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Fact Check: बाढ़ से बाघ को बचाते हाथी का वीडियो फर्जी, AI तकनीक से किया गया तैयार

इंडोनेशिया में बाढ़ में बह रहे बाघ को बचाने का हाथी का वीडियो असली नहीं है। इस वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है।

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया पर एक बार फिर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इसमें एक हाथी को बाढ़ में बह रहे बाघ को बचाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में हाथी बाघ को अपनी पीठ पर बैठाते हुए दिख रहा है। इस वीडियो को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह घटना इंडोनेशिया के सुमात्रा में देखने को मिली है।

विश्वास न्यूज दिसंबर 2025 में भी इस वीडियो की सच्चाई बता चुका है। दरअसल, वायरल वीडियो असली नहीं है। इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल की मदद से तैयार किया गया है। पिछली पड़ताल को यहां पढ़ा जा सकता है।

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘अजय शुक्ला’ ने 9 जुलाई 2026 को वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ऐसे समय में जब भारत में आदमी जो खुद को सभ्य मानता है, जातीय और धार्मिक नफ़रत की वजह से दूसरे इंसानों की जान ले रहा है, एक बहुत ही दिल को छू लेने वाला नज़ारा सामने आया है। जो दिखाता है कि इंसानों के मुकाबले जानवरों में ज़्यादा हमदर्दी होती है। उनके भीतर एक-दूसरे की मदद करने की भावना होती है। इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप से एक दिल को छू लेने वाला नज़ारा देखिये। अचानक आए ज़बरदस्त बाढ़ के तेज़ बहाव में एक बाघ फँस गया। तभी, सुमात्रा का एक हाथी उसे बचाने की कोशिश करता हुआ दिखाई दिया। हालांकि वहां के इंसान भी इंसानियत का यूं ही परिचय देते हैं।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसके आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्यूज पहले भी इस वीडियो की जांच कर चुका है। इसके लिए हमने कई एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद ली थी। सबसे पहले ‘हाइव मॉडरेशन’ टूल के जरिए इस वीडियो का एनालिसिस किया गया। यहां 99.9 फीसदी संभावना जताई गई कि यह वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए वायरल वीडियो को दूसरे एआई डिटेक्शन टूल ‘DetectVideo AI’ से चेक किया गया। वीडियो को यहां अपलोड करके एनालिसिस करने पर इसके एआई से बने होने की संभावना 68 फीसदी आई।

जांच के दौरान वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकाले गए। फिर इन्हें एआई इमेज डिटेक्टर टूल ‘WasItAI’ की मदद से चेक किया गया। इसके नतीजे से भी यह साफ हो गया कि वायरल वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है।

विश्वास न्यूज ने पिछली जांच के दौरान वायरल वीडियो को लेकर एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे से भी संपर्क किया था। उन्होंने बताया था कि वायरल वीडियो में बाघ और हाथी के मूवमेंट देखकर साफ पता चलता है कि इसे एआई से बनाया गया है। माचवे ने आगे कहा था कि पानी के बहाव और लहरों में भी एक क्लैरिटी है, जिससे वीडियो के एआई से बने होने के संकेत मिलते हैं।

क्या है संदर्भ?

इंडोनेशिया में फरवरी और मार्च 2026 के बीच कई इलाकों में बाढ़ आ गई थी और कई जगह नदियां उफान पर थीं। इससे जान-माल का काफी नुकसान हुआ था। 5 मार्च 2026 की ‘ग्लोबल क्लाइमेट रिस्क्स’ की रिपोर्ट में इसका जिक्र किया गया था। इसके अलावा साल 2025 में भी बाढ़ के कारण इंडोनेशिया के अलग-अलग इलाकों में काफी नुकसान हुआ था।

जांच के अंत में फर्जी वीडियो पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि इस फेसबुक यूजर को 15 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर चंडीगढ़ में रहते हैं। इस अकाउंट को 17 अगस्त 2009 को बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल वीडियो फर्जी साबित हुआ। इंडोनेशिया में बाढ़ में बह रहे बाघ को बचाने का हाथी का वीडियो असली नहीं है। इस वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है।

  • Claim Review : इंडोनेशिया की बाढ़ में फंसे बाघ को हाथी ने बचाया।
  • Claimed By : FB User Ajay Shukla
  • Fact Check : झूठ

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