Fact Check: भगवान राम की मूर्ति तोड़ने की घटना का यह वीडियो तीन साल पुराना
भगवान राम की मूर्ति तोड़ने के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। असल में वायरल हो रहा वीडियो करीब तीन साल पहले हुई एक घटना का है। पुलिस ने तब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और उस पर केस भी दर्ज किया था।
- By: Pragya Shukla
- Published: Feb 16, 2026 at 04:25 PM
- Updated: Feb 18, 2026 at 12:03 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर भगवान राम की मूर्ति तोड़ते एक शख्स का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हाल ही में हुई एक घटना का है। आरोप है कि एक मुस्लिम शख्स ने मूर्ति पर चढ़कर उसे तोड़ने का प्रयास किया।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। असल में वायरल हो रहा वीडियो करीब तीन साल पहले हुई एक घटना का है। पुलिस ने तब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और उस पर केस भी दर्ज किया था। पुरानी घटना के वीडियो को हाल का बताकर भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘मिशन हिन्दू राष्ट्र’ ने 14 फरवरी 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “ज़रा देखिए, हिंदू किस तरह हिज*** बन गए हैं…अयोध्या में, जहां रामभद्राचार्य जी राम कथा सुना रहे थे और जहां 10,000 से अधिक हिंदू एकत्रित हुए थे, मोहम्मद मुख्तार मंडल कथास्थल पर स्थित श्री राम जी की प्रतिमा पर चढ़ गया और उसका सिर तोड़ने की कोशिश की। हिंदू पत्थर उठाकर इस सूअर का सिर फोड़ सकते थे, लेकिन वे वीडियो बनाने में व्यस्त थे। हिंदू मज़ाक बन गए हैं। कितना दुखद और निराशाजनक!”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वीडियो का लंबा वर्जन ‘Bhukkhad Sultanpuriya’ नाम के यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 25 जनवरी 2024 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो अयोध्या में हुए एक कार्यक्रम का है। वीडियो में 8.15 मिनट से देखा जा सकता है कि एक शख्स भगवान राम की मूर्ति को तोड़ने की कोशिश करता है। फिर भीड़ में मौजूद लोग उसे पीटते हैं और पुलिस आकर उसे लेकर जाती है।
प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट पत्रिका की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 30 जनवरी 2024 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “जगद्गुरु रामभद्राचार्य के 75वें जन्म दिवस के मौके पर रामनगरी अयोध्या में 14 से 22 जनवरी तक अमृत महोत्सव का आयोजन किया गया था। इस समारोह में रामचरितमानस पर आधारित थीम पार्क बनाया गया था, जिसमें भगवान राम की विशाल मूर्ति थी। इसी दौरान एक शख्स ने मूर्ति पर चढ़कर उसे तोड़ने की कोशिश की थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी मुख्तार अली मण्डल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।”

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट अयोध्या पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मिली। अयोध्या पुलिस ने 12 फरवरी 2026 को ‘Radharamn Das’ नाम के एक यूजर को रिप्लाई करते हुए लिखा है, “उक्त घटना जनवरी 2024 की है जिसमें तत्समय थाना को अयोध्या पुलिस द्वारा वीडियो में दिख रहें अभियुक्त के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर अभुक्त को जेल भेजा गया था।”
अधिक जानकारी के लिए अयोध्या दैनिक जागरण के संपादकीय प्रभारी रमा शरण अवस्थी से संपर्क किया गया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो करीब तीन साल पहले हुई एक घटना का है।
अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 59 हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि भगवान राम की मूर्ति तोड़ने के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। असल में वायरल हो रहा वीडियो करीब तीन साल पहले हुई एक घटना का है। पुलिस ने तब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और उस पर केस भी दर्ज किया था। पुरानी घटना के वीडियो को हाल का बताकर भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
- Claim Review : अयोध्या में हाल ही में एक मुस्लिम शख्स ने भगवान राम की मुर्ति को तोड़ा।
- Claimed By : FB User मिशन हिन्दू राष्ट्र
- Fact Check : भ्रामक
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