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Fact Check: पुरानी तस्वीर को लंदन में लॉकडाउन के खिलाफ प्रदर्शन बता कर फैलाया जा रहा है झूठ

  • By Vishvas News
  • Updated: May 14, 2021

नई दिल्ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें भारी भीड़ को देखा जा सकता है। भीड़ के आसपास ब्रिटेन के कई झंडे लगे हैं। पोस्ट के साथ दावा किया जा रहा है कि यह ब्रिटेन में लॉकडाउन के खिलाफ हुए प्रदर्शन की तस्वीर है। इस फोटो के माध्यम से भारत के कई हिस्सों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच किए जा रहे लॉकडाउन के खिलाफ लोगों को भड़काने की कोशिश की जा रही है। विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल तस्वीर को लेकर किया जा रहा दावा झूठा निकला। यह तस्वीर 2012 की है, जब महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने अपने सिंहासन पर बैठने की 60वीं वर्षगांठ मनाई थी। इसका कोरोना वायरस या उससे बचने के लिए लगे लॉकडाउन से कोई संबंध नहीं है।

क्या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर Junaid Azam ने वायरल स्क्रीनशॉट को शेयर किया, जिसमें लिखा था ‘“The photo you won’t see on BBC News. #londonprotest #antilockdown #antilockdownprotest’

इस पोस्ट के आर्काइव्ड वर्जन को यहां क्लिक कर देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने वायरल तस्वीर को सबसे पहले गूगल रिवर्स इमेज सर्च टूल पर ढूंढा। हमें इंटरनेट पर इस तस्वीर से जुड़े ढेरों परिणाम मिले। हर जगह इस तस्वीर का क्रेडिट गेट्टी इमेजेज को दिया गया था। हमें यह तस्वीर गेट्टी इमेजेज पर मिली। तस्वीर को 5 जून, 2012 को क्लिक किया गया था। यहां दिए गए डिस्क्रिप्शन के अनुसार, यह तस्वीर 5 जून, 2012 को लंदन, इंग्लैंड में सेंटपॉल के कैथेड्रल में धन्यवाद ज्ञापन के बाद डायमंड जुबली कैरिज जुलूस के दौरान मॉल के नीचे से निकली भीड़ की थी। यहां इस तस्वीर का क्रेडिट फोटो जर्नलिस्ट डेन किटवुड को दिया गया है।

विश्वास न्यूज की अबतक की पड़ताल से यह साबित हो चुका था कि यह तस्वीर दुनिया में कोविड-19 से पहले से इंटरनेट पर मौजूद है। इसका संबंध कोरोना लॉकडाउन से नहीं है। विश्वास न्यूज ने इस संबंध में और पुष्टि के लिए वायरल तस्वीर को क्लिक करने वाले फोटो जर्नलिस्ट डेन किटवुड से संपर्क साधा। उन्होंने कहा, “यह तस्वीर 2012 की है, जब महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने अपने सिंहासन पर बैठने की 60वीं वर्षगांठ मनाई थी।”

ब्रिटेन की आधिकारिक सरकारी वेबसाइट gov.uk के अनुसार, देश में 17 मई तक कई प्रतिबंध लगे हैं। इस मामले में ज़्यादा जानकारी यहां क्लिक करके पायी जा सकती है।

विश्वास न्यूज ने इस वायरल तस्वीर को पोस्ट करने वाले फेसबुक यूजर Junaid Azam की प्रोफाइल को स्कैन किया। यूजर के फेसबुक पर 392 फ्रेंड्स हैं।

निष्कर्ष: यह तस्वीर 2012 की है, जब महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने अपने सिंहासन पर बैठने की 60वीं वर्षगांठ मनाई थी। इसका कोरोना वायरस या उससे बचने के लिए लगे लॉकडाउन से कोई संबंध नहीं है।

  • Claim Review : The photo you won’t see on BBC News.
  • Claimed By : Pakistan Prime
  • Fact Check : झूठ
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