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Fact Check : पीएम मोदी का 2023 का भाषण झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल, विपक्षी गठबंधन पर किया था पलटवार

पीएम मोदी का पुराना भाषण गलत व झूठे सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। असली वीडियो सितंबर 2023 का है। उस वक्‍त पीएम मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए वीडियो वाली बात कही थी।

नई दिल्ली (Vishvas News)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो इनदिनों वॉट्सऐप से लेकर सोशल मीडिया के विभिन्‍न प्‍लेटफॉर्म्‍स पर खूब वायरल किया जा रहा है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने देश में दंगों की आशंका के बीच सनातनियों को सतर्क व सावधान रहने की अपील की है। वायरल पोस्‍ट को सच मानकर कई यूजर्स इसे वायरल कर रहे हैं।

यह वीडियो एक बार पहले भी वायरल हुआ था। उस वक्‍त भी विश्‍वास न्‍यूज ने इसकी पड़ताल की थी। हमारी जांच में पता चला कि वायरल पोस्‍ट भ्रामक है। दरअसल, मध्‍य प्रदेश के बीना में एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने विपक्षी गंठबंधन पर हमला बोलते हुए वायरल वीडियो वाली बात कही थी। हमारी जांच में पता चला कि पीएम मोदी के पुराने अधूरे वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। हमारी जांच में वायरल पोस्‍ट भ्रामक साबित हुई।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर Banwari Lal Singhal ने एक अप्रैल को एक वीडियो पोस्‍ट करते हुए दावा किया, “प्रधानमंत्री जी की अत्यंत गंभीर चेतावनी। देशव्यापी दंगों रक्तपात की प्रबल संभावना। विकट भयंकर संकट के संकेत। विडियो त्वरित वायरल किजिए। शीघ्रातिशीघ्र मोहल्ले कोलोनीयों में बैठक आयोजित किजिये। अत्यधिक सतर्कता परमावश्यक। सभी हिन्दू ग्रुप में भेजे। अगर इसे मजाक में लिया तो कल के दिन आपके और आपके परिवार या आपके रिश्तेदारों के साथ कुछ भी मतलब कुछ भी हो सकता है। अतः हिंदुओं के ग्रुप के साथ संगठित होकर रहें। आप मेरी बात को मजाक में ले सकते हैं लेकिन अगर देश का प्रधानमंत्री किसी बात को बहुत गंभीरता से बोल रहा हैतो समझ जाए खतरा बहुत बड़ा है। क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी जी विशेष रूप से कम बोलते हैंऔर अगर कुछ बोल रहे हैंतो सतर्क हो जाए। अगर इस संदेश को मस्ती में ले लियातो आपका परिवार मस्ती में निकल लेगा और शायद कोई आपको बचाने वाला ना मिले। अपने क्षेत्र राज्य गांव या कस्बे में आरएसएस बजरंग दल विश्व हिंदू परिषद के साथ संपर्क में तुरंत आए।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे कई सोशल मीडिया यूजर शेयर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले प्रधानमंत्री के भाषण के वायरल वीडियो को पूरा सुना। इसमें उन्‍हें यह बोलते हुए सुना जा सकता है, “….आज इन लोगों ने खुलकर बोलना शुरू किया है…खुलकर के हमला करना शुरू कर दिया है…कल ये लोग हम पर होने वाले हमले और बढ़ाने वाले हैं। देश के कोने-कोने में हर सनातनी को….इस देश को प्यार करने वाले को…इस देश की मिट्टी को प्यार करने वाले को…इस देश के कोटि-कोटि जनों को प्यार करने वाले को…हर किसी को सतर्क रहने की जरूरत है।” वे आगे कहते हैं, “….सनातन को मिटाकर ये देश को फिर एक हजार साल की गुलामी में धकेलना चाहते हैं।”

इस वीडियो को सुनकर यह क्लियर नहीं हुआ कि पीएम मोदी यह बात किस संदर्भ में कही। जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने की-वर्ड सर्च किया। हमें पीएम मोदी का ऑरिजिनल वीडियो एनडीटीवी इंडिया के वेरिफाइड यू-ट्यूब चैनल पर मिला। इसे 14 सितंबर 2023 को अपलोड किया गया था।

इस न्‍यूज रिपोर्ट को लेकर बताया गया कि पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के दौरे के दौरान सनातन पर हुए विवाद के बाद पहली बार खुलकर विपक्ष पर हमला बोला। पीएम मोदी ने बुंदेलखंड के विकास, बीना की पेट्रो-केमिकल फैक्ट्री, रोजगार, किसान और कोविड आदि मुद्दों पर बात रखी। इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो वाले हिस्‍से को भी सुना जा सकता है।

इससे यह स्‍पष्‍ट हो गया कि वायरल पोस्‍ट भ्रामक है। सितंबर 2023 के वीडियो को अब एक बार फिर से गलत संदर्भ के साथ वायरल किया गया।

गूगल ओपन सर्च टूल के जरिए सर्च करने पर हमें नईदुनिया डॉट कॉम पर एक पुरानी खबर मिली। 14 सितंबर 2023 की इस खबर में बताया गया कि पीएम मध्‍य प्रदेश के बीना रिफाइनरी परिसर में पेट्रोकेमिकल्स कांप्लेक्स का भूमिपूजन करने पहुंचे थे। वहां उन्‍होंने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा था, “इंडिया अलायंस के लोग उस ‘सनातन धर्म’ को मिटाना चाहते हैं, जिसने स्वामी विवेकानन्द और लोकमान्य तिलक को प्रेरणा दी। यह इंडिया अलायंस वाले ‘सनातन धर्म’ को नष्ट करना चाहते हैं। आज उन्होंने सनातन को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, कल वे हम पर हमले बढ़ा देंगे। देश भर के सभी ‘सनातनियों’ और हमारे देश से प्यार करने वाले लोगों को सतर्क रहना होगा। हमें ऐसे लोगों को रोकना होगा।”

विश्‍वास न्‍यूज ने पिछली पड़ताल के दौरान, नईदुनिया डॉट कॉम, भोपाल के प्रशांत पांडेय से संपर्क किया था। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया था कि यह वीडियो 2023 का है, जब पीएम मोदी बीना आए थे।

पड़ताल के अंत में भ्रामक दावा करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि बनवारी लाल सिंघल नाम के इस यूजर को छह हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर राजस्‍थान के अलवर का रहने वाला है।

निष्कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में पता चला कि पीएम मोदी का सितंबर 2023 के भाषण का एक अधूरा हिस्‍सा सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल हो रहा है। उस वक्‍त पीएम मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर पलटवार करते हुए वायरल वीडियो वाली बात कही थी।

  • Claim Review : प्रधानमंत्री जी की अत्यंत गंभीर चेतावनी। देशव्यापी दंगों रक्तपात की प्रबल संभावना।
  • Claimed By : FB User Banwari Lal Singhal
  • Fact Check : झूठ

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