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Fact Check: मदरसों को लेकर एपीजे अब्दुल कलाम ने नहीं दिया था ये बयान, फर्जी दावा फिर हुआ वायरल

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने मदरसों को लेकर ऐसा कोई बयान नहीं दिया था। वायरल दावा फर्जी है।

  • By: Pallavi Mishra
  • Published: Apr 8, 2025 at 03:10 PM
  • Updated: Apr 9, 2025 at 11:19 AM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज ) सोशल मीडिया पर वायरल एक अखबार की कटिंग में भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम की फोटो के    साथ में उनके हवाले से लिखा है कि एपीजे अब्दुल कलाम ने मुसलमानों के बारे में है, ‘मुसलमान पैदाइशी आतंकवादी नहीं होते, बल्कि उन्हें मदरसों में ट्रेनिंग दी जाती है और भारत के सभी मदरसों पर प्रतिबंध लगाना बेहद ज़रूरी है।’

विश्वास न्यूज ने इस बयान की पड़ताल की और पाया कि एपीजे अब्दुल कलाम ने कभी भी आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई बयान नहीं दिया। यह एक फर्जी स्टेटमेंट है, जिसे उनके नाम से वायरल किया जा रहा है।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

फेसबुक यूजर Jasvindar Singh ने न्यूजपेपर जैसी नजर आने वाली कटिंग को शेयर किया, जिसमें कलाम की ब्लैक एंड व्हाइट  फोटो के साथ में लिखा है, ‘मुसलमान पैदाइशी आतंकवादी नहीं होते। उन्हें मदरसों में कुरान पढाई जाती है, जिसके अनुसार ये हिन्दू, बौद्ध, सिख, ईसाई, यहूदी और दूसरे गैर-मुसलमानों को चुन-चुन कर मारते हैं। आतंकवाद पर नियंत्रण के लिए भारत में चल रहे हज़ारों मदरसों पर प्रतिबंध लगाना बेहद जरुरी है’: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्यूज़ ने पहले भी वायरल दावे की जांच की थी। पहले भी वायरल हो चुका है। उस समय भी विश्वास न्यूज ने इस दावे की पड़ताल की थी। कीवर्ड सर्च के जरिये खोजने पर हमें ऐसा कोई बयान नहीं मिला था। अगर एपीजे अब्दुल कलाम ने ऐसा कोई भी विवादास्पद बयान दिया होता तो यह खबरों में जरूर होता।

इस पोस्ट को लेकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी और अब्दुल कलाम के परपोते शेख दाऊद ने विश्वास न्यूज़ को बताया था, ‘यह बयान पूरी तरह फर्जी है। डॉ. कलाम धर्म के मामले में इस तरह की  बात कभी नहीं करते थे। यह साफ तौर पर फेक है।”

विश्वास न्यूज द्वारा की गए पुरानी पड़ताल को यहाँ पढ़ा जा सकता है।

अंत में हमने पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर Jasvindar Singh की सोशल स्कैनिंग की। हमने पाया कि यूजर के 5000 से अधिक फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने मदरसों को लेकर ऐसा कोई बयान नहीं दिया था। वायरल दावा फर्जी है।

  • Claim Review : मुसलमान पैदाइशी आतंकवादी नहीं होते, बल्कि उन्हें मदरसों में ट्रेनिंग दी जाती है: एपीजे अब्दुल कलाम
  • Claimed By : FB User Jasvindar Singh
  • Fact Check : झूठ

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