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Fact Check : ओडिशा के समुद्री तट पर लाखों कछुओं का वीडियो महाकुंभ के नाम पर वायरल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। दावा फर्जी साबित हुआ। ओडिशा के वीडियो को कुछ लोग महाकुंभ से जोड़ते हुए झूठ फैला रहे हैं।

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्‍लेटफॉर्म पर 20 सेकंड की एक वीडियो क्लिप वायरल हो रही है। इसमें अनगिनत कछुओं को पानी से किनारे की ओर आते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस वीडियो क्लिप को महाकुंभ से जोड़ते हुए शेयर कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि महाकुंभ मेला खत्‍म होते ही अचानक से कछुए दिखने लगे।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। दावा फर्जी साबित हुआ। ओडिशा के वीडियो को कुछ लोग महाकुंभ से जोड़ते हुए झूठ फैला रहे हैं।

क्‍या हो रहा है वायरल

Knowledge Facts नाम के एक फेसबुक पेज ने 24 फरवरी को एक वीडियो क्लिप को अपलोड करते हुए दावा किया, “कुंभ मेला खत्म होने के बाद अचानक से किया हुआ देखो।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर वायरल कर रहे हैं। कुछ यूजर्स इस वीडियो क्लिप को बिहार की बताकर वायरल कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल क्लिप की सच्‍चाई जानने के लिए इसमें मौजूद दोनों क्लिप के कई ग्रैब निकाले। सबसे पहले हमने पहली क्लिप को गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। हमें सबसे पुराना वीडियो एक इंस्‍टाग्राम यूजर के अकाउंट पर मिला। इसे 23 फरवरी को पोस्‍ट किया गया था।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए वायरल क्लिप के दूसरे हिस्‍से को गूगल ओपन सर्च टूल के जरिए खोजना शुरू किया। हमें संबंधित क्लिप रील्‍स के फार्मेट में कई जगह मिली। इसे ओडिशा की बताया गया। द बेटर इंडिया नाम के एक यूट्यूब चैनल ने इस क्लिप को शॉर्ट के रुप में अपलोड करते हुए बताया कि ओडिया में सात लाख ओलिव रिडले कछुए पहुंचे। इस शॉर्ट वीडियो को 25 फरवरी 2025 को अपलोड किया गया।

इस क्लिप को इंस्‍टाग्राम पर भी ओडिशा के नाम पर देखा जा सकता है।

गूगल ओपन सर्च टूल का इस्‍तेमाल करने पर हमें एनडीटीवी इंडिया के यूट्यूब चैनल पर एक रिपोर्ट मिली। इसमें बताया गया करीब नौ हजार किमी की दूरी तय कर लाखों ओलिव रिडले कछुए अंडे देने के लिए ओडिशा के गंजम जिले के समुद्री तट पर पहुंचे।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, प्रयागराज के संपादकीय प्रभारी राकेश पांडेय से संपर्क किया। उन्‍होंने पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल वीडियो प्रयागराज का नहीं है। महाकुंभ के बाद यहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

जांच के अंत में फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि इस पेज को एक लाख से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की जांच में पता चला कि ओडिशा के समुद्री तट पर आए कछुओं का वीडियो प्रयागराज और बिहार के नाम पर वायरल करके झूठ फैलाया जा रहा है।

  • Claim Review : महाकुंभ खत्‍म होने के बाद कछुओं का वीडियो
  • Claimed By : FB Page Knowledge Facts
  • Fact Check : झूठ

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