच में वायरल पोस्‍ट भ्रामक साबित हुई। वीडियो राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्‍याय यात्रा’ का है। जनवरी 2024 में असम में यात्रा के दौरान उन्‍हें एक मंदिर में जाने से रोक दिया गया था। उस वक्‍त काफी हंगामा भी हुआ था। उसी घटना के वीडियो को अब अगस्‍त 2025 में भ्रामक तरीके से शेयर किया जा रहा है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक पेज ‘युवा मांगे रोजगार’ ने 16 अगस्‍त को एक वीडियो को पोस्‍ट करते हुए दावा किया, “राहुल को मंदिर जाने से रोक रहे थे, बीच सड़क पर गाड़ी रुकी और भाजपा की वाट लगा दी गई।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई दूसरे यूजर्स भी शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच की शुरुआत करने से पहले वायरल वीडियो को ध्‍यान से देखा। इसमें राहुल गांधी को एक पुलिस अफसर से बात करते हुए देखा जा सकता है। इसके अलावा कई लोगों को जैकेट पहने हुए भी देखा जा सकता है। इससे यह साफ हो गया कि वीडियो पुराना है। वीडियो के ऊपर पीटीआई का वाटर मार्क भी लगा हुआ था।

जांच को आगे बढ़ाते हुए सबसे पहले पीटीआई के एक्‍स हैंडल को स्‍कैन किया गया। हमें असली वीडियो 22 जनवरी 2024 को अपलोड मिला। इसके साथ लिखा गया कि असम के संत श्रीमंत शंकरदेव की जन्मस्थली, बटद्रवा थान जाने से रोके जाने पर राहुल गांधी ने सुरक्षा अधिकारी से पूछा कि मैंने क्या गलती की है कि मुझे मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं है?

जांच के दौरान कीवर्ड सर्च के जरिए असम में हुई घटना से जुड़ी खबरें सर्च की गईं। गूगल ओपन सर्च टूल के जरिए सर्च करने पर हमें नवभारत टाइम्‍स की वेबसाइट पर 22 जनवरी 2024 को प्रकाशित एक खबर में बताया गया कि असम के हैबोरागांव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बोरडुआ में श्री श्री शंकर देव सत्र मंदिर जाने की अनुमति नहीं दी गई। जिसके बाद राहुल गांधी धरने पर बैठ गए।

सर्च के दौरान हमें जागरण डॉट कॉम पर एक खबर मिली। 22 जनवरी 2024 को पब्लिश इस खबर में विस्‍तार से बताया गया कि राहुल गांधी को तीर्थस्थल बताद्रवा थान जाने की अनु‍मति नहीं मिलने के बाद वे धरने पर बैठ गए।

लाइव हिंदुस्‍तान के यूट्यूब चैनल पर हमें राहुल गांधी का वर्जन मिला। 22 जनवरी 2024 के इस वीडियो में बताया गया कि असम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाल रहे थे। उस दौरान वे श्रीमंत शकरदेव की जन्मस्थली का दौरा करने वाले थे। हालांकि असम सरकार ने उनको वहां जाने से रोक दिया। ऐसे में राहुल गांधी, जयराम रमेश और अन्य कांग्रेस नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और ‘रघुपति राघव राजाराम’ की धुन गाने लगे।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के राष्ट्रीय समन्वयक नितिन अग्रवाल से संपर्क किया। उनके साथ वायरल वीडियो को शेयर किया। उन्‍होंने कन्‍फर्म करते हुए बताया कि राहुल गांधी का वायरल वीडियो असम की भारत जोड़ो न्‍याय यात्रा के वक्‍त का है।

पड़ताल के अंत में युवा मांगे रोजगार नाम के फेसबुक पेज की सोशल स्‍कैनिंग की गई। इसे 2.42 लाख से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में राहुल गांधी से जुड़ी पोस्‍ट भ्रामक साबित हुई। वर्ष 2024 के जनवरी महीने में असम में हुई घटना के वीडियो को अब वायरल करके भ्रम फैलाया जा रहा है।

  • Claim Review : राहुल गांधी को मंदिर नहीं जाने दिया गया।
  • Claimed By : FB Page Yuva Mange Rojgarr
  • Fact Check : भ्रामक

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