Fact Check: संभल हिंसा के आरोपियों के घरों पर नहीं चला है बुलडोजर, चंदौसी का है वीडियो
संभल के चंदौसी में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जबकि हिंसा सदर तहसील में हुई थी। इस कार्रवाई का संभल हिंसा से कोई संबंध नहीं है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Dec 10, 2024 at 05:45 PM
- Updated: Dec 10, 2024 at 05:55 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। 24 नवंबर को संभल में हुई हिंसा के बाद उससे जोड़कर एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें शेयर किए जा रहे वीडियो में जेसीबी को दुकान को तोड़ते हुए दिखाया गया है। वीडियो को शेयर कर कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि रात को संभल हिंसा के आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया।
विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि अवैध निर्माण के खिलाफ यह कार्रवाई संभल के चंदौसी नगर में हुई है, जबकि हिंसा संभल के सदर इलाके में भड़की थी। चंदौसी में करीब एक माह से प्रशासन ने नगर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान चलाया हुआ है। इसका संभल हिंसा से कोई संबंध नहीं है।
क्या है वायरल पोस्ट
एक्स यूजर Deepak Sharma ने 9 दिसंबर को वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए इसे संभल हिंसा के आरोपियों के घरों पर कार्रवाई का बताया।
फेसबुक यूजर पटेल जी ने भी इस वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया है। इस पर कैप्शन लिखा है,
“बुलडोज़र यूंही चालेगा
संभल के दंगाइयों के अवैध मकान ढहाने
आधी रात पंहुचा बुलडोज़र, अवैध कब्जे
जमींदोज किये गए….
ये योगी जी का उत्तर प्रदेश है, एकभी दंगाई बक्शा नहीं जाएगा“

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का स्क्रीनशॉट निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। 9 दिसंबर 2024 को एएनआई के एक्स हैंडल से इस वीडियो को पोस्ट करते हुए इसे चंदौसी नगर पालिका की कार्रवाई का बताया गया।
न्यूज 9 के यूट्यूब चैनल पर 9 दिसंबर को वायरल क्लिप से संबंधित वीडियो न्यूज को अपलोड किया गया है। इसमें वायरल क्लिप को भी देखा जा सकता है। अवैध अतिक्रमण की इस कार्रवाई को चंदौसी नगर पालिका की कार्रवाई का बताया गया। इसमें नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि नगर पालिका ने 500 दुकानें तोड़ी थीं। वहां एक दुकान में दोबारा शटर लगाने की शिकायत मिली थी। उनको दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। दुकानदार ने उनकी बात मान ली थी। यहां कॉम्प्लेक्स बनेगा।
आजतक की वेबसाइट पर 5 दिसंबर को छपी खबर के मुताबिक, “संभल के चंदौसी में फिर से अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। चंदौसी नगर पालिका ने अतिक्रमणकारियों से कब्जा हटाने की अपील की थी, जिसके बाद में यह कार्रवाई शुरू हुई। यह अभियान करीब एक माह पहले शुरू हुआ था, जिसमें चंदौसी की विधायक एवं यूपी की राज्यमंत्री गुलाब देवी ने नाले पर बने अवैध निर्माण पर सवाल उठाया था। संभल हिंसा के बाद यह कार्रवाई कुछ दिन के लिए रुक गई थी, जो अब फिर से शुरू हो गई है।”

ईटीवी भारत की वेबसाइट पर छपी खबर के अनुसार, “24 नवंबर को हुई संभल हिंसा के बाद चंदौसी में चल रही कार्रवाई को रोक दिया गया था, लेकिन इसके फिर से शुरू होने पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने इसे संभल से जोड़ते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाया था। संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र सिंह पेंसिया ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि बुलडोजर की कार्रवाई सिर्फ चंदौसी में चल रही है।”

5 दिसंबर को टीवी 9 की वेबसाइट पर छपी खबर में लिखा है, “संभल में हिंसा सदर तहसील के इलाके में हुई थी, जबकि बुलडोजर की कार्रवाई चंदौसी तहसील में हो रही है। प्रशासन की माने तो इस कार्रवाई से पहले लोगों को नोटिस दिया गया था। खबर में लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर की कार्रवाई पर संज्ञान लेते हुए इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। कोर्ट का कहना था कि बिना मुकदमा चलाए किसी भी आरोपी को सजा देना गलत है। सिर्फ आरोपी या दोषी होने पर किसी का घर नहीं गिराया जा सकता है। इस तरह की कार्रवाई के लिए पर्याप्त समय और नोटिस दिया जाना चाहिए।”

दैनिक जागण के ईपेपर में 10 दिसंबर को छपी खबर में लिखा है कि जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हुई हिंसा के बाद संभल पुलिस ने सर्च अभियान चलाया हुआ है।

इस बारे में संभल में दैनिक जागरण के जिला प्रभारी ओम प्रकाश ने बताया कि चंदौसी में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चल रहा है, जबकि हिंसा संभल के सदर इलाके में हुई थी। वहां चल रहे अभियान का हिंसा से कोई संबंध नहीं है। हिंसा के आरोपियों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई नहीं हो रही है।
वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले एक्स यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के एक लाख 36 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
इससे पहले भी संभल हिंसा से जोड़कर पोस्ट वायरल हो चुकी है। विश्वास न्यूज की फैक्ट चेक रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: संभल के चंदौसी में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जबकि हिंसा सदर तहसील में हुई थी। इस कार्रवाई का संभल हिंसा से कोई संबंध नहीं है।
- Claim Review : रात को संभल हिंसा के आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया।
- Claimed By : X User- Deepak Sharma
- Fact Check : झूठ
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